वर्ष 2012 में शनि देव का सभी राशियों पर निम्न प्रभाव रहेगा—

वर्ष 2012 में शनि देव का सभी राशियों पर निम्न प्रभाव रहेगा—

मेष राशि—–आपकी राशि से 15 नवंबर 2011 से शनि, सप्तम राशि यानी तुला को प्रभावित कर रहा है। गोचर में गुरु आपकी राशि में ही विचरण कर रहा है। दोनों ही ग्रह 16 मई 2012 तक एक-दूसरे को ऊर्जा और शक्ति का आदान-प्रदान कर रहे हैं। शनि कुछ समय के लिए वक्रगति प्राप्त कर कन्या राशि में भी आएगा और उसी समय के आसपास गुरु भी वृष राशि में प्रवेश करेगा।शनि और बृहस्पति राशि चक्र के बहुत ही शक्तिशाली ग्रह हैं। यदि आप उद्योगपति हैं या व्यवसायी हैं तो आप अपने वर्तमान कार्यक्षेत्र का विस्तार कर सकते हैं और यदि किसी और क्षेत्र में किस्मत आजमाना चाह रहे हैं तो इन दोनों ग्रहों की उपस्थिति आपको ऐसा करने में पूर्ण मददगार रहेगी।नई पार्टनरशिप या एसोसिएशन में भी प्रवेश किया जा सकता है। काफी यात्राएं करनी पड़ेंगीऔर आपकी उपलब्धियों में वृद्धि होगी। जो लोग नौकरी में हैं उनके लिए स्थितियां अनुकूलता लिए रहेंगी। पदोन्नति या उन्नति भी हो सकती है। जो लोग नौकरी बदलना चाह रहे हैं तो उनको किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।व्यक्तिगत स्तर पर चीजें सुचारू रूप से चलेंगी। जो लोग पार्टनर की खोज में हैं उन्हें आसानी से मिल जाएगा। पारिवारिक मामले नियंत्रण में रहेंगे और वातावरण आनंददायक बना रहेगा। आर्थिक स्थिति रूप से यह समय बहुत अच्छा रहेगा। 16 मई 2012 को शनि वक्रगति से कन्या राशि में प्रवेश करेगा और 4 अगस्त 2012 को वापस तुला राशि में आएगा।बृहस्पति अगली राशि वृष में प्रवेश करेगा और लगभग एक साल वहां रहेगा। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि शनि छठे और बृहस्पति दूसरे भाव में विचरण रहेगा। यद्यपि यह समय बहुत ही छोटा है लेकिन यह बहुत ही फलदायी रहेगा। किसी प्रोजेक्ट या असाइनमेंट के द्वारा अच्छा धन लाभ अर्जित होने की संभावना है।यदि कोई मसला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो सकता है। यदि किसी परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी। नौकरी में अचानक उपलब्धि का योग भी बन रहा है। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।अगस्त दिसंबर 2012 के मध्य शनि तुला राशि में ही रहेगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 तक शनि अस्त रहेगा बाकी समय शनि आपके पक्ष में रहेगा। आप ऐसे कुछ निर्णय ले सकते हैं जो उलटवार कर सकते हैं।
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वृषभ राशि :—-आपकी राशि से शनि छठे भाव में विचरण कर रहा है क्योंकि तुला राशि वहीं है। क्रूर ग्रह जब छठे भाव से विचरण करते हैं तो बहुत अच्छे परिणाम देते हैं। प्रत्येक दृष्टि से शनि यहां बहुत कंर्फटेबल है, अतः इस भाव से विचरण करते समय वह स्वतः ही आपके लिए अतिरिक्त मददगार सिद्ध होंगे।कॉर्पोरेट, व्यवसायी या उद्योगपति के रूप में अपनी योजनाओं और प्रोजेक्ट को आसानी से क्रियान्वित करने में सफल रहेंगे। यदि किसी प्रांत या देश से मदद की अपेक्षा कर रहे हैं तो वह आसानी से प्राप्त हो जाएगी और यदि विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो वहां भी आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।यदि नौकरी में हैं तो स्थितियों में अनुकूलन बना रहेगा और आपको कुछ अच्छे अवसर भी प्राप्त होंगे। जो लोग परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो उन्हें सफलता प्राप्त होगी। पदोन्नति और बदलाव भी संभावित है। पैतृक संपत्ति को लेकर कोई मामला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो जाएगा। विरोधी चाहकर भी आपको हानि नहीं पहुंचा पाएंगे।8 मई से 26 जून 2012 के मध्य शनि वक्री रहेगा। 16 मई 2012 को शनि वक्रगति से कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान अपने कैरियर से संबंधित निर्णय लेते समय आपको अतिरिक्त सावधान रहने की आवश्यकता है। नए निवेश पूर्ण जांच-परख के बाद ही करें।वाद-विवाद में न पड़ें अन्यथा हानि हो सकती है, जिससे सकारात्मक विचारधारा से बचा जा सकता है। यद्यपि आपको बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होते रहेंगे और यदि आपका चुनाव उत्तम है तो यह समय आपके लिए काफी मददगार सिद्ध होगा। थोड़ी-सी सावधानी परिणामों की दिशा परिवर्तित कर सकती है।
जैसा कि पहले बताया गया है कि शनि जून में मार्गी होगा और 4 अगस्त को दोबारा तुला राशि में प्रवेश करेगा और साल के अंत तक इसी राशि में विचरण करेगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त रहेगा। अस्त शनि की नकारात्मक विशेषताएं सामने आने लगती है जो उसमें वृहत स्तर पर मौजूद हैं।
जब शनि सूर्य की उपस्थिति से प्रभावित होता है तो शनि आक्रामक हो जाता है। इस दौरान आपको अत्याधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। अन्यथा आप अपने कैरियर पार्टनर या एसोसिएट से अलग हो जाएंगे। वैसे शनि में आपके कैरियर ग्राफ में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पूर्ण क्षमता है।
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मिथुन राशि :—शनि 15 नवंबर 2011से आपके पांचवें भाव में चल रहे हैं। शनि का कन्या में पिछला विचरण लगभग ढाई साल काफी थका देने वाला और हर कदम पर परेशानियां पैदा करने वाला था। शनि का पंचम भाव में विचरण उत्तम सिद्ध होगा और यह शनि की उच्च राशि तुला है। इस दौरान अपने रचनात्मक विचारों और प्रोजेक्टस के साथ आगे बढ़ने में मददगार सिद्ध होगा।8 फरवरी 2012 तक शनि तुला राशि में विचरण करेगा। यदि आप एक्टिंग मॉडलिंग, सिंगिग, आर्ट, म्यूजिक, डांसिंग आदि से जु़ड़े हैं तो आप अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। आपको कुछ समुचित अवसर प्राप्त होंगे। यदि आप एक बिजनेसमैन हैं तो आप अपनी योजनाओं पर बिना किसी परेशानी के अमल करने में सफल रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए देश के साथ-साथ विदेश में भी आपको अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। यदि प्रेममय हैं तो यह संबंध विवाह में परिणत हो सकता है। प्रतियोगी निराश नहीं होंगे। यदि रिसर्च आदि से जु़ड़े हैं तो इस भाव में शनि की यात्रा आपकी इच्छाओं की पूर्ति करने में काफी हद तक मददगार सिद्ध होगी।देश-विदेश की यात्राएं आपकी छवि और कैरियर को बनाने में अहम भूमिका अदा करेंगी। शनि 8 फरवरी और 26 जून 2012 के मध्य वक्र गति से चलेगा। 16 मई 2012 को पिछली राशि कन्या में प्रवेश करेगा। यदि आप शनि की गति के साथ तारतम्य बनाए रखेंगे और परिणामों का अनुसरण करते रहेंगे तो यह आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करेगा।यदि आप इसे अनदेखा करते रहे तो फिर शनि आपको पकड़ लेगा। इसका प्रभाव भावनात्मक स्तर पर देखा जा सकता है और साथ ही जो योजनाएं कुछ समय पहले लगभग पूर्ण लग रही थी उनमें अचानक अवरोध आ सकता है। जिन लोगों का आपकी गतिविधियों से काफी लेना-देना है उनके साथ भी वाद विवाद की स्थिति पनप सकती है। शनि 4 अगस्त 2012 को अपनी उच्चराशि तुला में वापस आ जाएगा और वर्ष के अंत तक वहीं रहेगा।शनि अस्त हो जाएगा जो 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य होगा। इस दौरान अधिकतर समय सूर्य नीचस्थ रहेगा और शनि के ऊपर से गुजरेगा। मुख्य प्रोजेक्ट्स के बारे में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पारिवारिक मसले उभर सकते हैं। बच्चों के साथ मतभेद हो सकते हैं। स्वास्थ्य की समस्याएं आपको या आपके परिवार को तंग कर सकती हैं।
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कर्क राशि :—शनि 15 नवंबर 2011 से 4 नवंबर 2014 के मध्य आपकी राशि से चतुर्थ भाव में भ्रमण करेगा। नवंबर 2011 से 8 फरवरी 2012 तक शनि तुला राशि में विचरण करेगा जो आपका चतुर्थ भाव है। चतुर्थ भाव आदमी का कंफर्ट जोन है और जब वह चतुर्थ भाव का विचार करता है तब पूर्ण शांति का अनुभव करता है।शायद यही कारण है कि कुंडली में चतुर्थ भाव मां, घर, अबाधित नींद और पूर्ण सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। यद्यपि शनि यहां किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करता लेकिन इसकी एक आदत है कि जो इन क्षेत्रों में जो कुछ भी गलत हो रहा है उसे उजागर करता है। शनि फरवरी 2012 से वक्री होगा जो 26 जून 2012 तक रहेगा।शनि अपनी पहली वाली राशि यानि कन्या में 16 मई को वापस आएगा और 4 अगस्त 2012 तक यहीं भ्रमण करेगा। फरवरी से अगस्त के मध्य का समय वर्णित क्षेत्रों में काफी राहत प्रदान करेगा। यदि आप अपने कैरियर, व्यवसाय या उद्योग में किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो अपने मित्र-शुभचिंतकों की मदद से उसका हल किया जा सकता है।आपके लिए सलाह है कि अपने वर्तमान कार्य या प्रोजेक्ट में अपनी पूर्ण ऊर्जा लगाएं और परिश्रम से कार्य करें। अपव्यय पर नियंत्रण लगाएं। यदि नौकरी की तलाश में हैं तो आपको नौकरी तलाश करने में कोई परेशानी नहीं होगी। जो लोग नौकरी में बदलाव या उन्नति के लिए प्रयासरत हैं तो उनको आशानुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।पैतृक संपत्ति को लेकर यदि कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो उसका फैसला करने में ही भलाई है। कुछ आर्थिक तंगी हो सकती है। 4 अगस्त 2012 से साल के अंत तक शनि तुला राशि में ही रहेगा। इस दौर में आपको मिश्रित परिणाम ही प्राप्त होंगे। पूर्ण प्रयासों के बावजूद आपकी कुछ योजनाएं और प्रोजेक्ट्स आगे नहीं बढ़ पाएंगे।वर्तमान कार्यों में भी आपको समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपसी संबंधों में भी तनाव आ सकता है। कार्य का बोझ बढ़ेगा और कभी-कभी इसे पूर्ण कर पाना कठिन भी होगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त होगा। इस दौरान आप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और समय-समय पर भावनात्मक मसले ऊभर सकते हैं जो आपको तंग करेंगे। स्थितियों को गहराई से समझें और मेडिटेशन पर जोर दें।
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सिंह राशि :—15 नवंबर 2011 से शनि आपके तृतीय भाव में विचरण कर रहा है यहां वह आने वाले ढाई वर्षों तक रहेगा। शनि जब तृतीय भाव में विचरण करता है जो वह यहां पर बहुत ही कंफर्टेबल होता है। नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य शनि सीधी गति से चलेगा और आपकी योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को क्रियान्वित करने में आधारभूत मदद करेगा।आपके कुछ अहम विचार क्रियान्वित होंगे और उनका विस्तार भी होगा। आपकी वर्तमान परियोजनाओं में लाभ की स्थितियां निर्मित होंगी। यदि नौकरी, पदोन्नति, उन्नति या बदलाव की तलाश में हैं तो आपको बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। आप महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे जिनसे आपकी प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी।प्रोफेशनल्स या जो लोग सृजनात्मक क्षेत्र से जु़ड़े हैं इस दौरान उनको बहुत अच्छे फल प्राप्त होंगे। यात्राएं नए आयाम प्रदान करने वाली सिद्ध होंगी। कुछ महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी। फरवरी और 26 जून 2012 के मध्य शनि वक्रगति से चलेगा। अपनी इस गति से चलते हुए 16 मई 2012 शनि अपनी पहली राशि कन्या राशि में प्रवेश करेगा और 4 अगस्त 2012 को फिर से तुला राशि में लौटेगा।फरवरी और अगस्त के मध्य उत्थान और विकास की गतिविधियों में अत्यधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यदि आप शांत चित्त और ठीक से विचार कर कार्य करेंगे तो यह दौर अच्छे गुजर जाएगा,अन्यथा इन क्षेत्रों में समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहें।गलत निर्णय या अधिक खर्च के कारण धन की कमी महसूस होगी। घरेलू मसले चिंता का विषय हो सकते हैं। अगस्त और दिसंबर 2012 के मध्य शनि तुला राशि में आगे बढ़ेगा जो आपकी राशि से सुंदर संयोग बनाएगा। कैरियर से संबंधित सभी समस्याओं के समाधान प्राप्त होंगे। बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होंगे जो आपके पूरे व्यक्तित्व में परिवर्तन करने वाले सिद्ध होंगे।आर्थिक स्थिति में सुदृ़ढ़ता आएगी। प्रॉपर्टी, वाहन, सोना-चांदी में निवेश की संभावनाएं भी बलवती हो रही हैं। इस दौरान आपको काफी यात्राएं करना पड़ेंगी जो नए आयाम प्रदान करने वाली होंगी। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त होगा इसलिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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कन्या राशि :—शनि आपकी राशि में पिछले ढाई वर्ष से चल रहा था। 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश किया है जो कि शनि की उच्च राशि है। यहां से आपको राहत की सांस मिलेगी। आपके लिए 15 नवंबर से 16 मई 2012 के मध्य का समय हर तरह से बहुत अच्छा है। धन संबंधी समस्याएं एक बाद एक हल होने से आपको काफी राहत प्राप्त होगी। रुके हुए धन की प्राप्ति भी हो सकती है।आर्थिक और प्रोफेशनल क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं भी बलवती हो रही हैं। इस दौरान आप किसी नए समझौते या पार्टनरशिप में प्रवेश कर सकते हैं। जो लोग नौकरी बदलना चाह रहे हैं तो उनको इच्छित नौकरी प्राप्त हो जाएगी। विदेश से भी कुछ अच्छे अनुबंध प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक स्तर पर उत्सव संपन्न हो सकता है या कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।शनि वक्रगति से 16 मई 201 2 को वापिस आपकी राशि में लौटेगा जो यहां पर 4 अगस्त 2012 तक रहेगा। इस दौरान आपको अत्यधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। निकटस्थ जनों के साथ मनमुटाव की स्थिति पनप सकती है। आर्थिक लेनदेन में पूर्ण सावधानी बरतने की नितांत आवश्यकता है। अपने स्वास्थ्य को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।4 अगस्त 2012 को शनि तुला में प्रवेश करेगा और वर्षपर्यंत यहीं विचरण करेगा। अगस्त से 9 अक्टूबर के मध्य यह काफी मददगार सिद्ध होगा। आप अधूरे कार्यों को पूर्ण कर सकेंगे। कुछ योजनाएं और कार्य जो लगभग बंद हो गए थे उन्हें पुनर्जीवित किया जा सकता है भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा और विदेश से लाभ प्राप्त होने से इंकार नहीं किया जा सकता। परिवार में कोई बड़ा उत्सव भी संपन्न हो सकता है।9 अक्टूबर से 12 नवंबर के मध्य जब शनि अस्त होगा तो उस समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपको सलाह दी जाती है कि इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय न लें। वैसे दैनिक कार्यों और जरूरतों की पूर्ति में समस्या नहीं आएगी। बाकी समय, 12 नवंबर से लेकर साल के अंत तक बहुत ही उत्साहवर्धक रहेगा।नई बातें घटने लगेंगी और जटिल समस्याओं के हल प्राप्त होंगे। प्रोफेशनल और व्यक्तिगत जीवन सुचारु चलेगा। यह समय आमूलचूल परिवर्तन का है जहां बहुत सी नयी चीजें घटित होंगी जो आने वाले वर्षों में मददगार सिद्ध होंगी।वर्तमान में कन्या, तुला तथा वृश्चिक राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है एवं वृषभ व मीन राशि वाले जातक ढैया से प्रभावित हैं। शनि की शांति तथा कृपा के लिए ये निर्दिष्ट उपाय कर सकते हैं।

व्रत : शनिवार का व्रत रखें। व्रत के दिन शनिदेव की पूजा (कवच, स्तोत्र, मंत्र जप) करें। शनिवार व्रत कथा पढ़ना भी लाभकारी रहता है। व्रत में दिन में दूध, लस्सी तथा फलों के रस ग्रहण करें। सायंकाल हनुमानजी या भैरवजी का दर्शन करें। काले उड़द की खिचड़ी (काला नमक मिला सकते हैं) या उड़द की दाल का मीठा हलवा ग्रहण करें।

दान : शनि की प्रसन्नता के लिए उड़द, तेल, इन्द्रनील (नीलम), तिल, कुलथी, भैंस, लोह, दक्षिणा और श्याम वस्त्र दान करें। किसी भी शनि मंदिरों में शनि की वस्तुओं जैसे काले तिल, काली उड़द, काली राई, काले वस्त्र, लौह पात्र तथा गुड़ का दान करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।

रत्न/धातु : शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल या नाव की सतह की कील का बना छल्ला मध्यमा में धारण करें।

औषधि : प्रति शनिवार सुरमा, काले तिल, सौंफ, नागरमोथा और लोध मिले हुए जल से स्नान करें।
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तुला राशि :—शनि 15 नवंबर 2011 को आपकी राशि में अगले ढाई साल के लिए आ गया है। यह आपकी राशि से 30 वर्षों के बाद गुजर रहा है।जिस दिन शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा उससे 16 मई 2012 तक आपकी राशि में रहेगा। शनि 8 फरवरी 2012 को वक्रगति को प्राप्त होगा और 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान शनि दो प्रकार के परिणाम प्रदान करेगा।पहला पैटर्न नवंबर से फरवरी 2012 तक होगा। आपको अपने विचारों को क्रियान्वित करने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जिनमें काफी प्रगति हो चुकी थी। संतोषजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको अपनी योजनाओं और कार्य प्रणाली में फेरबदल करने की नितांत आवश्यकता है।बिना पूर्व सोच विचार के कोई नया निवेश नहीं करना चाहिए। शनि 8 फरवरी 2012 को वक्री हो जाएगा और 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस समय लिए गए गलत निर्णय महंगे साबित होंगे।आपका या किसी परिजन का स्वास्थ्य चिंता का विषय हो सकता है। जो लोग स्टॉक मार्केट से जु़ड़े हैं उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। 16 मई से 4 अगस्त 2012 के मध्य का समय एक अच्छी शुरूआत देगा। आपकी कुछ योजनाएं बिना किसी झंझट के क्रियान्वित हो सकती है।मित्र शुभचिंतकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। लंबी दूरी की यात्राएं आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। संपत्ति संबंधी यदि कोई मामला कोर्ट में चल रहा है तो उसको फैसला आपके पक्ष में हो सकता है।शनि 4 अगस्त 2012 को वापिस तुला राशि में आ जाएगा और फिर पूरे साल यहीं पर रहेगा। इस दौरान शनि अधिकतर अच्छे परिणाम ही प्रदान करेगा। जो बाधाएं और झंझट पहले आ रहे थे वो अब तंग नहीं करेंगे। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य सावधानी बरतने की आवश्यकता है।साधारण रूप से यह उत्साहवर्धक समय है। आपको परिवार और बच्चों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि आप उनके साथ समय व्यतीत करेंगे और इन मसलों पर ध्यान देंगे तो ये आपके लिए मददगार सिद्ध होंगे।परिजनों के साथ अर्थपूर्ण बातचीत करेंगे और उन्हें कार्यों में लगाएंगे तो इससे आपको अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को हल करने में काफी मदद मिलेगी।
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वृश्चिक राशि :—–शनि 15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य सीधी गति से चलेगा और तुला राशि से गुजरेगा जो आपका बारहवां भाव है। जहां तक योजना और स्कीम बनाने और नए वातावरण में घुलने मिलने का संबंध है तो इसके लिए यह बहुत अच्छा समय है। आप किसी बड़े कार्य की योजना बना सकते है या अपनी रिसर्च प्रारंभ कर सकते हैं जो बीच में रुक गई थी।लंबे समय की सारी गतिविधियां इस समय प्रारंभ की जा सकती हैं। जहां तक वर्तमान प्रोफेशन या कैरियर का संबंध है वहां स्थितियों को अपने पक्ष में करने के लिए आपको अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। कभी-कभी विघ्न और बाधाओं के चुनौतियां आएंगी लेकिन यदि आप सजग हैं तो आप इन कठिनाईयों से आसानी से निपट लेंगे। धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतें। यदि प्रॉपर्टी या फिक्स्ड एसेट्स में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो ऐसा करने के लिए समय अच्छा है।फरवरी और अगस्त के मध्य आपको कई अवसर प्राप्त होंगे और अलग प्रकार की स्थिति उभर सकती हैं। फरवरी के बाद अचानक धन के आगमन में वृद्धि होगी। आपकी कुछ योजनाएं जिन पर आप पिछले काफी समय से काम कर रहे थे वे अब चालू हो सकती हैं।आपके सामाजिक और प्रोफेशनल दायरे का विस्तार होगा और यह आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। मित्र और यात्रा कारगर सिद्ध होंगे। पारिवारिक जीवन शांतिपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई उत्सव भी संपन्न हो सकता है। जो लोग नौकरी में बदलाव चाह रहे हैं उन्हें आसानी से अच्छी नौकरी प्राप्त हो जाएगी।शनि 4 अगस्त 2012 को तुला राशि में प्रवेश करेगा और कुल मिलाकर यह शनि आपको अच्छे परिणाम ही देगा। यदि आप ठीक से आंकलन करेंगे तो निश्चित रूप से कुछ कमियां मिलेगी जिनको दूर करने की नितांत आवश्यकता है।यदि आप समय पर ऐसा कर पाएं तो आपके लिए अति उत्तम कार्य होगा और यदि आपने ऐसा नहीं किया तो यह आपके लिए महंगा साबित होगा। शनि 9 अक्टूबर और 12 नवंबर 2012 के मध्य अस्त रहेगा। इस समय सावधानी रखें, विशेषकर उच्चाधिकारी और उन लोगों से व्यवहार करते समय जो आपके जीवन में बहुत महत्व रखते हैं। अपने व्यवहार के प्रति सजग रहें।
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धनु राशि :—शनि का बदलाव आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। शनि यहां आपकी राशि से सेक्सटाइल बना रहा है जिसको बहुत अच्छा माना जाता है। जब ग्रहों के मध्य सेक्सटाइल बनता है तो उस समय को जीवन के उत्तम समय में गिना जाता है।15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के दौरान शनि सीधी गति से चलेगा। यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। आपकी कोई महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ हो सकती है। एक कार्पोरेट बिजनेसमैन और उद्योगपति के रूप में आप बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। यदि कार्पोरेट से बड़े फाइनेंस की तलाश में हैं तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। नौकरी की तलाश में हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी।8 फरवरी 2012 से 26 जून 2012 के मध्य का समय आपके लिए विभिन्न रूप में प्रासंगिक है। यह समय आपको चेतावनी देता है कि जो कुछ कमियां रह गई है उन्हें दूर करने की आवश्यकता है।एक तरह से यह भगवान के द्वारा निर्मित स्थिति है जो उनमें लिप्त न होकर अपनी कमियों को दूर करने में मदद करती है। अपनी योजनाएं दोबारा बनाई जा सकती है और अपने खर्चों में कमी करनी चाहिए और स्थितियां को ठीक करना चाहिए। इस दौरान किसी संस्थान या सरकार से मदद चाह रहे हैं तो वो भी आसानी मिल जाएगी। नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति या नौकरी में बदलाव हो सकता है।26 जून 201 2 को शनि डायरेक्टीव यानी मार्गी हो जाएगा और 4 अगस्त 2012 को दोबारा तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। यह बहुत अच्छा समय है जो आपकी प्रोफेशनल गतिविधियों को आवश्यक गति प्रदान करेगा।शनि 4 अगस्त 2012 को तुला राशि में प्रवेश करेगा और वर्ष के अंत तक इसी राशि में रहेगा। जैसे ही यह तुला राशि में वापिस आ जाएगा तो यह अच्छे संबंध स्थापित करना प्रारम्भ कर देता है। महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रारंभ की जा सकती हैं और पूर्व में किए गए प्रयास अब उत्साहवर्धक परिणाम देने लगेंगे।धन का अच्छा आगमन होगा और आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। विदेश की काफी यात्राएं होंगी जो बहुत ही फलदायी सिद्ध होंगी। पारिवारिक जीवन सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई उत्सव भी संपन्न हो सकता है। आपके सामाजिक दायरे का विस्तार होगा और आपके व्यक्तित्व में भी बढ़ोतरी होगी। शनि 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 तक अस्त रहेगा। यह समय बहुत अच्छा नहीं है।
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मकर राशि :—-आपकी राशि में शनि 15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य डायरेक्टीव यानी मार्गी रहेगा। इस समय आप अति व्यस्त रहेंगे। आपके दिमाग में नए विचार आएंगे जिन्हें आप कार्यरूप भी प्रदान करना चाहेंगे। इस संबंध में आप बाहर से किसी की मदद की उम्मीद करते हैं तो वह भी आसानी से मिल जाएगी। व्यवसाय से जु़ड़े हैं तो वहां आप बहुत अच्छा करेंगे।इस दौरान आप प्रॉपर्टी या वाहन आदि खरीदने का भी मन बना सकते हैं। पैतृक संपत्ति को लेकर यदि कोई मामला कोर्ट कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो जाएगा। आपको काफी यात्राएं करना पड़ेंगी और वे लाभदायक भी रहेंगी। आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी।8 फरवरी 2012 को शनि वक्रगति को प्राप्त होगा और वक्रगति से चलते हुए 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। फरवरी और जून के मध्य आपको बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।अपनी योजना और स्कीम और आवश्यक समझौता करने में आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो अपने प्रयासों में गहनता लाने की पूर्ण आवश्यकता है।शनि 26 जून 2012 को डायरेक्ट हो जाएगा और 4 अगस्त 2012 को फिर से तुला राशि में प्रवेश करेगा। यह एक बहुत अच्छा पीरियड है जो आपमें पैदा हुए भय को दूर करने में मदद करेगा।कुछ नए लोगों से आपकी मुलाकात होगी जो आपकी स्कीम और प्रोजेक्ट्स में मददगार रहेंगे। परिवार में विवाह या शिशु जन्म भी संपन्न हो सकता है।4 अगस्त 2012 को शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा और साल के अंत तक वहीं विचरण करेगा। यह माह आपको अच्छा परिणाम प्रदान करेगा। प्रोफेशनल्स, आर्टिस्ट, उशेगपति इस समय बहुत तरी करेंगे। यदि विदेश में नौकरी या शिक्षा प्राप्त करना चाह रहे हैं तो आपका यह कार्य भी बन जाएगा।प्रॉपर्टी संबंधित लम्बित मसले आपसी सहमति से हल हो जाएंगे। यदि सरकार या किसी वित्त संस्थान से लोन लेना चाह रहे हैं तो आपका कार्य सिद्ध होगा। आप अपनी एक अलग ही छवि बनाने में सफल रहेंगे जो आने वाले समय में मददगार सिद्ध होगी।शनि 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य अस्त रहेगा। अधिकतर अस्त शनि इच्छित परिणाम नहीं देता। आपको इस दौरान अति सतर्क रहने की आवश्यकता है
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कुंभ राशि :—अब चिंता की कोई बात नहीं अब यह आपके भाग्य भाव प्रोत्साहित करेगा और यहां अगले ढाई साल रहेगा। 15 नवंबर से 8 फरवरी के मध्य जब शनि सीधी गति से चलेगा तब यह आपके लिए अति महत्वपूर्ण रहेगा। भाग्य आपका साथ देगा। आपकी महत्वाकांक्षी योजनाएं जिनमें पहले अवरोध आ गए थे फिर से प्रारंभ हो जाएंगी।जो लोग बिजनेस, कॉर्पोरेट या अन्य गतिविधियों से जु़ड़े हैं उन्हें उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त होंगे। यदि विदेश में कुछ करने की योजना बना रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। यह पीरियड आपको अति व्यस्त रखेगा और धनागमन में भी सुधार होगा।यदि किसी प्रतियोगिता में बैठ रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। पदोन्नति या नौकरी में बदलाव की स्थितियां भी बन रही हैं। यदि पैतृक संपत्ति संबंधी कोई मामला कोर्ट कचहरी में विचाराधीन है तो उसका फैसला आपके पक्ष में हो जाएगा। पारिवारिक वातावरण सौहार्द्रपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई समारोह भी संपन्न हो सकता है।शनि 8 फरवरी को वक्री होकर 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। अचानक आपकी गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसा प्रतीत होगा कि जो चीजें आसानी से आगे बढ़ रही थी उनमें अचानक अजीबोगरीब स्थिति या चुनौतियां आ गई हैं। वास्तविक रूप से ये बुरा फेज इंगित करती हैं। चेतावनी के ये संकेत केवल आपको मदद करने के लिए हैं।आपको कुछ यात्राएं भी करना पड़ेंगी और ये यात्राएं आपके पक्ष में वातावरण भी निर्मित करेंगी। 16 मई से 4 अगस्त 2012 के मध्य शनि कन्या राशि में वापिस जाएगा और इस दौरान वहीं पर रहेगा। जहां तक प्रोफेशनल कार्यों का संबंध है इस पीरियड में आपको एक प्रकार की असहजता का एहसास होगा। आर्थिक तंगी भी झेलनी पड़ सकती है।आपके चलते प्रोजेक्ट्स में अवरोध आ सकते हैं। परिजन का व्यवहार या स्वास्थ्य चिंता का विषय हो सकता है। स्टॉक मार्केट में ज्यादा निर्लिप्तता आपको नकारात्मक परिणाम ही प्रदान करेगी।

4 अगस्त 2012 को दोबारा तुला राशि में शनि आएगा। कुल मिलाकर यह बहुत अच्छा पीरियड है। स्थितियों में परिवर्तन आने लगेगा और जो समस्याएं पहले आई थीं उनके समाधान मिलने लगेंगे। परिणाम का पैटर्न उत्साहवर्धक रहेगा। धन आगमन में भी काफी वृद्धि होगी। भाग्य भी आपका साथ देगा।
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मीन राशि :—15 नवंबर 2011 से शनि तुला राशि में विचरण करेगा और 8 फरवरी 2012 तक आगे ही बढ़ता रहेगा। इस दौरान शनि गोचर में आपकी राशि से अच्छा कोण नहीं बनाएगा। यह समय इंगित करता है कि अब आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपको कुछ अच्छे अवसर प्राप्त होंगे जो आपको अत्यधिक उत्साहित करेंगे।मूर्तरूप से उनको क्रियान्वित करना आपको सहज प्रतीत होगा लेकिन वैसा होगा नहीं। यह स्थिति एक तरफ आपको प्रेरित करेगी और आप इन चुनौतियों को सामना करने के लिए तैयार हो जाएंगे। आपको सलाह दी जाती है अपने धन या एसेट्स का उपयोग बिना जांच-परख कर न करें और अपनी बुद्धिमत्ता का अधिकतम उपयोग करें।8 फरवरी से 4 अगस्त के मध्य आपको काफी राहत प्राप्त होगी। आपकी कुछ योजनाएं और प्रोजेक्ट्स जो पहले काफी प्रयासों के बाद ठीक नहीं चल रहे थे अब वो गति पकड़ेंगे।नई आशाएं जगेंगी और अपनी क्षमताओं पर विश्वास भी कायम होगा। कोई नई एसोसिएशन या पार्टनरशिप हो सकती है जो बहुत अच्छे परिणाम देगी। प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इच्छानुकूल परिणाम प्राप्त करने में सफल रहेंगे।जो लोग परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं उन्हें मनोकूल परिणाम प्राप्त होंगे। अविवाहित हैं तो विवाह होने की भी पूर्ण संभावना है। मित्र-शुभचिंतकों का पूर्ण सहयोग बना रहेगा। आपको बहुत सी यात्राएं करना पड़ेंगी जो लाभदायक सिद्ध होंगी। सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।4 अगस्त 2012 को शनि वापिस तुला राशि में आ जाएगा और फिर वर्षपर्यंत वहीं रहेगा। आपकी कुछ योजनाओं में आशानुकूल प्रगति होगी लेकिन कुछ जस की तस बनी रहेंगी। यह स्थिति निश्चित रूप से आपको कई बार चिंतित करेंगी। कभी-कभी आप यह सोचकर हैरान हो जाएंगे कि मैंने गलती कहां की है और जिसका उत्तर भी आपको आसानी से प्राप्त नहीं होगा।कभी-कभी जीवन में ऐसी स्थितियां भी पैदा हो जाती हैं कि अलाभकारी कार्यों को बंद कर, फलदायी योजनाओं पर ही ध्यान केंद्रित करने में भलाई है। आपके कुछ विश्वासपात्र मित्र और शुभचिंतक बिना स्वार्थ भाव के समय-समय पर आपको अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते रहेंगे। यात्रा करने के बहुत से अवसर आएंगे।
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—–शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ये करें उपाय—-

—- शनि दिन में शनि चालीसा का पाठ, शनि मंत्रों का जाप एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।
—- इस दिन पीपल के पेड़ पर सात प्रकार का अनाज चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
—– तिल से बने पकवान, उड़द से बने पकवान गरीबों को दान करें।
—– उड़द दाल की खिचड़ी दरिद्रनारायण को दान करें।
——- अमावस्या की रात्रि में 8 बादाम और 8 काजल की डिब्बी काले वस्त्र में बांधकर संदूक में रखें।
—– शनि यंत्र, शनि लॉकेट, काले घोड़े की नाल का छल्ला धारण करें।
—– इस दिन नीलम या कटैला रत्न धारण करें। जो फल प्रदान करता है।
—– काले रंग का श्वान इस दिन से पालें और उसकी सेवा करें।
——शनिवार का व्रत यूं तो आप वर्ष के किसी भी शनिवार के दिन शुरू कर सकते हैं। इस व्रत का पालन करने वाले को शनिवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके शनिदेव की प्रतिमा की विधि सहित पूजन करनी चाहिए।
—–शनिवार के दिन शनि देव की विशेष पूजा होती है। शहर के हर छोटे बड़े शनि मंदिर में सुबह ही आपको शनि भक्त देखने को मिल जाएंगे।
—- शनि भक्तों को इस दिन शनि मंदिर में जाकर शनि देव को नीले लाजवंती का फूल, तिल, तेल, गु़ड़ अर्पण करना चाहिए। शनि देव के नाम से दीपोत्सर्ग करना चाहिए।
—–शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा के पश्चात उनसे अपने अपराधों एवं जाने-अनजाने जो भी आपसे पाप कर्म हुआ हो उसके लिए क्षमा याचना करनी चाहिए।
—–शनि महाराज की पूजा के पश्चात राहु और केतु की पूजा भी करनी चाहिए।
—–इस दिन शनि भक्तों को पीपल में जल देना चाहिए और पीपल में सूत्र बांधकर सात बार परिक्रमा करनी चाहिए।
—–शनिवार के दिन भक्तों को शनि महाराज के नाम से व्रत रखना चाहिए।
—- शनि की शांति के लिए नीलम को तभी पहना जा सकता है।
—–शनिवार को सायंकाल पीपल वृक्ष के चारों ओर 7 बार कच्चा सूत लपेटें, इस समय शनि के किसी मंत्र का जप करते रहें। फिर पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करें तथा ज्ञात अज्ञात अपराधों के लिए क्षमा मांगें।
——–शनिवार को अपने हाथ की नाप का 19 हाथ काला धागा माला बनाकर पहनें।
—-शनिश्वर के भक्तों को संध्या काल में शनि मंदिर में जाकर दीप भेंट करना चाहिए और उड़द दाल में खिचड़ी बनाकर शनि महाराज को भोग लगाना चाहिए। शनिदेव का आशीर्वाद लेने के पश्चात आपको प्रसाद स्वरूप खिचड़ी खाना चाहिए।
—–सूर्यपुत्र शनिदेव की प्रसन्नता हेतु इस दिन काली चींटियों को गु़ड़ एवं आटा देना चाहिए।
—–इस दिन काले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए।
—-श्रावण मास में शनिवार का व्रत प्रारंभ करना

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