होली पर करें ये तांत्रिक उपाय

होली पर करें ये तांत्रिक उपाय–

पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार तांत्रिक क्रियाओं की दृष्टि से होली का दिन विशिष्ट माना गया है। होली पर्व को तंत्र के अभिचार कर्म का प्रयोग करने के लिए विशिष्ट माना जाता है। तंत्र के अभिचार कर्म का आशय वशीकरण, मोहन, मारण, उच्चाटन, स्तम्भन एवं विद्वेषण से है। होली का पर्व तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु शुभ मुहूर्त है। तांत्रिक अभिचार कर्मों से मुक्ति के लिए होली के दिन की गई साधनाएँ एवं प्रयोग सरलता से सफल होते है।

पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार इस वर्ष होली का पर्व इस वर्ष 05 मार्च 2015 को है। तंत्र शास्त्र के अनुसार होली के दिन कुछ खास उपाय करने से मनचाहा काम हो जाता है। तंत्र क्रियाओं के लिए प्रमुख चार रात्रियों में से एक रात ये भी है।पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार चूंकि ये पर्व पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसलिए इस दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने वाले टोटके विशेष रूप से किए जाते हैं। इस दिन हनुमानजी को तांत्रिक विधि से चोला चढ़ाने से हर बिगड़ा काम बन जाता है और साधक पर हनुमानजी की विशेष कृपा होती है। जानिए होली के दिन हनुमानजी को किस प्रकार चोला चढ़ाना चाहिए-
– होली के दिन शाम के समय हनुमानजी को केवड़े का इत्र व गुलाब की माला चढ़ाएं। हनुमानजी को प्रसन्न करने का ये बहुत ही अचूक उपाय है। इस उपाय से हर मनोकामना पूरी हो जाती है।
– होली के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद बड़ के पेड़ से 11 या 21 पत्ते तोड़े लें। ध्यान रखें कि ये पत्ते पूरी तरह से साफ व साबूत हों। अब इन्हें स्वच्छ पानी से धो लें और इनके ऊपर चंदन से भगवान श्रीराम का नाम लिखें। अब इन पत्तों की एक माला बनाएं। माला बनाने के लिए पूजा में उपयोग किए जाने वाले रंगीन धागे का इस्तेमाल करें। अब समीप स्थित किसी हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान प्रतिमा को यह माला पहना दें। हनुमानजी को प्रसन्न करने का यह बहुत प्राचीन टोटका है।
– यदि आप पर कोई संकट है, तो होली के दिन नीचे लिखे हनुमान मंत्र का विधि-विधान से जप करें—-
मंत्र—-
“ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा”
जप विधि—–
—- सुबह जल्दी उठकर सर्वप्रथम स्नान आदि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद अपने माता-पिता, गुरु, इष्ट व कुलदेवता को नमन कर कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठें। पारद हनुमान प्रतिमा के सामने इस मंत्र का जप करेंगे, तो विशेष फल मिलता है। जप के लिए लाल हकीक की माला का प्रयोग करें।
—– होली के दिन तेल, बेसन और उड़द के आटे से बनाई हुई हनुमानजी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करके तेल और घी का दीपक जलाएं तथा विधिवत पूजन कर पूआ, मिठाई आदि का भोग लगाएं। इसके बाद 27 पान के पत्ते तथा सुपारी आदि मुख शुद्धि की चीजें लेकर इनका बीड़ा बनाकर हनुमानजी को अर्पित करें। इसके बाद इस मंत्र का जप करें-
मंत्र- नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।
फिर आरती, स्तुति करके अपने इच्छा बताएं और प्रार्थना करके इस मूर्ति को विसर्जित कर दें। इसके बाद किसी योग्य ब्राह्मण को भोजन कराकर व दान देकर ससम्मान विदा करें।
यह टोटका करने से शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूरी होगी।
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तंत्र रक्षा कवच प्रयोग–
होली की रात्रि में एकांत स्थल पर कुश के आसन पर बैठकर सामने लकड़ी की चौकी पर काला वस्त्र बिछाकर ताम्रपत्र पर बना तंत्र रक्षा ताबीज रखकर नीचे दिए हुए मंत्र की ग्यारह मालाएँ हल्दी की माला के द्वारा जपकर सिद्ध कर लें-
ऊँ ह्री ह्रीं क्लिंम
मंत्र जप के उपरांत काले धागे में ताबीज को डालकर गले में धारण कर लें। यदि किसी व्यक्ति को ऊपर बाधाओं से पीड़ा मिल रही हो, हो तो इस प्रयोग के द्वारा तंत्र रक्षा ताबीज करने से उससे मुक्ति मिलती है।

धन वृद्धि के लिए उपाय—-
अगर आप धन चाहते हैं तो इसके लिए किए जाने वाले टोटके के लिए भी होली उपयुक्त दिन है। आप होली की रात अपने घर में एकांत स्थान पर बैठकर नीचे लिखे मंत्र का जप कमल गट्टे की माला से करें।
इस उपाय से आपके धन में वृद्धि होगी।
मंत्र- ऊँ नमो धनदाय स्वाहा

शत्रु बाधा नियंत्रण हेतु प्रयोग—-
होली की रात्रि में काँसे की थाली में कनेर के 11 पुष्प तथा गुग्गल की 11 गोलियाँ रखकर जलती हुई होली में नीचे दिए हुए मंत्र को जपते हुए जलती हुई होली में डालनी चाहिए।
मंत्र इस पकार है:-
ऊँ ह्लीं हुं फट्।
होली के दिन द्विमुखी दीपक जलाकर मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर रख देना चाहिए। जब वह जलना बंद हो जाए, तो उसे होली की अग्नि में डाल देना चाहिए। दीपक जलाते समय मन ही मन यह कामना करनी चाहिए कि आपको भविष्य में धनहानि का सामना नहीं करना पड़ेगा।

राजकार्य में सफलता——
चौराहे पर होली के समीप जाकर होली की उल्टे सात फेरे करें तथा प्रत्येक चक्र पूर्ण होने पर आक का टुकड़ा होली में फेंक दें। इस प्रकार कुल मिलाकर आक की जड़ के सात टुकड़े होली में फेंक दें। यह प्रयोग उस समय करना चाहिए, जब होली में अग्नि प्रज्ज्वलित नहीं हो। आंक का टुकड़ा इस प्रकार फेंके कि वह होली में जाकर गिरे, होली से बाहर नहीं। ऐसा करने से राजपक्ष से चली आ रही बाधाएं दूर होती हैं। यदि किसी विशेष राजधिकारी से परेशानी आ रही हो तो आक के टुकड़ों पर गोरोचन आ रही हो, तो आक के टुकड़ों पर गोरोचन द्वारा अनार की कलम से उसका नाम लिखकर होली में डालना चाहिए।

दुर्घटना से बचाव—–
दुर्घटना से बचाव के लिए होली की रात्रि में होलिका दहन से पूर्व हाथ में पांच काली गुज्जा लेकर होली की पाँच परिक्रमा लगाकर अंत में होलिका की ओर पीठ करके पाँचों गुंजाओं को सिर के ऊपर पांच बार फेरकर हाथों को सिर के ऊपर उठाकर होली में फेंक देना चाहिए। स्वास्थ्य लाभ हेतु होलिका दहन के समय होली की ग्यारह परिक्रमा लगाते हुए मन ही मन निम्नलिखित मंत्र का जाप करना चाहिए:-
देहि सौभाग्यमारोग्यं, देहि मे परमं सुखं।
रुपं देहि, जयं देहि, यशो देहि, द्विषो जहि।।
होली के बाद भी प्राय:काल इस मंत्र का ग्यारह बार जप अवश्य करना चाहिए।

शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति हेतु प्रयोग—–
होली की संध्या को काले कुत्ते को तेल की चुपड़ी हुई रोटी खिलानी चाहिए। यदि कुत्ता रोटी खा ले तो अवश्य ही शनि ग्रह द्वारा आपको मिल रही। पीड़ा शांत होती है। यदि कुत्ता रोटी नहीं खाए तो शनि को अशुभ मानना चाहिए। काले कुत्ते को घर के द्वार पर अथवा घर के अंदर नहीं लाना चाहिए, अपितु उसके पास जाकर सड़क पर ही रोटी खिलानी चाहिए।

ग्रह दोष निवारण हेतु प्रयोग—
होली की रात्रि में होलिका दहन में से जलती हुई लकड़ी घर पर लाकर नवग्रहों की लकडिय़ों एवं गाय के गोबर से बने उपलों की होली प्रज्ज्वलित की जानी चाहिए। उसमें घर के प्रत्येक सदस्य को देशी घी में भिगोई हुई दो लौैंग, एक बतासा, एक पान का पत्ता चढ़ाना चाहिए। परिक्रमा लगाते समय जौ के दाने उसमें डालते रहें। सर्वार्थसिद्ध योग के दिन होली की राख को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें या बहता हुआ कुएँ में डाल दें।

रोग नाश के लिए उपाय—-
अगर आप किसी बीमारी से पीडि़त हैं तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है।होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जप तुलसी की माला से करें।
मंत्र- ऊँ नमो भगवेत रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा

भाग्य चमकाने का शक्तिशाली टोटका—-
होली के पर्व से एक दिन पूर्व संध्या काल में जिस पलाश वृक्ष पर बांदा हो उसी पेड को निमंत्रण देकर आएं। कुंकुम-अक्षत, सुपारी नैवेद्य आदि भेंट कर निवेदन करें कि कल्याणकारी कार्य के लिए मैं आपका बांदा ले जाऊंगा। क्षमा करें। होली वाले दिन प्रात: सूर्य उदय हो जाने से पूर्व वह बांदा ले आएं और गन्धाक्षत पुष्प से मंत्रोपचार पूजा करें, देवदारू की धूप दें, मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। अब निम्न मंत्र को 1008 बार जप कर बांदे को अपनी तिजोरी में जहां रकम गहने आदि रखते हैं, रख दें।

ओम वृक्षराज! वमृद्धस्त्वं, त्रिषु लोकेशु वर्तसे।
करू धान्य समृद्धि त्वं, क्षेत्रे कौटोधवर्जिते।।

शीघ्र विवाह के लिए उपाय—–
होली के दिन सुबह एक साबूत पान पर साबूत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं यही प्रयोग अगले दिन भी करें।अतिशीघ्र ही आपके विवाह होने की संभावनाएं बनेंगी।

पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार यदि आप बेरोजगार हैं, और बहुत प्रयत्न करने के बाद भी आपको रोजगार नहीं मिल रहा है तो निराश होने की कोई जरुरत नहीं है। कुछ साधारण तांत्रिक उपाय कर आप रोजगार पा सकते हैं—-
1.आप शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में जाकर मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाएं और मंदिर में ही बैठकर लाल चंदन की या मूंगा की माला से 108 बार :-

कवन सो काज कठिन जग माही।जो नहीं होय तात तुम पाहिं।।

मंत्र का जप करें और 40 दिनों तक रोज अपने घर के मंदिर में इस मंत्र का जप 108 बार करें। 40 दिनों के अंदर ही आपको रोजगार मिलेगा।
2. आप शनैश्चरी अमावस्या के दिन एक कागजी नींबू लें और शाम के समय उसके चार टुकड़े करके किसी चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें।
3.आप मंगलवार से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सुबह के समय नंगे पैर हनुमानजी के मंदिर में जाएं और उन्हें लाल गुलाब के फूल चढ़ाएं।
4.आप इंटरव्यू में जाने से पहले लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का 11 बार जप करें:-ऊँ वक्रतुण्डाय हुं |
जप से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए दूध से अभिषेक करें।
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तंत्र शास्त्र के अनुसार होली के अगर इस दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाया जाए तो साधक की किस्मत चमक जाती है। हनुमानजी को चोला चढ़ाते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
—-हनुमानजी को चोला होली की रात को चढ़ाना चाहिए। सबसे पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा।
—-चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।
—-चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें।
—–अब एक साबूत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को इसका भोग लगाएं।
—–भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।
मंत्र—-
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।

—अब हनुमानजी को चढ़ाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।
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—-होली के एक दिन पहले एक ऐसे पेड़ के नीचे जाए जिस पर चमगादड़ लटकती हो उस पेड़ की एक डाल को निमंत्रण दे कि कल हम तुम्हें ले जाएंगे।होली वाले दिन सूर्योदय से पूर्व उस डाल को तोड़कर ले आए। रात को उस डाल एवं उसके पत्तों का पूजन कर अपनी गद्दी के नीचे रखें। आपका व्यवसाय खूब फलेगा-फुलेगा।

जानिए तांत्रिक दुष्कर्मों के प्रभाव से बचने हेतु सावधानियाँ—-

पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार होली पर तांत्रिक दुष्कर्मों के प्रभाव से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए—-
1. होली के दिन प्रात:काल हींग के पानी से कुल्ला मुख शोधन करना चाहिए।
2. प्रात:काल उठते ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दी गई वस्तु नहीं खानी चाहिए। जो व्यक्ति आपसे मन ही मन विद्वेष भाव रखता हो, उसके द्वारा दी गई वस्तु को नहीं रखना, उसके द्वारा दी गई वस्तु का सेवन करने से बचना चाहिए।
3. सिर पर साफा, टोपी आदि पहननी चाहिए। ऐसा करने से सिर पर चावल आदि तांत्रिक वस्तुएँ फेंकने के प्रयोगों से रक्षा होती है।
4. यदि व्यक्ति आपका पहना हुआ वस्त्र, रूमाल आदि मांगे अथवा अन्य किसी युक्ति से ले जाना चाहे, तो उसे ऐसा करने से रोकना चाहिए, क्योंकि अनेक तांत्रिक प्रयोगों में पहने हुए वस्त्र, रुमाल आदि की आवश्यकता होती है तथा उनका प्रयोग होने पर संबंधित व्यक्ति प्रभावित हो जाता है।
5. होली के दिन दूसरे व्यक्ति विरोधी के द्वारा दिया गया दान, इलायची, लौैंग आदि का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दिन तांत्रिक क्रियाएँ शीघ्र प्रभावी होती हैं।

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