एक्टिंग, मॉडलिंग में कामयाबी और लग्जरी जीवन के लिए जरुरी है शुक्र का मजबूत होना…

एक्टिंग, मॉडलिंग में कामयाबी और लग्जरी जीवन के लिए जरुरी है शुक्र का मजबूत होना…
युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा फिल्म जगत में जाना चाहता है… किसी को एक्टिंग में हाथ आजमाने हैं तो किसी को मॉडलिंग का शौक है… कोशिश तो हर व्यक्ति कर सकता है, लेकिन कामयाब वही होता है जिसका शुक्र मजबूत है… ये जानकारी देने के पीछे हमारा मकसद किसी को निराश करना कतई नहीं है… ऐसा नहीं है कि आपकी कुंडली में शुक्र नीच का है तो आप बॉलीवुड में जाने की इच्छा पूरी नहीं कर सकते… उसके लिए कुछ उपाय भी हैं और कुछ सुझाव भी… अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिषाचार्य को दिखाएं… कामयाबी आपके कदम चूमेंगी, बस जरुरत है प्रयास करने की…

इसके अलावा शुक्र ग्रह की आपकी कुंडली में स्थिति पर ही निर्भर है कि आपको मनचाहा प्रेम या जीवन साथी मिलेगा या नहीं… अगर आपके अंदर प्रतिभा होने के बावजूद ग्लैमर जगत में सफलता नहीं मिल रही है तो निश्चित मानिये कि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह सही स्थिति में नहीं है…. आप अगर लग्जरी जीवन चाहते हैं या फिर फिल्म्स, म्यूजिक, मॉडलिंग आदी में जाने के इच्छुक हैं तो भी आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह का मजबूत होना बहुत ही जरुरी है… अगर आपकी कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में नहीं है तो भी डरने की जरुरत नहीं, कुछ आसान से उपाय करके भी आप शुक्र को मजबूत कर सकते हैं…

शुक्र ग्रह सौंदर्य का प्रतीक है… जिस जातक की कुंडली में शुक्र उच्च का है, स्वग्रहि है या फिर शुभ ग्रहों से ग्रस्त है तो उसे हमेशा फायदा ही फायदा होता है, उसका समाज में नाम, यश और प्रतिष्ठा होती है, उसे धन की कमी नहीं रहती और उसका पारिवारिक, दाम्पत्य जीवन भी हमेशा सुखमय ही रहता है, उसे मनचाहा प्रेम या जीवन साथी मिलता है…. उनकी कुंडली में एक मालव्य नाम का योग भी बन जाता है और वह हमेशा लग्जरी जीवन जीता है….. और जिन लोगों की कुंडली में शुक्र कमजोर होता है वो ना तो अपनी बात ठीक तरीके से कह पाते हैं, उनका पारिवारिक और दांपत्य जीवन कष्टकारी होता है, उन्हें मनचाहा प्रेम या जीवनसाथी नहीं मिलता…. हां, एक बात और किसी भी व्यक्ति की सेक्स पावर भी शुक्र पर ही निर्भर है… अच्छा शुक्र होने वाले लोग पराधीन जीवन नहीं जी पाते, उनका जीवन लग्जरी से भरा होता है… इसलिए बेहतर होगा कि आप अगर किसी भी तरह की शंका में हैं तो किसी योग्य ज्योतिषाचार्य को अपनी जन्मकुंडली जरुर दिखाएं…. हम आपको ये भी बता दें कि अपने जीवनसाथी को कष्ट देने, किसी भी प्रकार के गंदे वस्त्र पहनने, घर में गंदे एवं फटे पुराने वस्त्र रखने से शुक्र ग्रह अशुभ फल देता है…

शुक्र- लाल किताब की नजर से—–

लाल किताब के अनुसार शुक्र ग्रह की कुण्डली में शुभ स्थिति जीवन को सुखमय और प्रेममय बनाती है तो अशुभ स्थिति चारित्रिक दोष एवं पीड़ा दायक होती है…..

शुक्र को सबसे चमकीला और सुन्दर ग्रह कहा गया है.यह संध्या काल में एवं प्रात: काल में चमकने वाला ग्रह है.लाल किताब में इसे प्रेम और वासना का अधिपति माना गया है.कुण्डली में इसकी शुभ स्थिति जीवन को सुखमय और प्रेममय बनाती है तो अशुभ स्थिति चारित्रिक दोष एवं पीड़ा दायक होती है.

लाल किताब के अनुसार 7 वां घ्रर जिसे वैदिक ज्योतिष में प्रेम और जीवनसाथी का घर कहा गया है उसका स्वामी शुक्र होता है.शुक्रवार का अधिपति शुक्र होता है.यह बुध, शनि और केतु का मित्र और सूर्य, चन्द्र एवं राहु से शत्रुता रखता है.मंगल और बृहस्पति के साथ इसका वैर होता है.टेवे में 2, 3, 4, 7 एवं 12 वें खाने में शुक्र श्रेष्ठ होता है जबकि 1, 6, 9 वें खाने में मंदा होता है.मीन राशि में यह उच्च होता है और कन्या में नीच.मिथुन राशि में यह योग कारक होता है.सप्तम भाव में यह जिस ग्रह के साथ सम्बन्ध बनाता है उसे अपना प्रभाव दे देता है.

शुक्र को परिवार और गृहस्थी का कारक माना गया है.पुरूष की कुण्डली में यह पत्नी और स्त्री की कुण्डली में पति की स्थिति को दर्शाता है.लाल किताब कहता है कि यह कुण्डली में अकेला होने पर अहित नहीं करता है और इससे प्रभावित व्यक्ति किसी को परेशान नहीं करता है.टेवे में सातवें खाने में शुक्र, शनि एवं सूर्य की युति होने पर सूर्य मंदा होता है एवं शुक्र भी अशुभ हो जाता है.इस स्थिति में धन की हानि होती है एवं पिता से अच्छे सम्बन्ध नहीं रह पाते हैं.शुक्र जब बारहवें घर में होता है तब धन और उच्चपद प्रदान करता है.

शरीर में जननांग, वीर्य, नेत्र पर शुक्र का प्रभाव रहता है.शुक्र प्रेम, विवाह, वासना, मैथुन, सुख, ऐश्वर्य, गायन एवं नृत्य का अधिपति होता है.शुक्र विवाह एवं वैवाहिक सुख सहित सम्बन्ध विच्छेद का भी कारक होता है.शुक्र प्रभावित व्यक्ति आशिक मिज़ाज का होता है.सुन्दरता एवं कला का प्रेमी होता है.जिस पुरूष की कुण्डली में शुक्र शुभ और उच्च का होता है वह श्रृंगार प्रिय होता है.इन्हें स्त्रियों का साथ पसंद होता है व इनसे लाभ भी मिलता है.

शुक्र अशुभ होने पर व्यक्ति में चारित्रिक दोष होता है.मंदा शुक्र पारिवारिक एवं गृहस्थ जीवन में अशांति और कलह पैदा करता है.त्वचा सम्बन्धी रोग, स्वप्न दोष.अंगूठे में अकारण पीड़ा मंदे शुक्र की निशानी कही गयी है.

लाल किताब में शुक्र का उपाय —-
लाल किताब में प्रत्येक भाव में शुक्र की शुभता एवं उपचार सम्बन्धी उपाय बताए गये हैं.शुक्र की शुभता के लिए कुछ सामान्य उपायों में पत्नी का सम्मान करना चाहिए.शुक्रवार का व्रत करना चाहिए.मन और हृदय पर काबू रखना चाहिए और भटकाव की ओर जाने से रोकना चाहिए.सात प्रकार के अनाज और चरी का दान करना चाहिए.चतुर्थ भाव में शुक्र मंदा होने पर पत्नी से दो बार शादी करनी चाहिए.धन एवं संतान के लिए स्त्री को बालों में सोने की क्लिप या सूई लगाकर रखना चाहिए.खाना नम्बर 6 में शुक्र मंदा होने पर संतान हेतु अंगों को दूध से धोना चाहिए.लाल किताब शुक्र के सम्बन्ध में मन और इंद्रियों को नियंत्रित करने पर विशेष बल देता है….

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