जानिए महेंद्र सिंह धोनी के जन्मदिन (07 जुलाई) पर कुछ विशेष —

आज टीम इंडिया के सबसे सफल कैप्टन मिस्टर महेन्द्र सिंह धोनी का जन्मदिन है। माही के नाम से लोगों के दिलों में धड़कने वाले धोनी ने क्रिकेट के कैनवस पर जिस तरह से भारतीय टीम की शक्ल बदली उसके आगे पूरा विश्व ही नतमस्तक है। उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हुए 12 साल पूरे हो चुके हैं। 

टीम इंडिया के मौजूदा सीमित ओवरों के इस बेताज बादशाह को उनके बर्थथडे पर शुभकामनाएं देते हुए पंडित दयानन्द शास्त्री भी बोलता है…

“जन्मदिन मुबारक हो माही..तुम जियो हजारों साल”।

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म  7 जुलाई 1981 को झारखंड के रांची में हुआ था, उनके पिता का नाम पान सिंह और मां का नाम देवकी देवी है, धोनी की एक बहन जयंती और एक भाई नरेंद्र भी है। धोनी के परिजनों ने कभी सोचा भी नहीं था, कि उनका बेटा एक दिन पूरी दुनिया में उनका और अपने देश का नाम रौशन करेगा। धोनी की पढ़ाई रांची के जवाहर विद्यालय में हुई, इसी स्कूल में सबसे पहले धोनी ने क्रिकेट का बल्ला भी थामा था। 

1992 में जब धोनी छठी क्लास में पढ़ रहे थे, तभी उनके स्कूल को एक विकेट कीपर की जरूरत थी, लिहाजा उन्हें विकेट के पीछे खड़े होने का मौका मिला। जब स्कूल के दोस्त पढ़ाई से समय बचने पर खेलते थे तब महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट से समय मिलने पर पढ़ाई किया करते थे। 

स्कूल के बाद धोनी जिलास्तरीय कमांडो क्रिकेट क्लब से खेलने लगे थे। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड की टीम से भी क्रिकेट खेला और हर जगह अपने खेल से लोगों का दिल जीतते चले गए। धोनी दी ए वि जवाहर विद्यालय मंदिर, श्यामली, रांची, झारखण्ड में पढ़ते थे जहा उन्होंने शुरू से ही बैडमिंटन और फुटबॉल में अपना हुनर प्रदर्शन किया जिस कारन वे जिला व् क्लब लेवल में भी चुने गए. 

धोनी अपने फुटबॉल टीम के गोलकीपर भी रह चुके है. उन्हें लोकल क्रिकेट क्लब में क्रिकेट खेलने के लिए उनके फुटबॉल कोच ने भेजा था. हालाँकि उसने कभी क्रिकेट नहीं खेला था, फिर भी धोनी ने अपने विकेट-कीपिंग के कौशल से सबको प्रभावित किया और कमांडो क्रिकेट क्लब के (1995-1998) में नियमित विकेटकीपर बने. क्रिकेट क्लब में उनके अच्छे प्रदर्शन के कारन उन्हंप 1997-98 सीजन के विनु मांकड़ ट्राफी अंडर सिक्सटीन चैंपियनशिप में चुने गए जहा उन्होंने बहेतरिन प्रदर्शन किया. 

जानिए धोनी कैसे बने टिकट कलेक्टर–

धोनी ने पहली बार 18 साल की उम्र में रणजी मैच खेला था, धोनी बिहार रणजी टीम की तरफ से खेलते थे, इसी दौरान रेलवे में बतौर टिकट कलेक्टर धोनी की नौकरी भी लग गई और उनकी पहली पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में हुई थी। 2001 से 2003 तक धोनी खड़गपुर के स्टेडियम में क्रिकेट खेला करते थे, 22 साल की उम्र में धोनी रेलवे की नौकरी करने खड़गपुर पहुंचे, लेकिन धोनी को ये नौकरी रास नहीं आई। धोनी को तो कुछ और ही करना था, यही वजह थी कि खड़गपुर में धोनी ने क्रिकेट की अपनी एक नई दुनिया बसा ली, धोनी वहां रेलवे की टीम के लिए खेला करते थे।

कैसे हुआ धोनी का टीम इंडिया में सलेक्शन-

2003-04 में कड़ी मेहनत के कारण धोनी को जिंबाब्वे और केन्या दौरे के लिए भारतीय ‘ए’ टीम में चुना गया। जिंबाब्वे के खिलाफ उन्होंने विकेट कीपर के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7 कैच और 4 स्टंपिंग कीं। इस दौरे पर बल्लेबाजी करते हुए धोनी ने 7 मैचों में 362 रन भी बनाए। धोनी के कामयाब दौरे के बाद तत्कालीन टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें टीम में लेने की सलाह दी। 2004 में धोनी को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली। हालांकि वह अपने पहले मैच में कोई खास कमाल नहीं कर पाए और जीरो पर आउट हो गए। इसके बाद भी कई मैचों में धोनी का बल्ला नहीं चला, लेकिन 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए धोनी ने 123 गेंदों पर 148 रनों की ऐसी तूफानी पारी खेली कि सभी इस खिलाड़ी के मुरीद बन गए। इसके कुछ दिनों बाद ही धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में बल्लेबाजी करते हुए 183 रनों की पारी खेली जो किसी भी विकेटकीपर बल्लेबाज का अब तक का सर्वाधिक निजी स्कोर है। इसके बाद से एक दिवसीय मैचों में उन्हें ‘गेम-चेंजर’ माना जाने लगा।

जानिए कैसे धोनी 2007 में बने वनडे के कप्तान-

 

धोनी पहली बार सितंबर, 2007 में भारत की ट्वेंटी-20 टीम के कप्तान बनाए गए। साल 2007 में ही उन्होंने पहली बार भारत की वनडे टीम की भी कमान संभाली। अगले साल यानी 2008 में पहली बार भारत की टेस्ट टीम के कप्तान बने। धोनी की अगुवाई में भारत ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 विश्व कप जीता। वहीं साल 2011 में वनडे विश्व कप भारत के नाम हुआ। धोनी आईपीएल में अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स को साल 2010 और 2011 में जीत दिला चुके हैं। वे दुनिया के पहले कप्तान हैं जिनके नाम टी-20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड है।

ये मिले धोनी को सम्मान-

धोनी को कई सम्मान भी मिले हैं। 2008 में आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड, राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और 2009 में भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरस्कार धोनी को मिला। धोनी देश के सबसे अमीर खिलाड़ी माने जाते हैं। इतना ही नहीं दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों की फेहरिस्त में फोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें 16वें पायदान पर रखा है। धोनी की मौजूदा सालाना कमाई लगभग 200 करोड़ रुपये है।

धोनी के बारे में कुछ विशेष जानकारी –

—अपने स्कूली दिनों में धोनी स्कूल की फुटबॉल टीम में बतौर गोलकीपर खेला करते थे।

– 1998 में महेंद्र सिंह धोनी को सेंट्रल कोल लिमिटेड (सीसीएल) ने अपनी टीम में शामिल किया। 

– सीसीएल की ओर से तब उन्हें 2200 रुपए महीने स्टाइपेंड दिया जाता था।

उनकी यह सैलरी दूसरे प्‍लयर्स से 200 रुपए ज्यादा थी, क्योंकि उन्हें मैचविनर प्लेयर माना जाता था। 

– असल में सीसीएल की ओर से ऐसे खिलाडि़यों को प्रमोट किया जाता था,… 

—महेंद्र सिंह धोनी मोटर साइकल/बाइक्स के दीवाने/शौकीन हैं |

आइये जाने धोनी और “07 ” नंबर का किस्मत कनेक्शन—

धोनी का लकी नंबर 7? यही नहीं 7 अगस्त 2007..को बीसीसीआई ने महेन्द्र सिंह धोनी को T20 टीम का कप्तान बनाने का ऐलान किया था। जिसमें दो बार 7 था और इस 7 ने पहली बार ही टीम इंडिया को टी20 विश्वकप का सरताज बना दिया था। बाईक और गाड़ियों के नंबर में भी 7 अंक वाले धोनी ने शादी भी साल के सातवें महीने में की है और यहां तक कि उनकी बाईक और गाड़ियों के नंबर  भी 7 अंक वाले हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि धोनी केवल किस्मत के भरोसे ही आगे बढ़ते रहे हैं। अपने बालों की वजह से फिर चर्चा में माही, जानिए क्यों? 

लोग ये क्यों भूल जाते हैं कि किस्मत केवल उन्हीं का साथ देती है जो खुद हिम्मती होते हैं, क्रिकेट के मैदान के ऐसे बहुत सारे फैसले और कहानियां हैं,  जहां धोनी ने जोखिम लेते हुए टीम को जीत दिलाई है।जरा याद कीजिये टी20 विश्वकप का फाइनल हो या फिर साल 2011 का विश्वकप, जहां उनके हैरत अंगेज फैैसलोंं ने टीम को विजयी बनाया

1. 7 जुलाई को जन्मे धोनी के लिए सात अंक हमेशा भाग्यशाली रहा है ||

2. धोनी की बाइक, ऑडी, लैंड रोवर सहित सभी गाड़ियों का नंबर 0007 है। 

3. भारतीय टीम में 7 नंबर की जर्सी में धोनी खेलते है। 

4. टीम में खुद को धोनी नंबर 7 की प्लेस में रखते हैं। 

5. जब उन्होंने पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता था तो वह साल 2007 था। 

6. दो बार आईपीएल चैंपियन रह चुके धोनी लगातार 7वीं बार चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी संभाल रहे हैं। 

7. आईपीएल में धोनी 25 बार नाबाद रहे हैं और उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 70 रन है। 

8. उनके जीवन में उनकी बेटी भी लकी नंबर 7 के साथ ही आई है। बेटी का मूलांक 7 है, क्योंकि बेटी का जन्म 06-02-2015 को हुआ है। इसका जोड़ पूरी तरह से 7 है। 0+6+0+2+2+0+1+5 को जोड़ने पर 16 आता है। 16 यानि 1+6 का जोड़ होता है लकी नंबर 7।

पूरा नाम  – महेंद्र सिंह धोनी

जन्म     – 7 जुलाई 1981

जन्मस्थान – रांची, बिहार(झारखण्ड)

पिता     – पान सिंह

माता     – देवकी देवी

विवाह    – साक्षी सिंह रावत से (2010  में)

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