आइये जाने क्या कहता हें…सामुद्रिक(हस्तरेखा) शास्त्र (विज्ञानं)…आपके बारे में..

आइये जाने क्या कहता हें…सामुद्रिक(हस्तरेखा) शास्त्र (विज्ञानं)…आपके बारे में..

आपके हाथो में हैं आपकी उम्र का राज़—-

हम सब यह जानते हैं कि हमारे हाथो की रेखाओं में हमारा भूतकाल, वर्तमान और भविष्य छुपा होता हैं। हाथों की इन रेखाओं में हमारी उम्र का रहस्य भी छिपा होता हैं। आप कितने वर्ष जीयेंगे, ये राज़ भी आपके हाथो में ही हैं। जिस जगह से आपका पंजा शुरू होता हैं, वहां कुछ रेखाएं जाली के सामान दिखाई देती हैं। इन रेखाओं को ”मणिबंध” कहते हैं। हमारे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह मणिबंध रेखाएं हमारी उम्र का संकेत देती हैं। मणिबंध रेखाएं सबके हाथो में अलग-अलग प्रकार की होती हैं। अपनी सही उम्र का पता हाथो की लकीरों के अवलोकन से होता हैं लेकिन मणिबंध की सहायता से आप स्वयं यह मालूम कर सकते हैं कि आप कितने वर्ष जीयेंगे।

– यदि मणिबंध में चार रेखाएं हो तो आपकी उम्र लगभग 120 वर्ष हैं।
– यदि मणिबंध में तीन रेखाएं हो तो आपकी उम्र लगभग 90 वर्ष हैं।
– यदि मणिबंध में दो रेखाएं हो तो आपकी उम्र लगभग 60 वर्ष हैं।
– यदि मणिबंध में एक रेखा हैं तो आपकी उम्र लगभग 30 वर्ष हैं।

ध्यान रहे यदि मणिबंध की रेखाएं बीच-बीच में कटी या टूटी हैं तो वह भी उम्र को पूरी तरह प्रभावित करती हैं।

ये है आपकी छोटी अंगुली का बड़ा कमाल, कितने “कमाल” के हैं आप—-
क्या आप ये जानते हैं कि आपके हाथ की छोटी अंगुली बड़े कमाल की है? हाथ की इस अंगुली में ऐसे कई राज छिपे होते है जिनको जान कर आप जरूर चौंक जाएंगे। इसके लिए आपको एक बार गौर से अपना हाथ देखना चाहिए। क्योंकि किसी व्यक्ति की हथेली ही नहीं अंगुली भी उसके आने वाले कल के बारे में बहुत कुछ बताती है।

आपके हाथ में सभी अंगुलियों से छोटी अंगुली जो होती है वो कमाल की होती है। जिसे अंग्रेजी में फिंगर ऑफ मरकरी अथवा लिटिल फिंगर कहते है। इसके नीचे बुध पर्वत का स्थान माना जाता है। हर व्यक्ति के हाथ में यह अंगुली दूसरी अंगुलियों से छोटी होती है, लेकिन यह अंगुली किसी व्यक्ति के भविष्य और उसके स्वभाव के बारे में सबसे ज्यादा जानकारी देती है।
अधिकतर लोगों के पास कुछ बड़ा काम कर के मालदार बनने के मौके आते हैं लेकिन वे अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं कर पाते और मौका गवां बैठते हैं। ऐसे लोग अगर अपने हाथों पर विश्वास कर लें तो उनको मालदार बनने से कोई नहीं रोक पाता है। क्योंकि हाथ की बनावट और रेखाएं भी बताती है कि आपकी किस्मत में पैसा लिखा है या गरीबी।

अगर आपकी हथेली में छोटी अंगुली के नीचे वाला हिस्सा यानी बुध पर्वत पूर्ण विकसित हो तथा बुध रेखा सीधी, पतली, गहरी और लालिमा लिए हुए हो तो हाथ में भद्र योग बनता है। हस्तरेखा के अनुसार यह योग जिस भी व्यक्ति के हाथ में होता है, उसकी पहचान भीड़ से अलग होती है। यह योग जिस भी व्यक्ति के हाथ में होता है वह बहुत तेज मस्तिष्क वाला होता है।

ये लोग कठिन कार्य को भी सरलता से कर लेते हैं। ये जीवन मे धीरे-धीरे प्रकृति करते हैं लेकिन अंत में सर्वोच्च पद तक पहुंचने में सफल होते हैं। कोई भी व्यक्ति इनसे अधिक समय तक दुश्मनी नहीं रख पाता हैं। इनमें दुश्मनों को दोस्त बनाने की कला होती है। ऐसा व्यक्ति अपनी कोशिशों से विदेशों तक अपने व्यापार को फैलाने में सफल रहता है। इसका व्यक्तित्व अपने आप में प्रभाव पूर्ण होता है। जो भी व्यक्ति इस तरह के लोगों के सम्पर्क में आता है ये लोग हमेशा उसकी मदद करने के लिए तैयार रहते है। ऐसे लोगों में जबरदस्त आकर्षण होता है हर कोई इनकी तरफ बरबस आकर्षित हो जाता है।

ऐसे जानें अंगुली के कमाल-

– यदि यह अंगुली रिंग फिंगर के नाखून तक पहुंच जाए तो वह व्यक्ति जीवन में बहुत उच्चस्तरीय सफलता प्राप्त करता है और उसे नौकरी में कोई बहुत ऊंचा पद मिलता है।
– यह अंगुली जितनी ज्यादा लम्बी होती है। उतनी ही ज्यादा शुभ मानी जाती है।
– यह अंगुली जितनी ज्यादा लम्बी होती है। उतनी ही ज्यादा शुभ मानी जाती है। ऐसा व्यक्ति सफल प्रशासक होता है। अगर ये अंगुली रिंग फिंगर के ऊपरी पोर के आधे भाग से भी आगे बढ़ जाती है तो ऐसा व्यक्ति आई.ए. एस ऑफिसर बनता है।

गौर से देखें किस्मत चमकने के इशारे होते हैं आपके नाखून पर—-
क्या आप जानते है कि आपकी किस्मत चमकने से पहले इशारा कर देती है और आपके नाखूनों पर निशानी दे जाती है? अगर आप किस्मत के इशारे समझना चाहते है तो एक बार अपने नाखूनों को गौर से देखिए। आपको आसानी से पता चल जाएगा कि किस्मत में आपके लिए क्या अच्छा लिखा है।
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के नाखून देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है। लखनऊ के ज्‍योतिषाचार्य पं. ऐसे पढें नाखून पर बनें किस्मत के इशारें—–

1- यदि किसी स्त्री के नाखून लाल हो, वह स्त्री शारीरिक रूप से स्वस्थ्य, सौन्दर्यवान, धनवान व भाग्यवान मानी जाती है। ये अपने सास-श्वसुर की सेवा करने वाली होती है तथा इनका वैवाहिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है।

2- यदि किसी स्त्री के नाखून पीले रंग के हो, वह स्त्री कम सन्तान को जन्म देने वाली होती है। ऐसी स्त्रियों को खून की कमी, पीलिया एंव सिर दर्द से से सम्बन्धित शिकायत बनी रहती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन होने के कारण इनके दाम्प्तय जीवन में तनाव बना रहता है।

3-यदि किसी स्त्री के नाखूनों पर सफेद व काले रंग के धब्बें हो, वह स्त्री अपने पति से झगड़ा करने वाली एंव कुर्तक करने वाली होती है। इनका दिमाग तेज होता है,परन्तु इस्तेमाल गलत दिशा में करती है। ये अपने सास व श्वसुर का सम्मान भी नहीं करती है।

आपके हाथ में ही लिखा है क्या बनेंगे धन कुबेर?
कुछ लोग ऐसे होते है जिन पर लक्ष्मी जन्म से ही खुश रहती है। ऐसे लोगों के पैसों से जुड़े काम कभी नही रूकते हैं। इन लोगों को पता भी नहीं होता है कि इन पर लक्ष्मी मेहरबान हैं। ऐसे लोग किस्मत के धनी होते हैं क्योंकि खुद लक्ष्मी इनके हाथों में लिख देती है। बस जरूरत है तो उसे पढऩे की। क्या आपके हाथ में लिखा है? अगर लिखा है तो जानें कैसे पढ़ें…

अगर हथेली को ध्यान से देखे तो पर उसमें कई रेखाएं मिलकर ऐसे चिन्ह से बनाती है जिनसे पता चल जाता है कि लक्ष्मी आप पर मेहरबान रहेगी। इन चिन्हों में से कुछ चिन्ह जैसे त्रिशूल, कमल, स्वातिक, हाथी चिन्ह और तराजू जैसे चिन्ह बने होते हैं।ये चिन्ह आने वाले सुनहरे भविष्य की ओर इशारा करते हैं। ऐसे लोग बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं।

तराजू का चिन्ह- ज्योतिष में इस निशान को बहुत ही शुभ कहा गया है। इस निशान का होना यह बताता है कि आप पर देवी लक्ष्मी की कृपा है। यह निशान हाथ में लक्ष्मी योग बनाता है जिससे आपको काफी धन और सुख सम्पत्ति मिलती है।

त्रिशूल का चिन्ह- त्रिशूल का चिन्ह हथेली में होना बहुत ही शुभ होता है। त्रिशूल का निशान सामुद्रिक ज्योतिष के अनुसार यह जिस पर्वत पर होता है वह पर्वत काफी फलदायी होता है। यह निशान मंगल पर्वत पर होने से शिवयोग बनता है जो परोपकारी ,धनवान, गुणवान एवं प्रतिष्ठा प्रदान करता है।

कमल का चिन्ह- कमल चिन्ह भी शुभ माना गया है, इसे भगवान विष्णु का चिन्ह कहा गया है। हथेली पर यह निशान विष्णु योग कहलाता है। जिनके हाथों में यह निशान होता है वे भाग्यवान और धनवान होते हैं ।

स्वास्तिक का चिन्ह- शास्त्रों में स्वास्तिक को शुभ चिन्ह के रूप में दर्शाया गया है। सामुद्रिक ज्योतिष के अनुसार जिनकी हथेली पर स्वास्तिक का चिन्ह होता है वे धन के मामलों में बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। अपनी हथेली को गौर से देखिये अगर आपकी हथेली पर भी यह चिन्ह तो समझ लीजिए की आप धनवान होंगे और दुनिया में काफी मान प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे ।

हाथी का चिन्ह- हाथी का निशान शुक्र पर्वत पर होने से ब्रह्म योग बनता है जिनके प्रभाव से व्यक्ति ज्ञानी, बुद्धिमान, होता है। इन्हे धन की कभी कमी नहीं होती है।
उंगलियों पर बने सीप से जानिये व्‍यक्ति के बारे में—

भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है, सामुद्रिक शास्त्र, जिसके द्वारा व्‍यक्ति के शारीर के विभिन्न अंगो की सरंचना के आधर पर फलकथन कहने की रीति प्रचलित है। इसी सामुद्रिक शास्त्र के द्वारा नारद आदि महर्षियों ने मनुष्यों के जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त तक की सभी बातों को जान लिया करते थे। इस शास्त्र में मुख्यतः दो विषय होते हैं।

सामुद्रिक शास्त्र। आज हम बतायेंगे कि अंगुलियों पर सीप के आकार के निशान से व्‍यक्ति के जीवन पर कैसे प्रभाव पड़ते हैं।

1- यदि किसी जातक की अंगुलियों में 1 सीप हो तो, वह व्यक्ति राजा के समान के सुख का भोग करता है। ऐसे लोग अधिकतर राजनीति या प्रशासन से जुड़ होते है। इनका पारिवारिक जीवन सामान्य ही कहा जायेगा।

2- यदि किसी जातक की अंगुलियों में 2 सीप हो तो, ऐसे लोग अपने जीवन में निरन्तर संघर्ष करने के बावजूद भी परेशान रहते है। इनकी आर्थिक स्थिति 42 वर्ष के बाद ही उत्तम होती है।

3- जिस मनुष्य के हाथ की अंगुलियों में 3 सीप हो, ऐसे जातक धन, वैभव व सुख समृद्धि से सम्पन्न होते है। इन लोगों को अपने कैरियर के लिए भटकना नहीं पड़ता है।

4-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 4 सीप हो तो, ऐसे लोगों को समाजिक मान-सम्मान मिलता है तथा ये लोग अपनी जीविकोपार्जन के लिए शिक्षक, सलाहकार, क्लर्क या फिर योग शिक्षक का कार्य करते है।

5- जिस जातक के हाथ की अंगुलियों में 5 सीप हो, ऐसे मनुष्यों के जीवन में बीमारी का प्रकोप बने रहने के कारण ये लोग आर्थिक रूप से परेशान रहते है। इनका बड़ा पुत्र कुल का दीपक बनता है।

6-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 6 सीप हो तो, ऐसे लोग आर्थिक रूप से सम्पन्न रहते है, परन्तु इनका वैवाहिक जीवन तनाव भरा रहता है। ये लोग प्राइवेट जाॅब में भी सफल हो सकते है।

7-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 7 सीप हो तो, इन लोगों के जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति कई बार आती है। ये लोग सामाजिक कार्यो में अपना धन अत्यधिक व्यय करते है जिसके फॅलस्वरूप इन्हे धन की समस्या बनी रहती है।

8- जिस मनुष्य की अंगुलियों में 8 सीप हो तो, वह लोग अपने कार्यो से शीघ्र ही प्रसिद्ध पा लेते है। ये लोग कभी-कभी अत्यधिक भावुकता के कारण ठगे भी जाते है।

9-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 9 सीप हो तो, वह लोग केन्द्र या राज्य से धन कमाते है। जैसे- प्रशासनिक अधिकारी, सांसद, विधायक, मन्त्री या राज्यपाल आदि पद से सुशोभित होते हैं।

10- जिस जातक की अंगुलियों में 10 सीप होती है, वह लोग अपनी जीविकोपार्जन के लिए दूसरों पर आश्रित होते है तथा इनका अधिकतर भाग्योदय विवाह होने के पश्चात ही होता है। ये अपने समय का प्रबन्धन न कर पाने के कारण अधिकतर परेशान रहते हैं।
क्‍या आपकी उंगलियों पर चक्र बने हैं?
भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है, सामुद्रिक शास्त्र, जिसके द्वारा व्‍यक्ति के शारीर के विभिन्न अंगो की सरंचना के आधर पर फलकथन कहने की रीति प्रचलित है। इसी सामुद्रिक शास्त्र के द्वारा नारद आदि महर्षियों ने मनुष्यों के जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त तक की सभी बातों को जान लिया करते थे। इस शास्त्र में मुख्यतः दो विषय होते हैं।

1-यदि किसी जातक की अंगुलियों में एक चक्र का निशान हो तो, वह मनुष्य चालाक तथा अवसर को भुनाने वाले होते है। ऐसे जातक अपने निहित स्वार्थ के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते है।

2- यदि किसी जातक की अंगुलियों में 2 चक्रों के निशान हो तो, ऐसे लोग सुन्दर, गुणवान, तथा समाज में प्रशंसा के पात्र होते है। इन लोगों को तमाम भौतिक वस्तुओं का सुख प्राप्त होता है।

3-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 3 चक्रों के निशान हो तो, ऐसे मनुष्य अपना अधिकतर समय भोग-विलास में व्यतीत करते है। इनका पारिवारिक जीवन दुःखमय बना रहता है।

4-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 4 चकोर निशान हो तो, वह व्यक्ति अपने कार्यो में निरन्तर संघर्ष करते है, परन्तु उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं हो पाती है। ऐसे लोग अपने जीवन में कई बार अपमान भी सहते है। इन लोगों का 50वर्ष के उपरान्त ही समय अच्छा होता है।

5-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 5 चकोर के निशान हो तो ऐसे लोग अपनी विद्वता से समाज का कल्याण करते है। जैसे- सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, अधिवक्ता, कथावाचक आदि होते है।

6-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 6 चकोर के निशान हो तो, वह लोग बौद्धिक होते है। ऐ अच्छे पद पर आसीन होकर सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करते है, परन्तु इनका दाम्प्तय जीवन दुःखमय रहता है।

7-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 7 चकोर के निशान हो तो, ऐसे लोग पहाड़ों की खूब यात्रा करते है तथा अपने साहस व पराक्रम के बल से शीघ्र ही अपने लक्ष्य को को प्राप्त कर लेते है। ऐ लोग यात्राओं से भी धन कमाते है।

8-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 8 चकोंर के निशान हो तो, वह लोग मेहनत तो अत्यधिक करते है, परन्तु उनको सफलता न के बराबर ही मिलती है। ये लोग निम्नकोटि का कोई भी कार्य न करें तो बेहतर होगा।

9-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 9 चकोर के निशान हो तो, ऐसे लोग उच्च पद को प्राप्त कर सुखमय जीवन व्यतीत करते है। ये लोग समाज में कुछ ऐसा कार्य भी करते है जिससे इनको पुरस्कार मिलते है।

10-यदि किसी जातक की अंगुलियों में 10 चकोर के निशान हो तो ऐसे लोग राजा के समान जीवन व्यतीत करते है। ये लोग राज्य के सलाह, मन्त्री, सेनापति, राज्यपाल या मुख्यमन्त्री होते है।
आपकी उंगलियों पर कितने शंख बने हैं?
भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है, सामुद्रिक शास्त्र, जिसके द्वारा व्‍यक्ति के शारीर के विभिन्न अंगो की सरंचना के आधर पर फलकथन कहने की रीति प्रचलित है। इसी सामुद्रिक शास्त्र के द्वारा नारद आदि महर्षियों ने मनुष्यों के जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त तक की सभी बातों को जान लिया करते थे। इस शास्त्र में मुख्यतः दो विषय होते हैं। 1- लक्षण, 2- रेखा।

समुद्रिक शास्त्र के द्वारा शरीर के विभिन्न लक्षणों के आधार पर व्‍यक्ति के बारे में आंकलन किया जा सकता है जैसे- मनुष्य के हाथों की अंगुलियों में शंख, चक्र, व शीपी जैसे आकार देखे जाते हैं। इन लक्षणों के द्वारा भविष्य कथन भलीभांति किया जा सकता है। आज हम आपको शंख के बारे में बतायेंगे।

1-यदि किसी मनुष्य की अंगुलियों में एक शंख हो तो वह व्‍यक्ति उच्च शिक्षा ग्रहण कर अच्छे पद पर आसीन होता है तथा सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते है।

2- जिस व्यक्ति की अंगुलियों में 2 शंख बने हों तो वह जातक कठिन परिश्रम से ही किसी वस्तु की प्राप्ति कर पाता है तथा उसका जीवन सामान्य ही कहा जायेगा। ऐसे लोग दूसरों पर आश्रित होकर अपना जीवन व्यतीत करते है।

3- यदि किसी व्यक्ति की अंगुलियों में 3 शंख होते है तो वह मनुष्य स्त्रियों के प्रति विशेष आशक्त रहता है तथा अपनी आमदनी का शत-प्रतिशत भाग भौतिक वस्तुओं पर व्यय करता है। ऐसे जातक क्लर्क, सेक्रेटरी या पीआरओ आदि बनते हैं।

4- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 4 शंख होते है, वह व्यक्ति राजा के तुल्य सुख भोगता है तथा समाज में सम्मान पाता है। ऐसे जातक परिवार के कुलदीपक कहलाते है। ऐसे लोग विधायक, सांसद, मन्त्री आदि पद से सुशोभित होते है।

5- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 5 शंख होते है, वह अपनी प्रभुता से समाज के अधिकतर लोगों के दिलों पर राज करता है तथा अपनी जीविकोपार्जन के लिए जल की यात्रा करता है एंव उसी से सम्बन्धित कार्य भी करता है।

6- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 6 शंख होते है, वह मनुष्य अपनी विद्वता से समाज का मार्गदर्शन करता है। ऐसे जातक ज्योतिषी, धर्म उपदेशक, आध्यात्मिक गुरू आदि होते है।

7- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 7 शंख होते है, वह व्यक्ति आर्थिक विपन्नता से ग्रसित रहता है। इन लोगें के सन्तान उत्पत्ति के फॅलस्वरूप ही जीवन में कुछ हालात बेहतर होते है। ऐसे जातकों की स्त्रियां काफी संघर्षशील मानी जाती है।

8- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 8 शंख होते है, वह लोग अपनी मेहनत के बलबूते सुखी जीवन व्यतीत करते है। यह लोग अपने सम्बन्धों की वहज से शीघ्र ही उच्चतम शिखर पर पहुंच जाते है।

9- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 9 शंख होते है, वह व्यक्ति स्त्री प्रकुति का होता है एंव उसके सारे कार्य महिलाओं को आकर्षित करने वाले होते है तथा महिलायें इनका भरपूर सहयोग भी करती है। इन लोगों का 40 वर्ष के बाद समय अच्छा आता है।

10- जिस जातक के हाथों की अंगुलियों में 10 शंख होते है, वह लोग आईएस, पीसीएस, प्रमुख सचिव आदि उच्च पद पर आसीन होकर सुखमय जीवन व्यतीत करते है। ऐसे लोगों के जीवन में 45 वां वर्ष काफी पीड़दायक साबित हो सकता हो सकता है।

छोटी सी पर कमाल की रेखा है ये, क्या आपके हाथ में भी हैं?
हस्तज्योतिष से हम किसी का भविष्य ही नहीं बल्कि यह भी बता सकते हैं कि कोई व्यक्ति अपने फिल्ड में कितना सफल रहेगा। हाथों में कुछ महत्वपूर्ण बड़ी रेखाओं के अलावा कई ऐसी छोटी रेखाएं भी होती हैं जो हमारे स्वभाव और भविष्य पर गहरा असर डालती हैं। जिस हाथ में ऐसी रेखाएं होती है वो लोग हर जगह से पैसा बना लेते हैं।

इस तरह के हाथ वाले लोग हर जगह अपनी सक्सेस से लोगों को प्रभावित करते हैं। आज हम ऐसे ही हाथ वालों के बारें में बात कर रहे हैं। इनके हाथ में कुछ नन्ही रेखाएं ऐसी होती है जो इनको हर जगह सक्सेस दिलाती है।

हाथ में कहां होती है और क्या असर करती है ये रेखाएं?

ये रेखाएं बुध पर्वत (कनिष्ठा यानी चिपटी अंगुली के नीचे का क्षेत्र) पर छोटी-छोटी खड़ी रेखाएं होती हैं। आइये जानते हैं कि ये रेखाएं किस तरह जीवन को प्रभावित करती हैं।

जिस व्यक्ति के हाथ में ऐसी रेखांए होती हैं वो हर चीज से पैसा बनाने वाला होता है। ऐसा आदमी बड़ा काम करने वाला होता हैं। जितनी ज्यादा रेखाएं होती हैं उतना ज्यादा शुभ फल देने वाली होती है। ऐसे लोग अपने फिल्ड में बहुत नाम कमाते हैं। ऐसे लोग बहुत बुध्दिमान होते हैं और वैज्ञानिक प्रवृति के होते हैं। ये लोग अपनी गलतियों को बहुत सफाई से छुपा लेते हैं। शोध करने में इनकी गहरी रुचि होती हैं। दोहरे व्यक्तित्व वाले और अपने परिवार को खुश रखने वाले होता हैं।

स्‍त्री की छाती और उसका व्‍यक्तित्‍व—-
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री की छाती देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है।
1-जिस स्त्री के छाती पर हल्के बाल हों, वह स्त्री अनेक पुरूषों के साथ रमण करने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां अपने परिवार व पति के प्रति छल-कपट करने में संकोच नहीं करती है। ये झूठ बोलने में भी माहिर होती है। इन्हे दिखावे में ज्यादा विश्वास होता है।

2- जिस स्त्री की छाती उंची व पुष्ट हो, वह स्त्री अनेक प्रकार के सुखों को भोगने वाली होती है एंव धनधान्य व ऐश्वर्य से परिपूर्ण होती है। ऐसी स्त्रियां अपने पति को सुख देने वाली होती है। समाजिक कार्यो में भी इनकी रूचि होती है।

3- यदि किसी स्त्री की छाती नीची व लटकी हुयी हो, वह स्त्री जिस परिवार में जाती है वहां पर दरिद्रता आने की आशंका रहती है। ऐसी स्त्रियां अपने पति से हमेशा झगड़ा करने वाली मानी जाती है। इनकी अपनी स्वतंत्र विचारधारा होती है।

4- जिस स्त्री की छात्री चैड़ी होती है, वह स्त्री साहसी, अहंकारी व क्रोधी स्वभाव वाली होती है। ये परिवार पर अपना सिक्का चलाने का प्रयास करती रहती है। ये प्रत्येक कार्य अपने स्वहित के लिए ही करती है।

5- जिस स्त्री की छाती लाल रंग की या फिर एकदम काले रंग की होती है, वह स्त्री सुन्दर व अधिक पुत्रों को जन्म देने वाली होती है। ये सांसरिक छल-प्रपंचो से दूर रहना ही पसन्द करती है। ये अपने कार्यो के द्वारा सबको खुश रखने का प्रयास करती है।

6- जिस स्त्री की छाती आगे की ओर झुकी हुयी हो, वह उस स्त्री के अधिक भाई-बहन होने की सम्भावना होती है। ये स्त्रियां अपने पति की सेवा करने में तत्पर रहती है।

7- यदि किसी स्त्री की छाती अन्दर की ओर दबी हुयी हो, वह स्त्री कड़क स्वभाव वाली तथा रोगी होती है। ऐसी स्त्रियां धन के मामलें में काफी चालाक होती है। ये अपने करियर को लेकर काफी सजग रहती है।
4-यदि किसी स्त्री के नाखून सामान्य लाल रंग के तथा सुन्दर हो, वह स्त्री भौतिक जगत के तमाम सुखों का भोग करने वाली होती है। ऐसी स्त्रियों के पति उच्चकोटि के व्यावसायी या राजनेता होते है। ये अधिक शिक्षित होने के कारण स्‍वयं भी उच्च पद को प्राप्त कर लेती है।

5-यदि किसी स्त्री के नाखून खुरदरे व बेढ़गे हो, वह स्त्री क्रोधी, तेज-तर्रार, चालाक व अधिक बातें करने वाली एंव हिंसक प्रकृति की होती है। ऐसी स्त्रियों का पति काफी समझदार व उदार प्रकृति का होता है। स्पष्टवादी व्यवहार से अधिकतर लोग इनके विरोधी बन जाते है। ये प्रत्येक कार्य को जल्दबाजी में करती है जिसके कारण कभी-कभी हानि भी उठानी पड़ती है।
– आपकी छोटी अंगुली यानी लिटिल फिंगर के नाखून पर छोटा दाग जब होने लगे तो आपको समझना चाहिए आपको धन लाभ और सफलता मिलने वाली है और आपके सोचे हुए काम पूरे होने वाले है।

– पहली अंगुली पर भी सफेद दाग होना अच्छा माना जाता है इससे ये इशारा होता है कि आपको सोचे हुए काम में फायदा मिलने वाला है।

– अंगुठे पर होने वाले सफेद दाग प्यार में मिलने वाली सफलता की और इशारा करते हैं।

– अगर आपके अंगूठे पर अस्थायी सफेद दाग है तो आपको पहले ही सावधान हो जाना चहिए क्योंकि इस इशारे का मतलब होता है वासना में अंधे होकर आपको बदनामी का सामना करना पड़ सकता है।

– अगर आपके हाथ की अंगुली के नाखुन की जड़ में चंद्रमा जैसा आकार बने तो आपको अचानक धन लाभ होने के भी योग बनेंगे साथ ही आपको मशीनरी से भी लाभ होगा।

– ऐसे लोगों को अचानक धन लाभ होता है। इनके जीवन का एक समय ऐसा आता है जब इन्हे हर तरह का सुख मिलता है।
– यदि हाथ की ये छोटी अंगुली असाधारण लम्बी दिखाई दे तो ऐसा व्यक्ति बुद्धिजीवी होता है और उसमें दूसरों को प्रभावित करने की विशेष क्षमता होती है।
– हाथ की छोटी अंगुली अगर रिंग फिंगर के बराबर होती है तो ऐसा व्यक्ति विशेष प्रतिभा वाला होता है और अपनी प्रतिभा के दम पर विश्वविख्यात होता है।
– यदि यह अंगुली बहुत ज्यादा छोटी हो तो वह दूसरों के मर्म को बहुत जल्दी समझ जाते है।

स्‍त्री के गाल देखकर जानिये उसके बारे में—-
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के गाल देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है।

1- जिस स्त्री के हॅसते समय अधिक फूल जायें, उस स्त्री को 35 वें वर्ष के आस-पास विधवा होने की आशंका रहती है। ऐसी स्त्रियों का जीवन हमेशा मेहनत करने में ही व्यतीत होता है। 50 वर्ष की आयु के पश्चात ही इन्हे सुख की प्राप्ति होती है।

2- जिस स्त्री के हॅसते समय गालों में गडढे या डिम्पल पड़ते हो, वह स्त्री तेज-तर्रार, विवेकवान, जल्दी-जल्दी बालने वाली तथा अपनी बुद्धि व क्रिया-कलापों से सबके ह्रदय में जल्द ही अपना स्थान बना लेती है।

3- जिस स्त्री का दाहिना गाल छोटा हो, उस स्त्री के पति की मृत्यु पहले होती है। इनमे कोमलता के साथ-साथ साहस भी होता है।

4-यदि किसी स्त्री का बायां बाल छोटा हो, उस स्त्री की मृत्यु अपने पति से पहले होती है। ऐसी स्त्रियाॅ बहुत शालीन स्वभाव की और काफी मिलनसार होती है।

5- जिस स्त्री के गाल आवश्यकता से अधिक नीचे लटके हुये हो, वह स्त्री अपने सास, श्वसुर व देवर के लिए अशुभ मानी जाती है। इनकी खाद्य पदार्थो के प्रति विशेष रूचि हो ती है।

6- जिस स्त्री के बायें गाल पर काला तिल हो, वह स्त्री बुद्धिमान, शिक्षा में विशेष रूचि रखने वाली एंव सौन्दर्यता के प्रति इनका विशेष लगाव रहता है।

7- जिस स्त्री के दाहिने गाल पा काला तिल हो, वह स्त्री धनवान, वैभवशाली, एंव चरित्रवान होती है। ऐसी स्त्रियां अपनी आवश्यकताओं को नियन्त्रण में रखने वाली होती है। इन्हे भौतिक जगत की तमाम वस्तुओं का सुख भी प्राप्त होता है।

स्‍त्री के होठ बतायेंगे उसका व्‍यक्तित्‍व—-
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के नाक देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है। लखनऊ के ज्‍योतिषाचार्य पं. अनुज के शुक्‍ला महिलाओं के दांतों के अनुरूप स्त्रियों की प्रकृति के बारे में बतायेंगे।

1- जिस स्त्री के होंठ काले रहते हो, वह स्त्री बुद्धिमान, पढ़ने में तेज, अधिक वार्तालाप करने वाली, तेज तर्रार व अपने पति की सेवा करने वाली होती है। ऐसी स्त्रियों की तार्किक क्षमता काफी बलवती होती है।

2- जिस स्त्री के होंठ मोटे हो, वह स्त्री झागड़ालू प्रवृति की होती है तथा इनके स्वभाव में हमेशा तीखापन बना रहता है। ये अपने तुनकमिजाज के कारण सबसे घुलमिल नहीं पाती है जिसके कारण कभी-कभी तनाव ग्रस्त भी हो जाती है।

3- यदि किसी सत्री के होंठ एकदम सुर्ख लाल रंग के हो, वह सुन्दर एंव बुद्धिमान पुत्रो को जन्म देने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां ग्रह कार्यो में काफी दक्ष मानी जाती है। यदि ये अधिक शिक्षा ग्रहण कर लें तो इनमें अहंकार की भावना भी बलवती हो जाती है।

4- जिस स्त्री के होंठो पर हल्के महीन बाल हों, वह ऐसी स्त्रियां विश्वासघात करने वाली होती है। ये दूसरों से अपना कार्य करवाने में माहिर होती है। ये काफी जिददी स्वभाव की भी होती है।

5- जिस स्त्री के होंठ के नीचे हल्के महीन बाल हो, वह स्त्री अपने सास, श्वसुर की सेवा करने वाली तथा अपने पति प्रसन्न करने वाली होती है। ये कलात्मक कार्यो में काफी निपुण मानी जाती है। पहाड़ो की यात्रा करना इनका विशेष शौक होता है।

6- यदि किसी स्त्री के होंठ बहुत पतले एंव हल्के लाल रंग हो, वह स्त्रियां बहुत महत्वाकांक्षी होती है। ये अपने कैरियर के प्रति काफी सजग एंव सकारात्मक रहती है। पति के प्रति काफी लगाव एंव सहानुभूति रखने वाली होती है।

स्‍त्री के दांत भी बताते हैं उसका व्‍यक्तित्‍व—
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के दांत देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है।
1- जिस स्त्री के आगे के दो दांत बड़े हो, वह स्त्री चालाक, तेज तर्रार, क्रोधी, झगड़ालू तथा पति को अपने अधिकार में रखने वाली होती है। इनके पति की आयु अल्पायु होती है तथा ये अपनी सन्तान से ही सुख पाती है।

2- जिस स्त्री के दांत दूर-दूर हो अथवा बिरले हो, वह स्त्री अनेक पुरूषों से सम्बन्ध रखने वाली व्यभिचारिणी प्रकृति की होती है, परन्तु इनका विवाह उच्च कुल होता है।

3- यदि कोई स्त्री रात को सोते समय अपने दांतों को किटकिटाये तो उसे असुभ माना जाता है। ऐसी स्त्रियों को पेट के रोग हमेशा बने रहते है परन्तु ये सुन्दर व सुशील बच्चों को जन्म देती है।

4- यदि किसी स्त्री के दांत मोतियों के समान चमकीले पंक्तिबद्ध हो तो, वह महिला सुन्दर, सुशील, गुणवान व शिक्षा में अधिक रूचि रखने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां कभी अवसर मिलने पर कुछ बिरले कार्य भी कर देती है।

5- जिस स्त्री के दांत पीले रहते हो, उस स्त्री के सन्तान होने की कम ही सम्भावना होती है परन्तु ऐसी स्त्रियां संबंधों के मामलें में काफी मिलनसार होती है।

6- जिस स्त्री के दांत बुहुत छोटे-छोटे होते है, वह स्त्री सुंदर, बुद्धिमान तथा हॅसमुख स्वभाव की होती है। यह दूसरे व्यक्तियों का पीठ पीछे मजाक भी उड़ाया करती है। खाद्य पदार्थो के प्रति इनका विशेष लगाव रहता है।

7- जिस स्त्री के दांतों से बदबू आती हो, ऐसी स्त्रियां आलसी प्रकृति की होती है तथा इन्हे मांसाहारी भोजन विशेष रूचिकर लगता है। ये दूसरों में दोष निकालने में भी माहिर होती है। इन्हे दिन में सपने देखने की भी आदत होती है।
स्‍त्री की नाक भी बताती है उसका व्‍यक्तित्‍व—-
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के नाक देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है।
1-जिस स्त्री की नाक लम्बी होती है। वह अधिक पुत्रों को जन्म देने वाली तथा बुधिमान होती है। कभी-कभी ऐसी स्त्रियां अपने क्रोध पर काबू न पाने के कारण बड़ी से बड़ी मुसीबत में पड़ जाती है।

2-यदि किसी स्त्री की नाक मोटी हो, तो वह स्‍त्री सौम्‍य स्‍वभाव की होती है। ऐसी महिलायें सामाजिक व पारिवारिक रूप से अधिक मिलनसार होती है।

3-जिस स्त्री की नाक चपटी होती है, वह शिक्षित होने के बावजूद भी अनपढ़ों जैसी बाते किया करती है परन्तु ये स्त्रियां अपने बच्चों का पालन पोषण बहुत अच्छे तरीके से करती है।

4- यदि किसी स्त्री की नाक का अग्र भाग हमेशा लाल रहता हो तो, वह स्त्री शारीकिरक रूप से निरन्तर परेशान रहती है। लेकिन ये स्त्रियां अपनी मधुर वाणी व कार्यो के कारण बहुत ही जल्दी सबकी चहेती बन जाती है।

5- जिस स्त्री की नाक के बायीं तरफ तिल हो, वह अपने पति से प्रेम करनी वाली तथा परिवार के प्रति समर्पण के भाव रखती है। इन्हे नौकरी भी मिलने की सम्भावना रहेती है।

6- जिस स्त्री की नाक के दायीं तरफ तिल हो, वह स्त्री सुन्दर, सौभाग्यशाली व सुन्दर पुत्र को जन्म देने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां अपने मायके पक्ष से काफी मजबूत मानी जाती हैं।

7- जिस स्त्री की नाक के अग्रभाग पर तिल हो, वह स्त्री धनवान, पुत्रवान, सौभाग्यवान तथा अनेक कलाओं की जानकार होती है। ऐसी स्त्रियां यदि नौकरी करती है तो वह उच्च पद को शीघ्र ही प्राप्त कर लेती है।

8- जिस स्त्री की नाक तोते के समान होती है, उस स्त्री की वाणी में मधुरता होती है तथा घरेलू कार्यो में काफी दक्ष होती है। ऐसी स्त्रियों को परिवार का सुख व सहयोग हमेशा मिलता रहता है।
आंखों ही आंखों में जानिये स्‍त्री का व्‍यक्तित्‍व—
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के कान देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है।
1. यदि किसी महिला के नेत्र अधिक लालिमा लिए हों तो वह स्त्रियां झगड़ालू, क्रोधी व पति के लिए घातक सिद्ध होती हैं।

2. जिस महिला के नेत्र चंचल या इधर-उधर देखती रहती हो ऐसी स्त्रियां व्यभिचारिणी प्रकृति की होती हैं परन्तु उनका विवाह अच्छे कुल में होता है वह बहुत ज्यादा किसी से उम्मीद न रखे अन्यथा धोखा मिलने की आशंका रहती है।

3. जिस महिला के नेत्र पीले हो वह माता-पिता के नाशक होती हैं तथा उसे पेट रोग से हमेशा दिक्कत बनी रहती है।

4. जिस महिला के नेत्र गोल हो वह स्‍त्री मांसाहारी व तेज-तर्रार होती है परन्तु अपने गुणों के कारण समाज में मान-सम्मान पाती है। ऐसी स्त्रियां सम्बन्धों के मामले में काफी सक्रिय होती हैं।

5. पूरे भूर रंग की आंखों वाली महिलायें झूठ बोलने वाली होती है तथा अपने सास-ससुर की सेवा नहीं करती हैं। ऐसी महिलाएं काफी चालाक होती हैं।

6. यदि किसी महिला के नेत्र छोटे होते है वह अपने पति की बात न मानने वाली तथा परिवार में विघटन करने वाली होती है। ऐसी महिलाएं प्रत्येक रिश्तों को स्वार्थ की वजह से चलाती हैं।

7. जिस स्त्री की पलकी सदैव नीचे की ओर झुकी होती हैं वह स्त्री सौभाग्यवती व सुन्दर पुत्र को जन्म देने वाली होती है। ऐसे महिलाएं अपने परिवार को आगे बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

8. जिस महिला के नेत्र लम्बे व कान की तरफ बढे हुए हो वह महिला लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं। ऐसी स्त्रियां अपने कर्मो के द्वारा परिवार में सुख व समृद्धि लाती हैं।

9. जिस महिला के नेत्र सफेद रंग के होते हैं ऐसी महिला विदुषी तथा सरकारी नौकरी करने वाली होती हैं। इनका पारिवारिक जीवन अच्छे तरीके से व्यतीत होता है।

10. जिस स्त्री की पलकें बड़ी तथा आंखें काली होती हैं ऐसी स्त्रियां जिस क्षेत्र में जाती हैं उस क्षेत्र में प्रसिद्धि और सम्मान पाती हैं। ऐसी महिलाओं का पारिवारिक व सामाजिक जीवन बेहतर तरीके से व्यतीत होता है।

सिर्फ सुनते नहीं कुछ कहते भी हैं स्‍त्री के कान—
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी स्‍त्री के कान देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है। लखनऊ के ज्‍योतिषाचार्य पं. अनुज के शुक्‍ला महिलाओं के कान के अनुरूप स्त्रियों की प्रकृति के बारे में बतायेंगे।

1. यदि किसी स्‍त्री के कान लम्बे हों तो वह पति के लिए घातक होती है, तथा परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न करती है।

2. छोटे कान वाली स्त्रियां सौभाग्यशाली, पति लाभदायक तथा परिवार के साथ सामन्जस्य बिठाकर चलने वाली होती हैं। यदि ऐसी स्त्रियां नौकरी करेंगी तो वे उच्च पद तक पहुंचती हैं।

3. अधिक छोटे कानों वाली स्त्रियां सौभाग्यशाली तथा अपने पति के सुख-दुख में सहभागिता करके सहयोग करती हैं। परिवार के सभी सदस्यों के साथ परस्पर मेल-जोल बनाये रखती हैं।

4. चौड़े कानों वाली स्त्रियां पूरे परिवार का विखण्डन करने में माहिर होती हैं। तथा वह अपने वैवाहिक जीवन में भी उथल-पुथल बनाये रखती हैं।

5. जिन स्त्रियों के कान उठे हुये होते है वह स्त्रियां अखिक बोलने वाली व बुद्धिमान प्रकृति की मानी जाती हैं। वे अपने परिवार को जल्दी विखरने नहीं देती हैं।

6. जिने स्त्रियों के कान का नीचे वाला हिस्सा लम्बा व पतला होता है ऐसी स्त्रियां राज्य की अधिकारी तथा दूसरों शासन करने वाली होती हैं। उनमें तर्क-वितर्क की अद्भुत क्षमता होती है।

7. यदि किसी स्‍त्री की कान लालिमा लिए तथा छोटे हों वह स्त्रियां कानून के क्षेत्र में जैसे अधिवक्ता, न्यायधीश, कानून मंत्री आदि पद से सुशोभित होती हैं।
कैसे पढ़ते हैं स्‍त्री के माथे को?
सामुद्रिक शास्‍त्र, भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख अंग है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में आंकलन कर सकते हैं। आज हम बतायेंगे कि किसी स्‍त्री के माथे की लकीरें कैसे पढ़ी जाती हैं।

1- जिस स्त्री का सिर आवश्यकता से अधिक मोटा या फिर बड़ा हो, उस महिला को विधवा होने की आशंका रहती हैं। ऐसी स्त्रियाॅ अपने जीवन में ज्यादा संघर्ष करती है।

2- यदि किसी स्त्री का सिर अत्यधिक छोटा होता है, वह दुर्भाग्यशाली होती है तथा अपने जीवन को लेकर तनाव ग्रस्त रहती है। सन्तान होने के पश्चात उनका समय अच्छा आता है।

3- यदि किसी स्त्री का सिर अत्यधिक चैड़ा हो तो, वह महिला सदैव रोगों से परेशान रहती है। इनका पति समझदार व सेवाभाव से परिपूर्ण होता है। इनका स्वभाव कठोर होता है, परन्तु ये दिल की अच्छी होती है।

4- जिस स्त्री का सिर सामान्य होता है, ऐसी महिलायें सास,ससुर व पति की सेवा करने वाली तथा सामाजिक मान-सम्मान पाने वाली होती है। ये स्त्रियां सरकारी नौकरी भी कर सकती है।

5- जिस स्त्री के सिर के बीच में गडढा हो या फिर दबा हुआ हो, वह महिलायें धन, वैभव व सुखी जीवन व्तीत करने वाली होती है परन्तु ऐसी स्त्रियों का अनेक पुरूषों से सम्बन्ध भी हो सकता है।

6- जिस स्त्री का सिर आगे से उठा हुआ होता है, वह महिलायें भाग्यशाली, तीक्षण बुद्धि वाली एंव विदुषी होती है। ऐसी स्त्रियां अपने परिवार को आगे बढ़ाने में सहायक होती है।

7- जिस स्त्री का सिर चपटा हुआ होता है, वह महिलायें तेज, चंचल, अधिक बोलने, चालाक व अपना काम निकालने वाली होती है। इन स्त्रियों को यदि उचित अवसर मिल जाये तो शीघ्र ही उच्च मुकाम को हासिल कर लेती है परन्तु अपने परिवार की सेवा नहीं कर पाती है।

8- जिस स्त्री के मस्तक पर चन्द्र बना होता है, वह महिलायें सब प्रकार के सुखों को भोगने वाली तथा पतिव्रता, उच्च पद एंव राजनीति में निपुण होती है।

3 thoughts on “आइये जाने क्या कहता हें…सामुद्रिक(हस्तरेखा) शास्त्र (विज्ञानं)…आपके बारे में..

  1. सोनू

    यदि किसी के बायें हाथ में दिमाग रेखा और जीवन रेखा डॅालफिन का निर्माण करती हो?

  2. Anguthe ke nichle pore pr kamal yaa shunkh or hathi v trishul ka chinha .nd jivan rekha ko bhagya rekha kat ti ho or ant me machh rekha ho .and shukra pr til ho to.sbhi chinho ko pic sahit ankit kre

    1. समय मिलने पर में स्वयं उन्हें उत्तेर देने का प्रयास करूँगा… यह सुविधा सशुल्क हें… आप चाहे तो मुझसे फेसबुक./ऑरकुट पर भी संपर्क/ बातचीत कर सकते हे.. —-पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री मेरा कोंटेक्ट नंबर हे—- MOB.—- —-0091-09669290067(MADHYAPRADESH), —–0091-09039390067(MADHYAPRADESH), ————————————————— मेरा ईमेल एड्रेस हे..—- – vastushastri08@gmail.com, –vastushastri08@hotmail.com; ————————————————— Consultation Fee— सलाह/परामर्श शुल्क— For Kundali-2100/- for 1 Person…….. For Kundali-5100/- for a Family….. For Vastu 11000/-(1000 squre feet) + extra-travling,boarding/food..etc… For Palm Reading/ Hastrekha–2500/- —————————————— (A )MY BANK a/c. No. FOR- PUNJAB NATIONAL BANK- 4190000100154180 OF JHALRAPATAN (RA.). BRANCH IFSC CODE—PUNB0419000;;; MIRC CODE—325024002 ====================================== (B )MY BANK a/c. No. FOR- BANK OF BARODA- a/c. NO. IS- 29960100003683 OF JHALRAPATAN (RA.). BRANCH IFSC CODE—BARBOJHALRA;;; MIRC CODE—326012101 ————————————————————- Pt. DAYANAND SHASTRI, LIG- 2/217, INDRA NAGAR ( NEAR TEMPO STAND), AGAR ROAD, UJJAIN –M.P.–456006 –

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s