क्या रखें सावधानिया गर्भधारण में.??क्या गर्भावस्था में भी सेक्स संभव हें..??गर्भधारण कैसे करें..???

क्या रखें सावधानिया गर्भधारण में.??क्या गर्भावस्था में भी सेक्स संभव हें..??गर्भधारण कैसे करें..???

क्या गर्भावस्था में पपीता खा सकते हैं..???

पपीता खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है इतना ही नहीं पपीता खाने के फायेद भी बहुत है। इससे पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कई बार पपीता खाने के कई नुकसान भी होते हैं। जी हां, गर्भावस्था के दौरान पपीता खाने से आपको नुकसान पहुंच सकता है। हाल ही में आए शोधों में भी ये बात साबित हो चुकी है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या गर्भावस्था में पपीता खा सकते हैं? क्या गर्भवती महिला को पपीता खाने से गर्भपात का कोई खतरा तो नहीं है। आइए जानें क्या गर्भावस्था में पपीता खाया जा सकता है या नहीं।

गर्भावस्था के दौरान क्या ना करें..???
गर्भावस्था के दौरान यदि आप पपीता खा रहे हैं तो आपको कच्चा पपीता नहीं खाना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं अधपके पपीते का सेवन करती हैं उनके गर्भपात होने की आशंका बढ़ जाती है।

क्या कहते हैं शोध..???
दरअसल हाल ही में आए शोधों के मुताबिक, कच्चा या अधपका पपीता गर्भावस्था के दौरान हानिकारक हो सकता है। शोधों के मुताबिक, अधपके और कच्चे पपीते में बहुत अधिक लेटेक्स की मात्रा होती है जो कि गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकता है और यही स्थिति गर्भपात का कारण बन सकती हैं।
एक शोध के मुताबिक, यह भी बात सामने आई है कि पका पपीता गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद होता है। पपीते में मौजूद विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है जो कि गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद है। पपीते में मौजूद विटामिंस से कब्ज और जलन से भी निजात मिलती है।
इतना ही नहीं यदि गर्भावस्था के दौरान पपीते को शहद और दूध के साथ मिलाकर महिला को दिया जाएं तो यह ना सिर्फ महिला बल्कि होने वाले बच्चे के लिए भी बहुत फायदेमंद है और स्तनपान के दौरान यही मिश्रण मां के दूध उत्पा्दन में वृद्धि करता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर्स..???
गर्भावस्था के दौरान पपीता खाना चाहिए या नहीं यह अभी तक भी एक भ्रम बना हुआ है लेकिन फिर भी किन्हीं कारणों से और गर्भवती महिला की स्थिति को देखकर ही डॉक्टर्स पपीता खाने की सलाह देते हैं और मना करते हैं।
गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को विटामिन सी की कमी होती है उन्हें पपीता खाने की हिदायत दी जाती है।
हालांकि डॉक्टार्स के मुताबिक गर्भावस्था के तीसरे महीने में खान- पान का बहुत ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में आपको अपने आहार से संबंधित कोई भी शंका है तो अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें जिससे आप भविष्य में होने वाले खतरे को रोक सकें।

पपीते के फायदे….

पपीता खाने से ना सिर्फ आप स्वस्थ रहते हैं बल्कि पपीता आपके बालों और त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक होता है।
पपीता कब्ज व कफ के रोगों से निजात दिलाने में लाभकारी है।
पपीते को आप सलाद के रूप में या फिर चाट बनाकर भी खा सकते हैं।
आंखों के लिए पपीता बहुत फायदेमंद है।
पेट से संबंधित समस्याओं से निजात पाने के लिए पपीता खाना चाहिए।

गर्भधारण न कर पाने की समस्या…

ऐसा माना जाता है अगर विवाह के एक वर्ष के भीतर महिला गर्भवती नहीं होती तो उसमे या उसके पति में उर्वरता या फर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। लेकिन आजकल कई कारणों से संतान की ज़िम्मेदारी उठाने से पहले पति पत्नि गर्भनिरोधक तरीके अपनाकर एक दो वर्ष तक बच्चे के जन्म को टाल देते हैं, इसिलिए एक दो वर्षों तक या कुछेक मामलों में दो चार वर्षों तक बच्चे के बारे में न तो कोई उनसे कुछ कहता है ना ही कोई कुछ पूछता है, लेकिन उसके बाद उनके घरवाले उनपर लगातार जोर डालते जाते हैं कि वे जल्द से जल्द एक बच्चा पैदा करें और वंश को आगे बढ़ाएं। इसके अलावा, आस-पड़ोस में तानेबाज़ी और अलग अलग संशय पैदा होते हैं और बेफिजूल की बातें शुरू हो जाती हैं (खासकर गाँव में ) कि कहीं पत्नि बाँझ तो नहीं, या पति के पुरुषत्व में कोई समस्या तो नहीं। हालाँकि बड़े शहरों में इन बातो पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है क्योंकि सभी जानते हैं की शहरी लोग कई सालों तक परिवार नियोजन के तरीकों को अपनाये रहते हैं जिसके कारण बच्चे का जन्म देर से होता है।

दांपत्य सुख हेतु…

यदि चाहते हुए वैवाहिक सुख नहीं मिल पा रहा है, हमेशा पति-पत्नि में किसी बात को लेकर अनबन रहती हो तो किसी भी शुक्रवार के दिन यह उपाय करें। मिट्टी का पात्र ले जिसमें सवा किलो मशरूम आ जाएं। मशरूम डालकर अपने सामने रख दें। पति-पत्नि दोनों ही महामृत्युंजय मंत्र की तीन माला जाप करें। तत्पश्चात इस पात्र को मां भगवती के श्री चरणों में चुपचाप रखकर आ जाए। ऐसा करने से मां भगवती की कृपा से आपका दांपत्य जीवन सदा सुखी रहेगा।

गर्भ न धारण करने के कारण…..

गर्भ न धारण करने के अनेक कारण होते हैं। अगर ऊसरता या इन्फरटीलिटी का कारण पुरुष पाया जाता है, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं यह समस्या पुरुष में आवश्यकता से कम शुक्राणुओं के निर्माण से जुडी है। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि, पुरुष में शुक्राणु पर्याप्त मात्रा में निर्मित तो होते हैं, लेकिन वे महिला के अंडाणुओं तक पहुँच नहीं पाते हैं।

महिला में स्त्री बीज जनन चक्र में गड़बड़ी भी ऊसरता की बहुत बड़ी वजह होती है। इस गड़बड़ी के कारण महिला के भीतर आवश्यक अण्डों का निर्माण नहीं होता या फिर अण्डों के निर्माण प्रक्रिया में भी गड़बड़ी हो सकती है। वे महिलाएं जो थाईरॉइड की समस्या से गुज़र चुकी होती हैं, उनमे स्त्रीबीजजनन प्रक्रिया बाधित हो जाती है और उनका गर्भ धारण करना ज़रा कठिन हो जाता है।

गर्भ न धारण करने की अन्य समस्या, गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब से जुडी हो सकती है। इन जगहों पर किसी भी प्रकार से हुई हानि के कारण गर्भाधान करना मुश्किल हो जाता है। बिना चिकित्सक की सलाह से प्रयोग की गई कुछ औषधियों के कारण भी पुरुष और महिला के शरीर पर प्रतिकूल असर हो सकता है, और जिससे उनमे जननक्षमता क्षीण हो सकती है । मदिरा के सेवन से भी गर्भ धारण के संयोग कम हो जाते हैं।

महिला की उम्र भी गर्भ न धारण करने की बहुत बड़ी वजह बन सकती है। ऐसा माना जाता है कि 30 वर्ष की उम्र पार करने के बाद, औरत में गर्भ धारण करने के संयोग कम या ना के बराबर हो जाते हैं। और यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है अगर वो 35 वर्ष की उम्र पार कर लेती है। इनमे से अधिकतर महिलाएं गर्भ धारण करने के वैकल्पिक तरीकों की सहायता लेती हैं। कभी कभार पुरुष और महिला में ऊसरता के उचित कारण निर्धारित करना कठिन होता है । ऐसे मामलों में उन्हें प्रयास ज़ारी रखने की सलाह दी जाती है, और साथ में उन्हें इन विट्रो निषेचन की सलाह भी दी जाती है (इस प्रक्रिया के द्वारा अंडे को अंडाशय से हटाकर प्रयोगशाला में शुक्राणु के साथ निषेचित किया जाता है और निषेचित अंडे को महिला के गर्भ में रखा जाता है)। ऐसा भी कई बार होता है कि तनाव और गलत खान पान के कारण भी उपजाऊपन पर विपरीत असर पड़ता है, तो पुरुष और महिला के लिए यह अति आवश्यक हो जाता है कि वे अपनी जीवन शैली का विश्लेषण करें और अगर ज़रुरत हो तो उसमे उचित बदलाव लाएं ।

कुछ खाद्य पदार्थ गर्भधारण के लिए वर्जित होते हैं। अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो उन खाद्य पदार्थों को कुछ महीनो के लिए त्यागना पड़ेगा जैसे कच्चा पपीता इत्यादि।
गर्भधारण करने के लिए सही समय पर सहवास किया जाना भी जरुरी होता है। जिस चक्र में (यानि ओभूलेष्ण यानि डिंबोत्सर्जन के समय में) गर्भ धारण के लिए सहवास जरुरी होता है अगर उस समय आपने सहवास नहीं किया तो आपके गर्भवती होने के चांसेस न के बराबर हो जाते हैं। इसलिए अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो उन दिनों सहवास करना न भूलें जिन दिनों आपके गर्भवती होने के चांसेस सबसे ज्यादा होते हैं।

अगर आप डिप्रेशन यानि अवसाद की दवाइयां लेती हैं तो भी आपको गर्भ धारण करने में अड़चन आ सकती है।

गर्भधारण करने के उपायकई मामलों में ऐसा होता है कि कोई महिला गर्भवती नहीं होना चाहती फिर भी वो गर्भवती हो जाती है। ठीक इसके विपरीत कई मामलों में ऐसा होता है कि कोई महिला गर्भवती होकर मातृत्व सुख प्राप्त करना चाहती है लेकिन लाख चाहने के बावजूद वो गर्भवती नहीं हो पाती।

अगर आपकी अभी अभी शादी हुई है और आप गर्भवती होना चाहती हैं या कई सालों तक परिवार नियोजन अपनाने के बाद अब आप गर्भधारण करना चाहती हैं या लाख चाहने के बावजूद आप गर्भवती नहीं हो पा रही हैं तो निम्नलिखित उपायों को अपनाकर आप सफलता पूर्वक गर्भधारण कर सकती हैं।

प्रस्तुत हें गर्भधारण करने के कुछ सटीक उपाए—-

गर्भवती होने के लिए सिर्फ सहवास करना जरुरी नहीं होता बल्कि सही समय पर सहवास करना जरुरी होता है। एक बात ध्यान देने योग्य है कि पुरुष के शुक्राणु हमेशा लगभग एक जैसे हीं होते हैं जो महिला को गर्भवती कर सकता है लेकिन महिला का शरीर ऐसा नहीं होता जो कभी भी गर्भवती हो सके। उसका एक निश्चित समय होता है, एक छोटी सी अवधी होती है। आप उस अवधी को पहचाने और उस समय अवश्य सहवास करें।

यूँ तो आप महीने भर हर दिन अपने पति के साथ सेक्स क्रिया में लिप्त हो सकती हैं लेकिन गर्भवती होने के लिए ओवयूलेशन के पहले सेक्स यानि सहवास करना जरुरी होता है। आप ओवयूलेशन के पहले सेक्स शुरू करें और आने वाले कुछ दिनों तक नियमित रूप से या एकाध दिन बीच करके सहवास जारी रखें।

सहवास के बाद कुछ देर आप उसी अवस्था में लेटे रहे यानि खड़े न हो एवं अपनी योनी को साफ न करें ताकि आपके पति के शुक्राणु सही जगह पहुँच सकें।

सेक्स के वक्त जरा भी तनाव में न रहे

सेक्स के वक्त जरा भी तनाव में न रहे। गर्भवती होने के लिए सेक्स के वक्त आपको उसका आनंद उठाना चाहिए ताकि आपकी योनी से उचित मात्रा में तरल पदार्थों का स्राव होता रहे जो शुक्राणु को गर्भधारण करने में सहयोग दे सके।

सेक्स में पुरुष की भूमिका

ऐसा देखा गया है कि जो पुरुष सिर्फ अपनी वासना शांत कर लेते हैं एवं अपनी पत्नी की कमोतेजना का ख्याल नहीं करते उनकी पत्नियों को गर्भधारण करने में मुश्किलें आती हैं। अगर स्त्री सहवास के वक्त ओर्गास्म प्राप्त कर लेती है तो गर्भधारण के चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते हैं क्योंकि तब पुरुष के शुक्राणु को तैरने का यानि सही जगह जाने का समय और वैसा माहौल मिलता है तथा शुक्राणु ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं।

सेक्स की स्थिति की भूमिका…..

गर्भधारण करने के लिए सेक्स की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहाँ तक की कुछ लोगों का मानना है कि आपकी सेक्स की स्थिति भी काफी हद तक यह निश्चित करती है कि आपको लड़का होगा या लड़की। कुछ सेक्स स्थिति ऐसी होती हैं जिनमें सेक्स करने से लड़का होने की संभावना ज्यादा रहती है जबकि अगर आपको बेटी चाहिए तो दूसरी स्थिति में सेक्स करना होगा।
ऐसे खाद्य पदार्थ जिनका त्याग किया जाना चाहिए

सिगरेट

अगर आप सिगरेट पीने की शौक़ीन हैं तो उसका पूरी तरह से त्याग कर दें। यूँ तो सिगरेट किसी भी व्यक्ति के लिए नुकसानदेह होता है लेकिन अगर आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो यह आपको गर्भधारण करने में बहुत हीं मुश्किलें पैदा करेगा । इसलिए आप सिगरेट का त्याग कर दें। अगर आप गर्भवती हो भी जाती हैं तो सिगरेट आपके पेट में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालेगा और इससे आपका गर्भपात भी हो सकता है। अतः इसका पूरी तरह से त्याग कर दें।

शराब एवं कुछेक दवाइयां…..

इसी तरह से शराब एवं कुछेक दवाइयां का भी त्याग कर दें जो आपकी गर्भधारण में बाधक बन सकते हैं।

कैफीन
कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ या पेय का सेवन भी एकदम कम करें या बिल्कुल न करें क्योंकि इससे आपके शरीर की आयरन एवं कैल्सियम ग्रहण करने की क्षमता काफी हद तक घट जाती है जिससे आपके गर्भवती होने के चांसेस 27 प्रतिशत कम हो जाते हैं।

मीठीचीजेंभीज्यादानखाएं।

संतुलित आहार लें

गर्भवती होने के लिए संतुलित आहार का लेना आवश्यक होता है। फोलिक एसिड गर्भधारण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया करें जिनमें फोलिकएसिडपाएजातेहों

फोलिक एसिड के स्रोत….

दाल में फोलिक एसिड पाए जातें है साथ हीं दाल प्रोटीन का भी बहुत अच्छा स्रोत होता है। अतः दाल का नियमित रूप से सेवन करें। हरी पत्तेदार शाक सब्जियों में भी फोलिक एसिड प्रचूर मात्रा में होता है जैसे पालक इत्यादि। अतः हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में किया करें। संतरे में भी फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सेम के बीज भी फोलिक एसिड के अच्छे स्रोत होते हैं। सूर्यमुखी के बीज में भी फोलिक एसिड प्रचूर मात्रा में मौजूद रहता है जिसे आप भुन कर खा सकती हैं या किसी अन्य रूप में। टमाटर का ज्यूस भी फोलिक एसिड से भरपूर होता है। साथ हीं इसमें लाइकोपिन एवं विटामिन सी भी होते हैं जो आपको तंदरुस्त बनाते हैं एवं गर्भधारण में मदद करते हैं। इनके अलावा आप साबुत अनाज एवं फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाया करें।
गर्भवती होने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्सियम का सेवन भी जरुरी होता है।

गर्भावस्था में भी सेक्स लाभदायक है…

गर्भावस्था महिलाओं के लिए सबसे खूबसूरत दौर होता है। गर्भावस्था के दौरान बहुत से जोड़े सेक्स करने से डरते हैं, लेकिन इसमें डरने की कोई जरूरत नहीं है। वास्तव में गर्भावस्था के दौरान सेक्स लाभदायक होता है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान शरीर में शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह के बदलाव आते हैं।

गर्भावस्था के दौरान कभी-कभी सेक्स करना गलत नहीं है। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार जब गर्भ में पल रहे बच्चे में किसी प्रकार के कॉम्प्लीकेशंस हों तो सेक्स करने से बचना चाहिए। इससे बच्चे के विकास पर असर पड़ता है। लेकिन यदि बच्चे का विकास सही है तो गर्भावस्था के तीन महीने पूरे होने पर सेक्स किया जा सकता है।

आइए जानें क्या गर्भावस्था में भी सेक्स लाभदायक है..???

गर्भावस्था में भी सेक्स लाभदायक होता है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान इंटरकोर्स करने से इंटिमेसी का अहसास भी बढ़ जाता है।

गर्भावस्था के दौरान एक दूसरे को स्पर्श कर, चूम कर भी प्यार और ताजगी बनाई रखी जा सकती है। ऐसे में पति-पत्नी एक दूसरे को और ज्यादा नजदीक महसूस कर सकते हैं। जो एक-दूजे को ऐसे वक्त पर करीब रखने के लिए अहम साबित हो सकती हैं।

महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह के बदलाव आते हैं। वहीं पुरूषों को प्रेग्नेंट बॉडी काफी कामुक लगने लगती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं बिना सेक्सुअल इंटरकोर्स के भी सेक्सुअलिटी को एक्सप्रेस कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में कपल्स ओरल सेक्स करके भी एक दूसरे संतुष्ट कर सकते हैं। यानी दोनों एक-दूसरे को सेक्स किए बिना भी सेक्स की अनुभूति दे सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से पुरूष अपने होने वाले बच्चे के अधिक करीब हो जाते है, साथ ही मानसिक रूप से पत्नी और अधिक करीब आ जाते है।

गर्भावस्था के दौरान में सेक्स करने से कोई नुकसान नहीं होता है, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स फायदेमंद होता है। लेकिन चिकित्सक की सलाह और थोड़ी सी सावधानी रखना भी जरूरी है।

कुछ बातों का ध्यान रखें-

आमतौर पर महिलाओं को गर्भवती होने का पता चलने पर, शुरू के दो महीने तक सेक्स करने से बचना चाहिए और गर्भावस्था के अन्तिम एक महीने में भी सेक्स से दूर रहना चाहिए।

सेक्स करने के लिए पति-पत्नी को चिकित्सक से सलाह लेकर सही सेक्स पोजीशन अपनानी चाहिए, इससे गर्भवती को भी परेशानी नहीं होगी।

गर्भावस्था के दौरान पुरूष को चाहिए कि वह अपनी पत्नी पर सेक्स के लिए दबाव नहीं डाले। गर्भ के समय पत्नी के साथ ऐसा कोई व्यवहार नहीं करे जिससे उसके मन-मस्तिष्क पर विपरीत प्रभाव पड़े।

गर्भधारण कैसे करें..???

अगर आपको किसी कारणवश गर्भ धारण नहीं हो रहा हो तो मंगलवार के दिन कुम्हार के घर आएं और उसमें प्रार्थना कर मिट्टी के बर्तन वाला डोरा ले आएं। उसे किसी गिलास में जल भरकर दाल दें। कुछ समय पश्चात डोरे को निकाल लें और वह पानी पति-पत्नी दोनों पी लें। यह क्रिया केवल मंगलवार को ही करनी है अगर संभव हो तो उस दिन पति-पत्नी अवश्य ही रमण करें। गर्भ की स्थिति बनते ही उस डोरे को हनुमानजी के चरणों में रख दें।

पति-पत्नी के बीच यौन संबंध का एक लक्ष्य माता-पिता बनना भी होता है। वात्सयायन के कामसूत्र में संभोग की स्थितियों यानी पोजीशंस के बारे में बताया गया है। इसी में ऐसी पोजीशन भी बताई गई हैं, जिनमें संभोग करने से गभीधारण आसान हो जाता है। कुछ पोजीशंस , जो गर्भधारण में सहायक होती हैं। साथ ही हम आपको कुछ टिप्सभीदेंगे-

गर्भधारण के लिए दो पोजीशन में सेक्स करना फलदायक रहता है—-

मिशनरी पोजीशन:

इस स्थिति में संभोग के समय पुरुष ऊपर की ओर होता है। इस पोजीशन में संभोग करने से पुरुष का वीर्य सीधे स्त्री के गर्भाशय तक सीधा पहुंचता है। पुरुष के ऊपर रहने से गर्भधारण आसान हो जाता है। इसके विपरीत यदि स्त्री ऊपर की ओर रहती है, तो गर्भधारण की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।

हैंड एण्ड नी पोजीशन (डॉगी स्टाइल): इस पोजीशन में स्त्री घुटनों और हाथ के बल लेट जाती है और पुरुष पीछे की ओर से संभोग करता है। ऐसी स्थिति में वीर्य आसानी से महिला के गर्भाशय तक आसानी से पहुंचता है। कुछ देर आराम करें

यदि आप गर्भधारण करना चाहती हैं, तो उपर्युक्त दोनों पोजीशंस पर संभोग करने के बाद कुछ देर आराम करें। बेड पर कूदें नहीं। चाहे जितने जरूरी काम क्यों न हों, संभोग के तुरंत बाद बिस्तर से उठने की जरूरत नहीं। यदि आपने मिशनरी पोजीशन में सेक्स किया है, तो संभोग करते समय या फिर संभोग के बाद स्त्री अपनी कमर के नीचे तकिया लगा लें, ताकि वीर्य गुरुत्वाकर्षण बल के जरिए नीचे की ओर आसानी से पहुंच सके। यदि संभोग के समय ही तकिया लगा लिया है तो अच्छा रहता है। ऐसे में कम से कम आधे घंटे तक स्त्री को शांतिपूर्वक लेटे रहना चाहिए।

कुछ लोग मानते हैं कि संभोग के बाद यदि स्त्री पीठ के बल लेटकर अपने पैर ऊपर कर के थोड़ी देर लेटी रहे तो गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा करना फलदायक हो सकता है। हालांकि यह बात अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है। कौन स समय सही

कुछ लोगों का मानना है कि दिन के समय सेक्स करने गर्भधारण की संभावना अधिक रहती है। इसके पीछे उनका तर्क यह होता है कि रात्रि की तुलना में दिन में वीर्य में शुक्राणु की संख्या अधिक होती है। वहीं हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि गर्भधारण के लिए सेक्स का सही समय शाम पांच से सात बजे के बीच का होता है। इस दौरान वीर्य में शुक्राणु की संख्या करीब 35 प्रतिशत तक ज्यादा होती है। शाम का यह समय ऐसा होता है, जब महिला के अंडाशय ज्यादा जल्दी क्रिया करते हैं। हालांकि यहां स्त्री को मासिक धर्म का ध्यान रखें।

इन पोजीशन में न करें सेक्स—–

यदि आप गर्भधारण चाहती हैं, तो इन बातों को जरूर ध्यान रखें, जो आपको नहीं करनी हैं। पहली यह कि संभोग के दौरान महिला ऊपर नहीं हो। ऐसे में शुक्राणु सर्विक्स के पास जमा हो जाते हैं। और थोड़ी ही देर में वापस लौट आते हैं, जिस कारण वो अंडाशय तक पहुंच नहीं पाते। इसके अलावा बैठकर, बगल में लेटकर और खड़े होकर सेक्स नहीं करें। इन सभी स्थितियों में शुक्राणुओं के गर्भाशय के पास जमा होने की संभावना ज्यादा होती है। हां कई बार वीर्य के निकलते समय शुक्राणु की गति अधिक होती है और ज्यादा संवेग होने के कारण शुक्राणु अपने लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं और गर्भधारण हो जाता है।

जीवन साथी को उत्तेजित करें इन 6 बेहतरीन तरीकों से—-

एक बेहतर सेक्स लाईफ के लिए सेक्स के तरीकों के बारें में पूरी जानकारी रखना बेहद जरूरी होता है। इसके अलवा यदि आप सेक्स करने के बेहतर तरीकों को जानतें है तो आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी रोचक बना सकतें है। इसके अलावा एक बेहतर सेक्स के लिए पोजिशन की जानकारी होना भी बेहद जरूरी होता है।
गलत ढंग से किया गया सेक्स, या फिर एक ही तरह से हर रोज संभोग आपके सेक्स जीवन में खटास और स्थिलता दोनों ही ला सकता है।

लेकिन आप घबराइयें नहीं इस लेख में 5 ऐसे तरीकों के बारें में बतायेंगे जिन्हे जानकर आप अपनी सेक्स लाईफ को और भी रोचज बना सकेंगे। साथ ही इन पोजिशन की मदद से अपने महिला साथी को पूर्णतया: उत्तेजित कर सकेंगे।

आइयें संक्षेप में जानतें है उन पांच पोजिशन के बारें में जिससे आप अपनी सेक्स लाइफ को और भी बेहतरीन बना सकतें है।

महिला साथी को उत्तेजित करने के 5 बेहतरीन सेक्स पोजिशन:

आप अपने साथी को सोफे पर लीटा कर उनके पीछे लेट जाये, और इस दौरान उन्हे बहुत ही प्यार से अपनी तरफ खींच लेवें। साथी को इस बात का अहसास करायें कि आप उनको प्यार करने के लिए पूरी तरह बेताब है और उन्हे बेहतर आनंद की अनुभूति कराने जा रहें है। इस पोजिशन को महिलाओं द्वारा बहुत पसंद किया जाता है।
रोजाना की तरह केवल एक ही पोजिशन में सेक्स करने के कारण आपकी साथी सेक्स के बेहतरीन रोमांच के लिए बोर हो जायेंगी। तो अपने साथी के साथ सामान्यत: सेक्स करने के अलावा संभोग के दौरान झटकों का प्रयोग करें। यकीन मानिए संभोग के दौरान दिये गये झटके आपके और साथी दोनों के वाइल्ड सेक्स की इच्छा को और भी तेज कर देंगे।

इसके अलावा आप एक जगह बैठ जाये और अपने महिला साथी को अपनी गोद में बिठायें और उन्हे प्यार भरी बाहों से तेजी से पकड़ ले। इस पोजिशन में आप अपने शरीर के अंगों का पूरा स्पर्श उन्हे दे जिसे वो महसूस कर सकें। इस दौरान आपकी साथी अपने नितम्ब को आपके गुप्तांग पर रगडेंगी तो उनका पूरा साथ दे और उन्हे आनंद का अहसास करायें।

डॉगी स्टाईल महिला और पुरूष दोनों को बेहद पसंद होता है। इस तरीके में आप अपने साथी को घुटने के बल बैठा कर खुद को उनके पीछे कर लेवें और अपने अंग का स्पर्श उनके नितम्ब पर करायें। इस दौरान आप अपने हाथों से उनके स्तन पर रखें और पीछे से उनकी पीठ आदि पर चुंबन करें। यकीन मानिए इस पोजिशन में आपकी महिला साथी बेहद उत्तेजित हो जायेंगी।

महिलाओं को सदैव यह पसंद होता है कि पुरूष उनके उपर रहें और उन्हे खुब सारा प्यार करें। तो आप इस पोजिशन के लिए साथी को प्यार से बिस्तर पर लिटाकर उनके उपर हो लें। ध्यान रखें सेक्स के दौरान साथी को झटकों से उत्तेजित करने की कोशिश करें। इस तरह आप अपनी सेक्स लाईफ में इन पोजिशन को शामिल कर अपनी रातों को और भी रंगीन और जवां बना सकतें है।

2 thoughts on “क्या रखें सावधानिया गर्भधारण में.??क्या गर्भावस्था में भी सेक्स संभव हें..??गर्भधारण कैसे करें..???

  1. हुसेन

    पुत्र गर्भ धारण करने के लिए हमें किया करना चाहिए

    1. पंडित ” विशाल” दयानन्द शास्त्री,(ज्योतिष वास्तु सलाहकार)
      शुभेच्छु —
      आपका अपना —
      -पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री.
      09669290067, उज्जैन–(मध्यप्रदेश, भारत )

      मित्रों, आप सभी की सूचनार्थ (ध्यानार्थ )मेरा वाट्सअप नंबर —
      –09039390067
      आप सभी मुझे इस नंबर पर वाट्सअप कर सकते हैं..
      मोब.–09669290067 ;
      वाट्सअप–09039390067 ;

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