कन्या राशी (टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो ) का राशिफल(2012 )—-

कन्या राशी (टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो ) का राशिफल(2012 )—-

2012 का यह राशिफल चन्द्र राशि आधारित है और वैदिक ज्‍योतिष के सिद्धान्‍तों के आधार पर तैयार किया गया है।
वर्ष के प्रारंभ में जीवन व दिनचर्या में काफी उथल-पुथल रह सकती है | भाग्य का समर्थन थोडा बाधित हो कर मिलेगा परन्तु मित्रो, संतान, जीवनसाथी, परिजनों का पूरा समर्थन होगा | कानूनी अथवा न्यायिक मामलों का निदान मिलेगा | नौकरीपेशा लोगों का कुछ वाद विवाद अपने उच्चाधिकारी से हो सकता है जिसे आपको बचाना चाहिए जो आपके हित में कतई नहीं है | ससुराल पक्ष से आर्थिक सुख व सहयोग मिल सकता है..विद्यार्थियों के लिए समय उत्तम है.यह वर्ष आपके लिए पिछले वर्ष की तुलना में राहत भरा रहेगा.पिता का स्वास्थ्य चिंता देगा..गुप्त शत्रुओ से सावधान रहें..
समय का सदुपयोग करे, युही व्यर्थ न जाने दे | किसी जरूरतमंद की मदद करें, इससे आप अच्‍छा महसूस करेंगे. परिवार में आपके मान-सम्‍मान में इजाफा होगा..कार्य, व्यापार अथवा परिवार के छोटे बच्चो की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यककता है | जीवन में उमंग और उत्साह बना रहेगा. आत्मविश्वारस के साथ आगे बढ़ते रहें.विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सफलता प्राप्त करने का उत्तम समय है | जितना तेजी से पैसा आयेगा। उतनी ही तेजी से खर्च भी होगा।अपनी वाणी नियंत्रण में रखें. व्‍यर्थ किसी के पचड़े में टांग न अड़ाएं. आपके कठोर व्यवहार और क्रोध के कारण परिवार का वातावरण अशांत व खराब हो सकता है इसलिए शांत रहो
परिवार की खुशियों में वृद्धि के योग है | वर्ष के मध्य में विदेश यात्रा का योग है जो आपके हित में होगी जिससे आय के कई और नए स्रोत खुलेंगे | गुप्‍त बातें किसी के साथ साझा करने से बचें.वर्ष के अंत तक कही रुका या फंसा हुआ धन वापस आएगा | किस्मत की गाड़ी रुक-रुककर आगे बढ़ेगी लेकिन दोस्त आपकी सहायता के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे. नौकरीपेशा लोगों की बॉस से अनबन हो सकती है. समय प्रबंधन से आप कई रुके हुए काम निपटा सकते हैं, इस पर ध्यान देने की आवश्यककता है.इस वर्ष आपकी राशी से अष्टम भाव में देव गुरु वृहस्पति बेठें हें जो की आगामी मई माह से भाग्य भाव में प्रवेश करेंगे.राहू तीसरे भाव और शनि का भ्रमण दुसरे भाव से संचार करेगा..मई से अगस्त तक..पेरों से उतरता हुआ शनि लाभकारी रहेगा..
पत्‍नी का स्‍वास्‍थ्‍य चिंता का सबब बन सकता है. कार्यों में रुचि नहीं होगी. बेकार की बातों मानसिक तनाव दे सकती हैं.
स्वास्थ्य —-घरेलू मामलों में तनाव की स्थिति रहेगी। इस समय एसीडिटी तथा मानसिक तनाव बढ़ेगा।इस समय शनि दूसरे भाव से गुजर रहें हैं और आप शनि की साढे़ साती से भी प्रभावित हैं . गोचर में शनि दूसरे भाव में विचरण करते हुए आपके चतुर्थ भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं इस कारण आपको हृदय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है..शरीर में हाथों, कलाई और पेट प्रभावित होंगे..आपको अग्नि, और अग्नि वाले स्थानों तथा दुष्ट लोगों के संपर्क से दूर या सावधान रहना चाहिए यह आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं
ये करें उपाय—
01 .–भगवन (विष्णु) गोपाल जी का केसर-दूध से अभिषेक करें..प्रत्येक बुधवार एवं गुरुवार को..
02 .–भगवन विष्णु जी की सेवा-पूजा,आराधना करें..विष्णु मन्त्र का जप भी लाभकारी रहेगा..
03 .–साईं नाथ भगवन की उपासना-आराधना भी लाभ देगी..
04 .–पन्ना/फिरोजा/ओनेक्स/मरगज/हरा हकिक…पुष्य नक्षत्र में रत्न धारण करें..सोने में ..परामर्श लेकर..
05 .–गणेश भगवन की सेवा-आराधना करें..बुधवार का उपवास करें..भोजन में हरी वास्तु का प्रयोग करें..
06 .–गणपति अथर्वशीर्ष या संकट नाशक गणेश स्रोत का पाठ करें..
07 .–साबुत मुंग सत्ताईस बुधवार तक किसी भी मंदिर/धर्म स्थान में अर्पित करें/चढ़ावें..
08 .–पांच बुधवार तक पांच बालिकाओ को गहरे हरे वस्त्र दान करें..
09 .–बुधवार के दिन किसी गोशाला में गायों को घांस खिलाएं.
10 .–बुधवार के दिन गणेश जी को मुंग के लड्डू अर्पित करें..
वास्तु और कन्या राशी के जातक–
इस राशी वाले जातकों के लिए उत्तर और दक्षिण..दोनों दिशा शुभ-लाभदायक रहती हें..इस राशी के जातकों को अपने मकान/भवन पर दुधिया सफ़ेद या सिमेंटी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए..यदि इस राशी के जातक किसी भी शहर के दक्षिणी भाग में निवास करने से बचें तो फायदा होगा..

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