क्या होगा कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का वृष राशि पर प्रभाव..???

क्या होगा कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का वृष राशि पर प्रभाव..???

20 दिसम्बर,2011 को गुरू राशि परिवर्तन ( वक्री से मार्गी हो रहा हें))करके कुम्भ राशि में प्रवेश कर रहा है…
वृष राशि का स्थान राशिचक्र में दूसरा है, जबकि कुम्भ राशि से इसका स्थान दसवां है. 20 दिसम्बर,2011 को गुरू राशि परिवर्तन ( वक्री से मार्गी हो रहा हें))करके कुम्भ राशि में प्रवेश कर रहा है. इस राशि में इसका गोचर 01 मई.2012 तक रहेगा. इस दौरान गुरू की रजत स्थिति रहेगी तथा यह कृतिका नक्षत्र के दूसरे, तीसरे तथा चौथे पद तथा रोहिणी नक्षत्र के चारों पदों में एवं मृगशिरा नक्षत्र के पहले व दूसरे चरण में भ्रमण करेगा. इसका प्रभाव आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है..वेसे भी गुरु धन भाव और लाभ भाव का स्वामी होता हें…
आजीविका में गुरू के गोचर का वृष राशि पर प्रभाव —
नौकरी एवं व्यवसाय के विषय में गुरू का यह गोचर चुनौति लेकर आ सकता है. जिसके कारण आपको नौकरी एवं व्यवसाय में बदलाव करना पड़ सकता है. नौकरी में स्थानांतरण की भी संभावना रह सकती हैं. यह आपकी कुण्डली में गुरू की स्थिति पर निर्भर करेगा कि आपके लिए यह परिवर्तन शुभफलदायी रहेगा अथवा कठिनाईयों भरा होगा. अगर गुरू की स्थिति शुभ है तो नौकरी एवं व्यवसायिक बदलाव से आपकी आय में तथा पदों में वृद्धि होगी. लेकिन, गुरू शुभ स्थिति में नहीं है तो आपकी नौकरी भी जा सकती है. इन स्थितयों में आपके लिए उचित होगा कि कार्य क्षेत्र में मेहनत व लगन से कार्य करें तथा सभी के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाये रखें. होशियोरी और चतुराई दिखने की अनावश्यक कोशिश न करें.
अगर आप किसी प्रकार के चुनाव में भाग ले रहे हैं तो इसमें सफलता के लिए काफी प्रयास करना होगा. गुरू का यह गोचर आपके पक्ष में कम रहेगा. इन स्थितियों में आपको आवश्यक उपाय करना चाहिए ताकि परिणाम आपके पक्ष में हो. इन दिनों आपको कुछ यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं जिनमें आपको शारीरिक थकान की अनुभूति होगी. करियर को लेकर भी आपको कुछ भागदौड़ करना पड़ सकता है.
आर्थिक मामलों में गुरू का गोचरीय वृष राशि पर प्रभाव —-
आर्थिक स्थिति कुल मिलाकर ठीक रहेगी. आप अधिक से अधिक धन अर्जन की कोशिश कर सकते हैं फिर भी इसमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. आपके लिए सलाह है कि इस अवधि में निवेश करते समय अच्छी तरह सोच विचार करलें अन्यथा हानि भी हो सकती है. अगर किसी नई योजना पर कार्य शुरू करने का विचार बना रहें हैं तो उसे भी फिलहाल टाल देना उचित रहेगा.
अन्य विषयों में गुरू का गोचरीय वृष राशि पर प्रभाव —
स्वास्थ्य के विषय में गुरू का यह गोचर आपको अधिक परेशान नहीं करेगा यानी आमतौर पर आपकी सेहत अच्छी रहेगी. जिनका जन्म कृतिका नक्षत्र में हुआ है उन्हें वाहन चलाते समय सावधान रहना चाहिए. आपके लिए सलाह है कि अपने सम्मान को बनाये रखने के लिए वाणी पर नियंत्रण रखें व अपने समान ही दूसरों के सम्मान का भी ख्याल रखें. धैर्य व समझदारी से काम लेना श्रेष्ठ होगा.
उपाय —–
कुम्भ राशि में गुरू के गोचर के अशुभ प्रभाव में कमी लाने के लिए आपको गणेश जी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. नक्षत्रों की पूजा अर्चना एवं गुरू की उपसना से भी आपको लाभ मिल सकता है.

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