किन बातों का रखें ध्यान/ख्याल की हो संतान/पुत्र की प्राप्‍ति ? मनपसंद संतान प्राप्ति के उपाय/उपचार/तरीके..01

प्रश्न ज्योतिष में संतान योग (Santan Yogas In Prashna Astrology)

गृहस्थ जीवन की फुलवारी में बच्चे फूल के समान होते हैं. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब उचित योग बनता है जब संतान प्राप्ति की संभावनायें अधिक होतीं है.
पति पत्नी अगर संतान के इच्छुक हैं और उन्हें यह सुख नहीं मिल रहा है तो प्रश्न ज्योतिष के अनुसार प्रश्न कुण्डली से देख सकते हैं (One can look for progeny related Yogas in the Prashna Kundali) कि उन्हें यह सुख कब प्राप्त होने की संभावनायें हो सकती हैं

गर्भावस्था के योग (Yogas for Pregnancy)
प्रश्न कुण्डली में लग्न और पंचम में शुभ ग्रह हो (If there is a benefic planet in the Ascendant and the fifth house) तो स्त्री गर्भवती होती है. सप्तमेश और पंचमेश लग्न या पंचम स्थान मे हो तब भी स्त्री गर्भवती होती है. लग्न,पंचम एवं एकादश स्थान मे शुभ ग्रह हो (A benefic planet is in the Ascendant, 11th or 5th) तो स्त्री के गर्भावती होने की सम्भावना बनती है. शुक्र, लग्न अथवा पंचम भाव मे स्थित हो अथवा दृष्टि डालता हो तो गर्भधारण की सम्भावना होती है. पंचम भाव मे लग्नेश और चंद्र गर्भावस्था को सूचित करता है. प्रश्न के समय पंचम भाव मे और एकादश भाव मे शुभ ग्रह स्थित हो तो स्त्री गर्भावती होती है. लग्न मे बुध (Mercury in the Ascendant indicates pregnancy) यह संकेत देता है कि स्त्री गर्भवती है.

संतान शीघ्र होगा या विलम्ब से (Combinations for delayed or early child-birth)
प्रश्नकर्ता को शीघ्र संतान होगी यदि लग्नेश का कार्येश के साथ संबध हो (If there is a realtionship between the lagna-lord and the karya-lord the child will come early). इसी प्रकार लग्नेश पंचम भाव मे या पंचमेश लग्न मे या दोनो लग्न मे, पंचम भाव मे अथवा किसी शुभ भाव मे संयुक्त रुप से हो तो संतान सुख शीघ्र प्राप्त होता है. दूसरी ओर यदि लग्नेश और पंचमेश नक्त योग मे हो तब संतान प्राप्ति मे विलम्ब होता है।

जुड़वा बच्चो का जन्म (Astrology Yogas for birth of twins)
बच्चो के जन्म से संबन्धित प्रश्न मे शुभ ग्रहो द्वारा द्विस्वभाव लग्न जुड़वा बच्चो का संकेत देता है (Ascendant of a dual sign indicates twin children). द्विस्वभाव राशि अथवा नवांश मे स्थित चन्द्र , शुक्र अथवा मंगल, बुध से दृष्ट होने पर भी जुड़वा बच्चो की सम्भावना होती है. यदि ये ग्रह विषम भाव और द्विस्वभाव राशि मे स्थित है तब दो पुत्र होने का योग बनता है.

स्वस्थ बच्चे का जन्म
(Birth of a healthy child)

लग्न, स्वराशि अथवा उच्च राशि मे पंचमेश, चन्द्र अथवा शुभ ग्रह स्वस्थ बच्चे के जन्म का संकेत देते है (Well placed benefic planets indicate healthy child). इसी प्रकार जब पंचमेश चन्द्र अथवा शुभ ग्रह पंचम भाव मे स्थित हो अथवा पंचम भाव को देखते हो तो यह माना जाता है की स्वस्थ बच्चे का जन्म होगा. शुभ ग्रहो से दृष्ट द्वादशेश अथवा चन्द्र केन्द्र मे हो तब भी स्वस्थ बच्चे के जन्म की सम्भावना बनती है. शुक्ल पक्ष के दौरान पूछे गए प्रश्न मे यदि द्वादश भाव मे शुभ ग्रहो के साथ चन्द्र हो तब भी बच्चा स्वस्थ जन्म लेता है.

बच्चा गोद लेना (Adopting Child)
पंचम भाव पूर्व पुण्य अथवा पिछले जीवन के शुभ कर्मो का भाव है. यदि पंचम भाव मे बुध या शनि हो तो बच्चा गोद लेने की सम्भावनाएं होती है (If there is Mercury or Saturn in the fifth lord, there are chances of adoption). प्रश्न कुण्डली के अष्टम भाव में अगर नवमेश शनि स्थित हो तो वह दशम दृष्टि से पंचम को देखता है जिससे बच्चा गोद लेने की संभावना बनती है.

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