जानिए अतृप्त या अकाल मृत्यु अथवा असमय मृतकों के निमित श्राद्ध कब करें ???

जानिए अतृप्त या अकाल मृत्यु अथवा असमय मृतकों के निमित श्राद्ध कब करें ???

इन श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध सभी करते हे ।।
गर्भपात में या अबॉर्शन में खुद के द्वारा करवाये ( असमय अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा)गर्भपात आदि इनके निमित्त पिंड दान श्राद्ध आवश्यक हे ।।
यह गुप्त हत्या हे।।

इससे दोहरा दोष लगता हे ।। आपको हत्या का और पितरों का ।।।
यदि आपके द्वारा या आपके परिवार के किसी सदस्य द्वारा ऐसा दुष्कृत्य हुआ हो तो (इससे पीड़ित होने पर) तरक्की नहीं होती हे ।। कोई न कोई परेशानी, रूकावट या व्याधि बानी ही रहती हैं।।

आजकल अधिकतर बच्चे और नवयुगल (विशेषकर युवतियां/ महिलाएं) यह गलती करते हे और दुःख उठाते हे ।।
यदि यह आप कर चुके हे तो इसका दोष निवारण करे ।। यह अजन्मे के दोष में आता हैं । आपकी बर्बादी का कारण यह भी जो आपको राहु के दोष में दीखता हैं।। उज्जैन स्थित गया कोठी तीर्थ पर आकर इनकी शांति करवाये ।। आज के समय में हर परिवार इस दोष से ग्रसित हे और हर परिवार अंतर कलह और मन भेद- मतभेद एवं व्यापार आदि से दुखी हे।।
सबकुछ होने पर भी शांति नहीं हे ।।

*** गर्भपात वाले जिस दिन अबॉर्शन करवाया हे उस तिथि को उस अज्ञात , अतृप्त , असमय मृत्यु को प्राप्त आत्मा का विधान पूर्वक तर्पण करवाये …।। अधिक जानकारी के लिए आप मुझे ( पण्डित “विशाल” दयानन्द शास्त्री से) संपर्क कर सकते हैं।। मेरा नंबर हैं–09039390067 एवम् 09669290067…।। उसकी आत्मा की शान्ती हेतु उज्जैन के गया कोठी तीर्थ या सिद्धवट तीर्थ पर पिंड दान भी करे ।।

यह अज्ञात पित्र आपके हर कार्य में रुकावटे देते हे ।।
श्राद्ध पक्ष का आगमन होने को इसमें पित्र दोष वाले पितरों के निमित्त श्राद्ध करे ।।
भोजन , तर्पण , दान करे …।।

कब और कैसे करें श्राद्ध—
इस वर्ष पितरों को प्रसन्न करने का पावन उत्सव “श्राद्ध” 28 सितम्बर 2015 से शुरू हो रहे हैं और 12 अक्टूबर 2015 को समाप्त होंगे।।।

आपके द्वारा जीवन के हुए अज्ञात पाप का प्रायश्चित के लिए अभी से तैयारी करे और उनकी मुक्ति- मोक्ष हेतु इस श्राद्धपक्ष में उज्जैन के गया कोठी तीर्थ या सिद्धवट पर तर्पण अवश्य कीजिये और अपने जीवन की अनेक बाधाओं-परेशानियों से छुटकारा पाइए।।

इस वर्ष श्राद्ध की तिथियाँ (आश्विन मास कृष्ण –श्राद्ध पक्ष ) :—-
पूर्णिमा श्राद्ध 28/09/2015…
पहला श्राद्ध 28/09/2015…
दूसरा श्राद्ध 29/09/2015…
तीसरा श्राद्ध 30/09/2015…
चौथा श्राद्ध 01/10/2015…

पांचवा श्राद्ध 02/10/2015 —इस दिन कुंवारे(अविवाहित) मृतकों का श्राद्ध किया जाता हे…

छठवां श्राद्ध 03/10/2015…
सातवां श्राद्ध 04/10/2015..
आठवां श्राद्ध 05/10/2015..
नवमी श्राद्ध 06/10/2015…
दशमी श्राद्ध 07/10/2015…
एकादशी श्राद्ध 08/10/2015..
द्वादशी श्राद्ध 09/10/2015..
त्रयोदशी श्राद्ध 10/10/2015..

चतुर्दशी श्राद्ध 11/10/2015– इस तिथि को लड़ाई झगडे या हत्या या एक्सीडेंट में मारेे गए ( अकाल मृत्यु को प्राप्त) उनका श्राद्ध करते हे ..।।।

अमावस्या श्राद्ध 12/10/2015 जिनकी तिथि ज्ञात.. नहीं उनका श्राद्ध इस तिथि को करे ।।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें–
पण्डित “विशाल” दयानन्द शास्त्री।।
इंद्रा नगर, उज्जैन (मध्यप्रदेश)
मोब.–09039390067 एवम् 09669290067…।।

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