कामसुख/कामसूत्र…जानिए केसे खुश रखें अपने साथी को..???

कामसुख/कामसूत्र…जानिए केसे खुश रखें अपने साथी को..???

कामसूत्र एवं उसके बाद के कई कामशास्‍त्रों ने प्रेम के चार भेद बताए हैं। वैसे सच तो यह है कि प्रेम, प्रेम होता है इसका क्‍या भेद? लेकिन भारत के प्राचीन काल में काम को एक कला के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है, इससे प्रेमी-प्रेमिका या पति-पत्‍नी के जीवन में नीरसता उत्‍पन्‍न नहीं हो पाती और उनके जीवन में प्रेम रस हमेशा घुलता रहता है।

कामसूत्र (kamasutra) सभी लगभग सभी कामशास्‍त्रों ने प्रेम को चार भागों में बांटने की कोशिश की हैा यहां प्रेम के उस स्‍वरूप को आधुनिक परिप्रेक्ष्‍य में समझाने की कोशिश की गई है। अंत:क्रिया, अभिमान, स्‍वीकृति और अनुभव के रूप में प्रेम को आज के हिसाब से समझाया गया है ताकि प्रेमी-प्रेमिका का प्रेम रस सभी सूख न पाए।

* अंत:क्रिया:—-
हर प्रेम संबंध आपसी अंत:क्रिया यानी एक-दूसरे के संपर्क में आने, बार-बार मिलने-जुलने और अधिक समय तक साथ बिताने से उत्‍पन्‍न होता है। कामशास्‍त्रियों का मत है कि स्‍त्री पुरुष जितना अधिक से अधिक वक्‍त एक साथ गुजारेंगे, उनके बीच प्रेम उतना ही प्रगाढ़ होगा।

शादी से पूर्व:—–
शादी से पहले प्रेमी-प्रेमिका घूमने-फिरने, साथ पढ़ने, पुस्‍तकालय में समय बिताने, आधुनिक समय में शॉपिंग करने व सिनेमा देखने में अधिक से अधिक वक्‍त बिता सकते हैं। पार्क, रेस्‍तरां, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल जैसे जगह अधिक समय तक साथ रहने के लिए प्रेमियों के लिए मुफीद जगह है।

शादी के बाद:——
अरेंज मैरेज में दो अनजान लोग मिलते हैं जबकि प्रेम विवाह में पूर्व के प्रेमी-प्रेमिका शादी के बंधन में बंधते हैं। शादी से पहले जहां दोनों मिलने के लिए रोज-रोज नए रास्‍ते तलाशते रहते हैं, वहीं शादी के शुरुआत में तो यह चलता रहता है, लेकिन ज्‍यों-ज्‍यों समय बीतता जाता है दोनों घर-गृहस्‍थी, बच्‍चे और काम की वजह से एक-दूसरे को कम वक्‍त देते हैं, जिससे रिश्‍तों की मिठास समाप्‍त होती चली जाती है।

यही वजह है कि अधिकांश जोड़े देखने से ही दुखी लगते हैं, उनमें आनंद का भाव ही नहीं दिखता है। शादी के बाद भी घर के अंदर खाना बनाने, साथ टीवी देखने, डीवीडी पर सिनेमा देखने, बच्‍चों को साथ स्‍कूल छोड़ने, साथ चाय पीने, खाना खाने, घरेलू कामों में एक-दूसरे की मदद करने जैसे कामों के जरिए हर वक्‍त नजदीकी के अहसास से भरे रह सकते हैं।

छुट्टी के दिनों में साथ में लूडो, शतरंज, कैरम, बैडमिंटन जैसे खेल भी खेला जा सकता है, बाहर घूमने, शॉपिंग या सिनेमा के लिए भी जाया जा सकता हैा कम से कम साल में एक बार छुट्टियों पर जाने का प्रोग्राम तो जरूर बनाएं ताकि दांपत्‍य में भी अंत:क्रिया की डोर टूटने न पाएा

अभिमान:—-
प्रेमियों को प्रेमिकाओं को इतना प्‍यार देना चाहिए कि उसमें एक मीठा अभिमान जाग जाए। अर्थात प्रेमी या पतियों को चाहिए कि वह हमेशा प्रेमिका या पत्‍नी की तारीफ करे, उनकी हर अच्‍छी बात पर उन्‍हें चूमे, उन्‍हें आलिंगन में बांध ले। चुंबन माथे से लेकर पैर तक कहीं भी लिया जा सकता है। मान लीजिए स्‍त्री ने पैर की अंगुलियों के नाखुन पर नेल पॉलिस लगाया है और वह पुरुष को अच्‍छा लग रहा है तो उसे अपना अभिमान छोड़ प्रेमिका के पैर को चूमने के लिए झुक जाना चाहिए। इससे प्रेमिका में गर्व का अहसास होता है और वह हमेशा प्रेमी के लिए कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करती, जिससे दोनों के जीवन में प्रेम का रस हमेशा घुलता रहता है।

अभिमान का एक ही सूत्र है, पुरुष प्रेम में अपना अमिभान त्‍याग दे और अपने प्रेम से स्‍त्री में मीठा अभिमान भर देा उसे लगे कि उससे अधिक उसका साथी किसी को प्‍यार नहीं करता, उसे लगे कि वह इस धरती पर सबसे अधिक प्‍यार पाने वाली खुशनसीब है। लेकिन जिस दिन स्‍त्री के प्रेम पूर्ण अभिमान पर अहंकार या महत्‍वकांक्षा हावी हो जाएगी और पुरुष साथी को वह दोयक दर्जे का मानने लगेगी, उसी दिन प्रेम के घर में आग लगना तय है। पुरुष द्वारा भी स्‍त्री की उपेक्षा प्रेम में कलह का घर बन जाएगा।

स्‍वीकृति:—
एक-दूसरे की खूबियों को नही नहीं, बल्कि खामियों को भी स्‍वीकार करना, प्रेम को स्‍थायित्‍व प्रदान करता है। दोनों की आत्‍मा यह स्‍वीकार करे कि दोनों एक-दूजे के बगैर अधूरे हैं। एक समय बाद लगने लगे कि दोनों का साथ कभी न छूटे, जन्‍म-जन्‍म तक दोनों एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में पाएं, तो समझ लें कि यही ‘अमर प्रेम’ है।

अमर प्रेम बिछुड़ने से नहीं, बल्कि 24 घंटे साथ रहते हुए एक-दूसरे का सुख-दुख बांटने से पैदा होता है। लैला-मजनू, सीरी-फरहाद, रोमियो-जूलियट हमें सिर्फ इसलिए याद हैं कि वे बिछुड़ गए, लेकिन सोचिए लैला को मजनू के बच्‍चे की मां बनना पड़ता और घर-गृहस्‍थी संभालनी पड़ती को क्‍या आज आप उसे याद करते। वास्‍तव में खोना हमारे मानस में इस कदर भर चुका है कि ‘पाने’ को हम दोयम दर्जे का मान बैठे हैं। स्‍वीकृति एक-दूसरे को पूरी तरह से जानने, समझने और स्‍वीकार करने की श्रेणी है।

अनुभव:—-
ऊपर के सभी रूप स्‍त्री पुरुष को अनुभवशील बनाते हैं। जान-पहचान, प्रेम, चुंबन, आलिंगन, संभोग, सभी अनुभव को समृद्ध करते हैं और यही प्रेम की प्रगाढ़ता को बढ़ाते हैं। अधिकांश स्‍त्री पुरुष एक सेक्‍सुअल एक्‍ट मानकर प्रेम, चुंबन, आलिंगन और संभोग से गुजरते हैं, जिस कारण सेक्‍स हमेशा उनके प्रेम पर हावी रहता है।

सिर्फ sex के नजरिए से हासिल अनुभव स्‍त्री पुरुष को हमेशा नाजायज संबंधों की ओर दौड़ाए रहता है, कभी एक संबंध स्‍थाई नहीं हो पाता। आपसी संबंध में हमेशा खिन्‍नता, अविश्‍वास और फंस जाने का भाव उत्‍पन्‍न होता रहता है। लेकिन जिन स्‍त्री पुरुषों के बीच सेक्‍स भी प्रेम के वशीभूत घटता है, उनके लिए सेक्‍स गौण होता चला जाता है और प्रेम स्‍थाई भाव में आ जाता है। Love को स्‍थाई या अस्‍थाई बनाना प्रेमी जोड़ों पर निर्भर करता है…
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कैसे करे साथी को खुश..???

कुछ पुरुषों की आदत होती है कि वे रोज अपने पार्टनर के साथ एक ही समय पर और एक ही जगह पर सेक्स का लुत्फ उठाना पसंद करते हैं, उनके लिए ये जगह सेक्स के लिए सबसे बेहतर और आनंददायक जगह होती है.

वहीं महिलाएं प्यार के अनुभवों को अलग-अलग जगहों पर और अलग-अलग तरीकों से बटोरना पसंद करती है, लेकिन पुरुष इस बात को नहीं समझते.

इन हसीन पलों का आनंद उठाने के लिए जरूरी है कि अलग-अलग जगहों का चुनाव किया जाए. इसके लिए आप बेड, सोफा, फर्श या फिर बाथरूम में शॉवर के नीचे इन हसीन पलों को आनंद ले सकते हैं.

क्या, आप जानते हैं प्यार के हसीन पलों में खोने से पहले महिलाओं को किस करना, उनके अंगों को स्पर्श करना बेहद भाता है, जबकि पुरुष फोरप्ले में ज्यादा रुचि नहीं दिखाते, जिससे एक समय के बाद महिलाएं बोर होने लगती हैं और अपनी सेक्स लाइफ को एंज्वॉय नहीं कर पातीं.

इसलिए अपने पार्टनर को एक अच्छे सेक्स के लिए तैयार करने से पहले साथी के उस अंग पर जिसे छूते ही उनके शरीर में कपंन होने लगता है, पर प्यार भरा स्पर्श दें.

आप देखेंगे कि आपका ये स्पर्श उन्हें फौरन उत्तेजित कर देता है.इसके बाद जब वो आपके प्यार में खोएंगी, तो आप दोनों इन लम्हों का पहले की अपेक्षा ज्यादा लुत्फ ले पाएंगे.
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महिलाएं क्या चाहती है…????

महिलाएं क्या चाहती हैं, क्या नहीं चाहती आमतौर पर यह समझना बहुत मुश्किल है। आम धारणा है कि महिलाओं के मन को समझना मुश्किल है लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल महिलाएं झिझक की वजह से बहुत सी ऐसी बातें हैं जो नहीं कह पाती।

यदि महिलाओं को कुछ अच्छा नहीं लगा या फिर वे अपने मन की कोई बात कहना चाहती हैं या फिर यौन क्रिया के दौरान, यौन क्रिया के बाद या पहले कुछ कहना चाहती हैं तो झिझक की वजह से अकसर कह नहीं पाती। पुरूषों में अकसर यह जानने की इच्छा होती है कि महिलाएं क्या चाहती हैं, आइए जानें आखिर महिलाएं क्या चाहती हैं।

आमतौर पर महिलाओं को एक ऐसे साथी की जरूरत होती है जो उसे प्यार करें, उसकी केयर करें और उसको समझें। लेकिन इसके अलावा भी महिलाएं अपने साथी से उम्मीद करती हैं।
पति सही समय पर सही बात कहें और उनको महत्व देते हुए उनका सम्मान करें। उनके काम को महत्व दें।
यदि महिला नाराज है तो उनका मित्र उन्हें मनाएं और उनका मूड खुश करने के लिए नए-नए फंडे अपनाएं।

महिलाओं की भावनाओं को समझे और उनका सम्मान करें।
महिलांए चाहती हैं कि उनका साथी उनके काम में उतना ही हाथ बंटाएं और साथ दें जितना की उसके कामों में सहयोग करती है।
अकसर महिलाओं को वे पुरूष पंसद आते हैं जो संवेदनशील होते है, समझदार होते हैं और महिलाओं का आदर सम्मान करते हैं।
हर महिला को अपनी प्रशंसा सुनना पसंद है और यह बात उस वक्त और भी विशेष हो जाती है जब उनका साथी उनकी प्रशंसा करता है।
महिलाएं चाहे खुद बोल्ड और बिंदास नहीं हो पाती लेकिन वे चाहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें बोल्ड और बिंदास समझे न कि दब्बू।
महिलाओं का मन भी सेक्स करने का करता है और वह उसके बारे में बातचीत भी करना चाहती है लेकिन झिझक की वजह से नहीं कर पाती। ऐसे में वे चाहती हैं कि उनका पार्टनर ऐसा हो जो उन्हें गलत न समझते हुए उनकी भावनाओं को समझे और जिससे वह खुलकर अपने मन की बात कर सकें।
कुछ महिलाएं जहां सेक्स पर बात करने और सेक्स करने से कतराती हैं, वहीं कुछ महिलाओं को इस पर बात करने में बेहद आनंद आता है।
महिलाएं चाहती हैं कि उनका साथी हमेशा ही सेक्स के बारे में न सोचे, न ही हमेशा इसके बारे में बात करें बल्कि उससे प्यार जताएं। महिलाओं को वो पुरूष भी कम ही पसंद आते हैं जो सेक्स के बाद अलग हटकर सो जाते हैं लेकिन वे साथी अधिक अच्छे होते हैं जो सेक्स के बाद भी फोरप्ले करते हैं और अपनी साथी को अधिक से अधिक समय देते हैं।
प्यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद भी महिलाएं अपने पार्टनर से बातें करना पसंद करती हैं।
महिलाएं क्या चाहती है, कब क्या सोचती है यह कहना फिर भी बहुत मुश्किल हैं। लेकिन इन टिप्स के जरिए आप पता लगा सकते हैं कि आखिर महिलाएं सोचती क्या–क्या है??
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जानिए पहली बार सेक्स के लिए दस युक्तियां/तरीके…

जब लोग ‘पहली बार’ की बात करते हैं, तो उनका आशय, पहली बार किए गए पूर्ण प्रवेशित संभोग से होता है। और उसी को लोग ‘कौमार्य खोना’ कहते हैं।

लेकिन आपके लिए पहली बार का अर्थ, पहला चुंबन भी हो सकता है, या जब आप पहली बार किसी का हस्तमैथुन करते हैं या कोई पहली बार आपका हस्तमैथुन करते हैं अथवा पहली बार जब आप अपने नए बॉयफ्रेंड या गर्ल फ्रेन्ड के साथ होते हैं।

जो भी पहली बार हुआ हो, उसे आप कभी भूल नहीं पाते हैं। यह रोमांचक और खास होता है। इसीलिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी हो जाता है कि यह वास्तव में आपके लिए अच्छा अनुभव हो।
आप यह किस प्रकार सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका पहला अनुभव अच्छा हो? हमने इसे संकलित किया हैः

पहली बार के लिए दस युक्तियां—-

1. जब अपने को तैयार समझें तभी पहल करें—
आप सेक्स के लिए तैयार हैं कि नहीं, इसका निर्णय केवल एक ही व्यक्ति कर सकता है: स्वयं आप। अपनी स्वयं की भावनाओं को समझें, दूसरों के बहकावे में न आएं। औसतन लोग पहली बार सेक्स तब करते हैं, जब वे 17 वर्ष की आयु के होते हैं।

2. किसी विश्वासपात्र के साथ पहली बार सेक्स करें—
जिनके साथ आप सहज महसूस करते हैं, उन्हीं के साथ पहली बार सेक्स करें। एक-दूसरे को तैयार होने का मौका दें, एक-दूसरे से प्यारी और उत्तेजक बातें करें। इससे आप दोनों को पहली बार अच्छा महसूस करने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि किन स्थानों पर छूना अच्छा लगता है? अपने तथा अपने साथी के शरीर के संवेदनशील स्थानों का पता करें! पुरुष शरीर के बारे में जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।महिला शरीर के बारे में जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

3. किसी अच्छे स्थान का चयन करें—
पहली बार सेक्स करने के लिए किसी ऐसे स्थान का चयन करें जहां आप सहज महसूस करते हैं, और जहां आपको कोई विघ्न न पहुंच सके। अच्छा माहौल तैयार करें, संगीत की व्यवस्था कर और मोमबत्तियां सजाकर ऐसा माहौल तैयार किया जा सकता है।

4. धीरे-धीरे आगे बढ़ें—
आपको सब कुछ एक दम से नहीं शुरू कर देना है। धीरे-धीरे रोमांच लाएं जिससे कि आप दोनों उत्तेजित हो सकें। जब कोई लड़की यौन उत्तेजना महसूस करती है तो उनकी योनि में गीलापन आ जाता है। ऐसा होना ज़रूरी है, अन्यथा सेक्स कष्टदायक हो जाएगा।
यौन आनंद की खोज की इस यात्रा से गुज़रने वाले तीन-चैथाई युवाओं का आगे बढ़ने का क्रम इस प्रकार होता हैः पहले चुंबन, कपड़ों के अंदर हाथ डालकर सहलाना, एक-दूसरे का हस्तमैथुन करना, कपड़े उतार कर प्रेमालाप करना और अंत में सेक्स।

5. अपनी भावनाओं को समझें—
शुरू करने के बाद हो सकता है कि आपको महसूस हो कि वास्तव में आप यह नहीं करना चाहते हैं। इस भावना को अनदेखा न करें। आप कभी भी रुक सकते हैं, चाहे आपके साथी कुछ भी कहें । अपनी इच्छानुसार आगे बढ़ें। आप जैसा करना चहते हैं स्पष्ट रूप से कहें। यदि आप मना करते हैं, और साथ ही चुंबन लेना और सहलाना जारी रखते हैं, तो आपके साथी यह नहीं बता पाएंगे कि आप चाहते क्या हैं।

6. अपने साथी पर ध्यान दें—
आप सेक्स केवल अपने लिए नहीं करते हैं। अपने साथी के साथ सेक्स करते हैं। इसलिए अपने साथी पर भी ध्यान दें। क्या इससे उन्हें आनंद मिल रहा है? उनसे पूछें कि कहीं वह परेशान या बेचैन तो नहीं हैं? अपने साथी के साथ स्नेहपूर्ण बातें कर उन्हें सहज बनाएं। क्या आपके साथी को आपका उन्हें बिना कपड़ों में देखना असहज महसूस करवाता है? उनकी प्रशंसा करें। क्या आपको पता चल जाता है कि आपके साथी अब और आगे नहीं बढ़ना चाहते? उनकी भावनाओं का आदर करें। आप बिना संभोग किए भी यौन आनंद ले सकते हैं।

7. एक-दूसरे से बातें करें—
हो सकता है पहली बार आपको पता न हो कि आपको क्या करना चाहिए। अपने साथी के हाव-भाव पर ध्यान दें। क्या आपके साथी सिसकारियां निकालते हैं? क्या वह आपके हाथ को किसी खास स्थान पर ले जाते हैं? ये सब इस बात के संकेत हैं कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किंतु अक्सर ये संकेत उतने स्पष्ट नहीं होते। इसलिए बातचीत के द्वारा एक-दूसरे की इच्छा जानने का प्रयास करें कि आप क्या करना चाहते हैं, और क्या नहीं। कई लोग इस बारे में बातें करने से भी उत्तेजना महसूस करते हैं।

8. कंडोम का प्रयोग करें—-
हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। इससे आप न केवल अनचाहे गर्भधारण से बचे रहेंगे बल्कि यह आपको यौनसंचारित रोगों से भी बचाता है। गर्भनिरोधक गोली लड़की या महिला को केवल गर्भधारण से बचाती है। कंडोम के साथ होने वाली दुर्घटनाएं अक्सर उनके गलत तरीके से प्रयोग करने के कारण होती हैं। अतः उनका प्रयोग करने से पहले निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। लड़के इनका स्वयं अभ्यास कर सकते हैं, और लड़कियां, उदाहरण के तौर पर किसी केले पर कंडोम लगाकर अभ्यास कर सकती हैं।
गर्भनिरोधन खंड में आप कंडोम के प्रयोग के बारे में अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं।

9. चरम आनंद महसूस करने का दिखावा न करें—-
ऐसा कोई नियम नहीं है कि आपको चरम आनंद महसूस होना ही चाहिए। चरम आनंद महसूस होने का दिखावा न करें। ऐसा करना आपके साथी के साथ अन्याय है। बिना चरम आनंद महसूस किए सेक्स करना भी बहुत अच्छा अनुभव हो सकता है।

10. हंसना अच्छी बात है—
पहली बार आप दोनों ही कुछ बेचैन हो सकते हैं। आप चाहते हैं कि सब कुछ बिलकुल सही हो और पहली बार का अनुभव अद्भुत हो। इसलिए आप दोनों कुछ तनाव या चिंता महसूस कर सकते हैं। सहज माहौल बनाने की कोषिष करें। हंसी-मज़ाक और सेक्स दोनों का मेल-जोल अच्छा रहता है!
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जानिए महिलाओं में होने वाली सामान्य सेक्स समस्या—

आज के तनाव भरी जीवनशैली के कारण सेक्स समस्याएं होना आम बात है। सेक्स के दौरान अचानक परेशान हो जाने से या कोई समस्या आने से सेक्स लाइफ पर नकारात्मक असर पड़ना लाजमी है। सेक्स के दौरान कोई समस्या आने पर आपको अपने डॉक्टर या सेक्स काउंसलर से कंसल्ट करना चाहिए।

हाल ही में महिलाओं के बीच हुए सर्वे में 43% महिलाएं में कोई न कोई लैंगिक विकार पाया गया है। दरअसल, सेक्स समस्याएं लोगों के जागरूक न होने, समय पर डॉक्ट‍र को कंसल्ट न करने और काउंसलर को सभी बाते खुलकर न बताने के कारण बढ़ रही हैं। आइए जानें कौन-कौन सी सामान्य सेक्स समस्याएं हैं जिनसे महिलाएं आमतौर पर पीडि़त रहती हैं-

महिलाओं में सामान्य सेक्स समस्या—–

हार्मोंस में बदलाव—
माहवारी शुरू होने के बाद लड़कियों में हार्मांस के बदलाव के कारण लगातार शारीरिक रूप से कुछ न कुछ परिवर्तन आते रहते है। ये परिवर्तन उस समय और बढ़ जाती हैं, जब महिलाएं सेक्स करती हैं या फिर सेक्स करने से पहले गर्भधारण से बचने के लिये गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करती है। महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले सेक्स समस्याएं अधिक होती है। कुछ स्थितियों में सेक्स के तत्काल बाद सेक्स समस्याएं होने लगती हैं तो कभी संभोग के दौरान। इन समस्याओं से बचने के लिए महिलाओं को सेक्स‍ के सामान्य तरीके अपनाने चाहिए।

ल्यूकोरिया की समस्या—
योनि से सफेद, चिपचिपा गाढ़े पानी का स्राव होना आज युवावस्था की महिलाओं के लिए आम समस्या हो गई है। सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी यानी ल्यूकोरिया कहा जाता है।

योनि में खुजली—-
कई कारणों से महिलाओं को योनि में खुजली होने लगती है। इसके कई कारण है, जैसे- इन्फेक्शन होना, ठीक से सफाई न होना, फिरंग, रोजाना कब्ज रहना और संभोग करने वाले व्यक्ति के यौनांगों में इन्फेक्शन होना, रक्त विकार इत्यादि इसके प्रमुख कारण हैं।

गर्भाशय संबंधी बीमारियां—-
कई बार प्यूबिक हेयर्स की ठीक से सफाई न करने के कारण उनमें स्थित कीटाणु योनि मार्ग में प्रविष्ट होकर कई योनि गर्भाशय संबंधी समस्याओं को उत्पन्न करते हैं। यौनांगों की इसीलिए ठीक तरह से सफाई होना बेहद आवश्यक है।

अज्ञानता के कारण—-
कई बार महिलाएं सेक्स संबंधी समस्याओं के बारे में डॉक्टर से खुलकर बात नहीं कर पाती, जिससे उनकी बीमारियां बढ़ती जाती हैं। कई बार ये बीमारियां भयंकर रूप भी ले लेती हैं। ये लापरवाही और जागरूकता की कमी कई बीमारियों को जन्म देती है। जैसे स्तनों में दर्द होने पर लड़कियां इसे आम बीमारी समझ कर लापरवा‍ही बरतती है। लेकिन ये दर्द बढ़कर स्तन कैंसर का रूप भी ले सकता है। इसीलिए किसी भी तरह के बड़े खतरे को टालने के लिए जरूरी है डॉक्टर की सही समय पर सलाह लेना।

सेक्स के प्रति विमुख होना—
स्त्रियों को सबसे अधिक शिकायत यौनेच्छा की कमी होती है। कई महिलाओं की सेक्स करने में बिल्कुल भी रूचि नहीं होती। यानी उनकी सेक्स भावना बिल्कुल खत्म हो चुकी होती है। जो कि एक गंभीर सेक्स समस्या होती है। कई बार ये स्थिति मेनोपोज के बाद आती है तो कई महिलाओं में मेनोपोज से पहले ही महिलाओं मे सेक्स के प्रति अनिच्छा हो जाती है। हालांकि महिलाओं के मामले में अच्छे स्वास्थ्य की महिला का सेक्स जीवन खराब स्वास्थ्य वाली महिला की तुलना में सिर्फ़ 3-4 साल ही बढ़ता है।

सेक्स के तत्काल बाद, संभोग के दौरान किसी भी तरह की कोई सेक्स की समस्याएं हो तो डॉक्टर से जांच कराएं और उसका सही इलाज करवाएं।
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जानिए स्‍त्री-पुरुष में कामोत्‍तेजना के लक्षण/प्रभाव—

कामोत्‍तेजना की प्रथम अनुभूति दिमाग में होती है, जिसके कारण सभी तंत्रिकाओं(नर्व्‍स) में खून तेजी से दौड़ने लगता है। सामान्‍य दशा में 70 से 80 बार फड़कने वाली नाड़ी कामोत्‍तेजना की अनुभूति होते ही 125 से 150 बार फड़कने लगती है इस कारण रक्‍तचाप 70 से बढ़कर 160 के करीब पहुंच जाता है।

स्त्रियों की कामोत्‍तेजना——-

स्त्रियों को कामोत्‍तेजना की अनुभूति होते ही उनके शरीर में रक्‍त क बहाव तेजी से होने लगता है। हृदय की धड़कन बढ़ जाती है। चेहरा तमतमा उठता हैा नाक, नाक, आंख, स्‍तन, कुचाग्र(स्‍तन की घुडियां), स्‍तन, भगोष्‍ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फूल जाती हैं। भगांकुर का मुंड भीतर की ओर धंस जाता हैा योनि द्वार के अगलबगल स्थित ‘बारथोलिन’ ग्रंथियों से तरल पदार्थ निकलकर योनि पथ को चिकना कर देता है, जिससे समागम के समय पुरुष लिंग के प्रवेश में आसानी होती है। इस चिकनाई की वजह से ही लिंग का योनि से आसानी से घर्षण होता है और दर्द का अहसास जाता रहता है।

योनि पथ का स्राव क्षारीय होता है, जिस कारण पुरुष के स्‍खलन से निकले वीर्य में मौजूद शुक्राणु जीवत, सक्रिय व तैरते रहते हैं। उत्‍तेजना के कारण गर्भाशय ग्रीवा से कफ जैसा दूधिया व गाढ़ा स्राव भी निकलता है, जो गर्भाशय मुख को चिकना कर देता है। इस चिकनाई के कारण गर्भाशय में शुक्राणु आसानी से प्रवेश कर जाता है।

यौन उत्‍तेजना के समय स्त्रियों के भीतर व गुदाद्वार के पास की पेशियां भी सिकुड़ जाती हैं। ये रुक-रुक कर फैलती-सिकुड़ती रहती हैं। इस संकुचन से स्‍त्री को असीम आनंद मिलता है। संभोग के समय पुरुष स्‍त्री के इस संकुचन को आराम से महसूस कर सकता है और वह अपनी स्‍त्री को इसे और सिकोडने को कह सकता है, जिससे दोनों का आनंद दोगुना हो जाता है

पुरुषों की कामोत्‍तेजना—–
पुरुष की कामोत्‍तेजना का लक्षण उसके लिंग से स्‍पष्‍ट हो जाता है। उसका ढीलाढाला और नीचे की ओर लटका लिंग (penis) कामोत्‍तेजना के समय तन कर कड़ा, खड़ा व बड़ा हो जाता है। वह हल्‍का फूल भी जाता है, जिससे मोटाई भी बढ़ जाती है। श्श्निमुंड (लिंग का अगला हिस्‍सा, जो दिखने में लाल होता है) को ढंकने वाली त्‍वचा (priapus) पीछे की ओर खिसक जाती है और मूत्र द्वार से लिसलिसा, सफेद व पानी की बूंद की तरह तरल पदार्थ निकलता है। संभोग के समय इस तने लिंग से स्‍त्री योनि में वीर्य का स्राव होता है। वीर्य में लाखों शुक्राणु होते हैं तो स्‍त्री के अंडाणु से मिलकर भ्रूण का निर्माण करते हैं।
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कैसे बढ़ाएं संभोग का समय..???

क्या आपकी पार्टनरनर आपसे ऐसी कोई शिकायत करती है कि आप उसे पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाते? या फिर संभोग के बाद वो आपसे बिना कुछ कहे नाराजगी भरा व्यवहार करती है। और या फिर आपको लगता है कि आप खुद अपनी पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाए। हो सकता है ज्यादा देर तक संभोग नहीं कर पाने की वजह से इस तरह की बातें खुद आपके जहन में आती हों। लेकिन इसे लेकर बहुत ज्यादा तनाव लेने की जरूरत नहीं है। संभोग से जुड़ी इस प्रकार की समस्याओं का हल हम आपको बताएंगे।बस कुछ बाते हैं, जिनका पालन कर स्वस्थ्य सेक्स का अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। हो सकता है कि आप कई बार पूरी कोशिश के बावजूद अपने पार्टनर को पूरी तरह संतुष्ट करें, लेकिन रात चढ़ने पर आपको कामयाबी नहीं मिल पाती। समय से पहले ही आपकी ऊर्जा खत्म हो जाती है। ज्यादा देर तक ऊर्जा कायम रखने के लिए इन बातों को ध्यान में रखें: अनुकूल परिस्थितियांसेक्स का सही और अच्छा अनुभव तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब परिस्थितयां आपके साथ हों। यदि आप और आपके पार्टनर के बीच किसी प्रकार का तनाव है, आप दोनों में से किसी एक का भी मन शांत नहीं है और या आपके आस-पास का वातावरण आपकी शांति भंग कर रहा है तो आप स्वस्थ्य सेक्स नहीं कर सकते। इसलिए संभोग को लंबे समय तक खींचने के लिए सबसे पहला काम परिस्थितियों को अनुकूल बनाएं। यदि रात आने से कई घंटे पहले से ही अपने पार्टनर से कोई ऐसी बात नहीं करें, जिससे उसके दिल को ठेस पहुंचती हो या फिर वो नाराज होती हो। यही नहीं रात चढ़ने से पहले आस-पास के वातावरण से डिस्टर्बेंस उत्पन्न करने वाली वस्तुओं को अलग कर दें। कई बार मोबाइल या टेलीफोन भी डिस्टर्बेंस उत्पन्न करता है, लिहाजा उसे भी कमरे से हटा दें। यदि आपको किसी प्रकार की उलझन या तनाव है तो पार्टनर से बातें शेयर करें ताकि तनाव कम हो जाए।फोर प्लेसेक्स के अच्छे अनुभव के लिए आप फोरप्ले का सहारा लें तो बेहतर होगा। इसकी शुरुआत बातों से की जा सकती है। बात करते-करते पार्टनर के गाल पर हाथ रख उसे चुंबन लें। चुंबन के साथ-साथ उसे अपनी बाहों में भर लें। यहां पर हाथों से विभिन्न अंगों पर मसाज सेक्स को बढाता है। इन सबके साथ आप संभोग के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।पोजीशन बदलें संभोग के दौरान यदि आपको लगने लगे कि आपकी ऊर्जा समय से पहले समाप्त होने वाली है, तो थोडी देर रुक जाएं। इससे हो सकता है आपकी पार्टनर आपको जकड़ने के प्रयास करेगी, लेकिन आघोश में आकर अपनी ऊर्जा को वहीं विराम नहीं दें। ऐसे में संभोग को लंबे समय तक खींचने के लिए पोजीशन बदलना अच्छा होता है। यदि आप बैठकर संभोग कर रहे हैं, तो लेट जाएं। यदि लेटकर तो बैठ जाएं, उलटे लेटे हैं तो सीधे लेट जाएं, आदि कुछ भी कर पोजीशन बदल लें। यहां पर ऐसी पोजीशन में सेक्स करने की कोशिश करें, जो आपने पहले कभी नहीं अपनाई हो।ध्यान हटाएंसंभोग के दौरान यदि आपको लगने लगे कि आपकी ऊर्जा समाप्त होने वाली है, तो बिना पोजीशन बदले अपने ध्यान को पार्टनर की ओर से हटा लें। आप यह सोचें कि अभी आपको बहुत कुछ करना है। रात अभी बहुत लंबी है। संभोग से ध्यान हटाकर पार्टनर के होठों को काटना, चुंबन लेना और मसाज करना यहां सहायक साबित हो सकता है।शराब मत पियेंसंभोग से पहले शराब कभी मत पिएं। मदिरापान से आपको जल्द नींद आ सकती है। संभोग पूरा करने से पहले आपको नींद आने से आपकी पार्टनर नारज हो सकती है। दोनों के बीच तनाव पैदा हो सकते हैं। यही नहीं शराब के नशे में आपकी ऊर्जा जल्‍दी समाप्‍त हो जाती है। अच्छी क्वालिटी का कंडोम इस्तेमाल करेंकई बार सेक्स का अनुभव उस समय ठंडा पड़ जाता है, जब अंतरंगों में सूखा पन आ जाए। इसलिए अच्छी क्वालिटी का कंडोम इस्तेमाल करें। अच्छा लूब्रीकेंट आपको नमी प्रदान करता है। यही नहीं यदि आपके होठ सूख गए हैं तो पानी जरूर पिएं। वैसे भी सेक्स के बीच में एक-दो बार पानी पीने से ऊर्जा बरकरार रहती है
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स्त्रियां कैसे करें sex में पहल..???

कामशास्‍त्रियों का मत है कि संभोग के समय नारी को निश्‍चेष्‍ट पड़े रहने की अपेक्षा उन्‍हें भी समान रूप से इसमें हिस्‍सा लेना चाहिए। जब नारी के शरीर में वासना जगती हो तो वह अपने पुरुष साथी से प्रेम की शुरुआत करे न कि प्रमी द्वारा इसके शुरु होने की अपेक्षा करे।

पति-पत्‍नी दोनों के बीच प्रेम में जब खुलापन आ जाता है तो उनके रिश्‍ते और मजबूत ही होते हैं, लेकिन जब इनमें दुराव-छिपाव, संशय या संकोच होता है तो दोनों के बीच रिश्‍तों में गांठ आ सकती है। ऐसे रिश्‍तों में ही अविश्‍वास पनपता है। इसलिए अच्‍छा यह है कि दोनों में से जिसकी भी इच्‍छा प्रेम में पहल की हो, वो इसकी शुरुआत करे। आपसी प्रेम में संकोच और दूसरे से पहल की अपेक्षा रिश्‍तों को दीमक की तरह चाटने लगता है जो तनाव, कुंठा, मनमुटाव और दुराव के रूप में सामने आता है।

आचार्यों के अनुसार, जब वासना उफान पर होता है तो संभोग के क्षण में आलिंगन, चुंबन, नखक्षत, दंतक्षत, प्रहार, सीत्‍कार आदि का कोई क्रम निर्धारित नहीं होता, बल्कि वहां केवल आनंद प्रधान हो जाता है। संभोग के क्षण में नारी को भी खुलकर पुरुष के साथ दंतक्षत, नखक्षत, चुंबन और विपरीत रति का प्रयोग करना चाहिए।

आचार्य वात्‍स्‍यायन के अनुसार, यदि नारी की वासना बेहद प्रबल हो उठी हो तो उसे चाहिए कि वह एक हाथ से पुरुष के बाल पकड़ कर, दूसरे हाथ से उसकी ठोड़ी को थाम ले और पुरुक्ष का मुख ऊपर उठा ले। उसके बाद वह उसके अधरों का पान करती रहे। अधरों के चुंबन और उसे चूसने से शराब की तरह नशा होता है और इसकी मदहोशी का आलम यह होता है कि प्रेमी जन इस दौरान अपना सुध-बुध पूरी तरह से खो देते हैं। अधरपान के साथ-साथ नारी पुरुष से लिपटती चली जाए जैसे वह उसके शरीर में समा जाना चाहती हो और धीरे-धीरे अपने हाथ को ढीला करते हुए अपने नाखुन पुरुष की पीठ में गड़ाती चली जाए।

प्रेम की पीड़ा में बेसुध हुई प्रेयसी एक हाथ उसके गले में डालकर, दूसरे को उसकी ठोड़ी पर लगाए और उसका मुख ऊपर उठाकर उसके होंठों को अपने दांतों के बीच भींच ले और उस पर दंत प्रहार करे। वह उसकी जिहवा को अपने मुख में भर ले और अपनी जिहवा को उसके मुख के अंदर तक ले जाए। जिहवा के चूसने का सुख ही अलग है। बीच में छेड़छाड़ करती हुई अपनी जिहवा से उसकी जिहवा पर प्रहार करे।
प्रेम के क्षण बाद में यादगार बन जाते हैं। परिजन के बीच बैठे हुए भी जब पति-पत्‍नी को अपने इस प्रेम की याद आती है तो दोनों इशारों-इशारों में लोगों के बीच ही बातें शुरू कर देते हैं। उस वक्‍त नारी सबकुछ अपनी आंखों की चपलता और अधरों की मुस्‍कुराहट से कह देती है और उनके बीच फिर से प्रेम की तीव्र उत्‍कंठा जाग जाती है। इस तरह के प्रेम से दांपत्‍य जीवन हमेशा खिला-खिला रहता है। ऐसे प्रेम शादीशुदा जीवन में एकरुपता और नीरसता उत्‍पन्‍न नहीं होने देते, जिससे एक सुखी परिवार का निर्माण होता है।

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