दयाकर दान भक्ति का—-

दयाकर दान भक्ति का—-

दयाकर दान भक्ति का , हमें परमात्मा देना ।
दया करना हमारी आत्मा में, शुद्घता देना॥

हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ ।
हमारे दिल में आकर के , परम ज्योति जगा देना । ।

बहा दे प्रेम की गंगा, दिलों में प्रेम का सागर ।
हमें आपस में मिल जुलकर , प्रभु रहना सिखा देना॥

हमारा धर्म हो सेवा, हमारा कर्म हो सेवा ।
सदा ईमान हो सेवा, व सेवकचर बना देना॥

वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना ।
वतन पर जाँ फिदा करना, प्रभु हमको सिखा देना॥

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