क्या कहती हैं..अन्ना हजारे की जन्म कुंडली—-

क्या कहती हैं..अन्ना हजारे की जन्म कुंडली—-

74 साल के अन्ना हजारे ने जब से दूसरी क्रांति की हुंकार भरी है केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। हजारे को अनशन पर बैठने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। परिस्थितियां कुछ ऐसी बन गई हैं जो फिर से अंग्रेजों की याद ताजा कर रही हैं। पहले भी सत्याग्रह को कुचल दिया जाता था, सो आज भी वही हो रहा है। आखिर सरकार क्यों डर रही है सशक्त लोकपाल के आने से…! वर्तमान में गांधीवादी अन्ना की कुंडली में सूर्य बहुत मजबूत है। युवा वर्ग भी उनके समर्थन में पूर्ण रूप से रहेगा। लेकिन सरकार की ओर से इस समर्थन का विरोध होगा जिसके कारण उन पर आपत्ति आएगी। साथ ही शांति भंग होने का डर भी रहेगा। कुंडली में स्थित चंद्र की स्थिति से भी अन्ना को भारी बहुमत में समर्थन मिलेगा। सरकार को उनके आगे घुटने टेकने पड़ेंगे। अन्ना के सितारे बुंलदी पर होने के कारण बाहरी (अन्य पार्टियों से तथा अंदरूनी) समर्थन भी मिलेगा। इस वजह यह आंदोलन सप्ताह भर तक जमे रहने की उम्मीद है और इसी बीच कोई दूसरा रास्ता भी निकलने की संभावना है। अन्ना की पत्रिका में राहु अच्छी जगह बैठा होने के कारण उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और अनशन में कोई परेशानी नहीं होगी। किरण बेदी के साथ हो जाने के कारण अन्ना को और भी ज्यादा समर्थन की उम्मीद बढ़ जाती है। परंतु कुछ अधिकारियों के विरोध में आने की संभावना है।

किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके ग्रहों का बहुत बड़ा योगदान होता है तो आइए देखें क्या कहते हैं अन्ना हजारे के सितारे : –

किसी भी व्यक्ति के वर्तमान को जानने के लिए चन्द्र कुण्डली व गोचर ग्रह ही प्रभावी माने जाते हैं। आपका जन्म 15 जून 1937 को सिंह चन्द्र लग्न में हुआ। लग्न सिंह होने से अभी आपका प्रभाव बढ़ेगा और सिंह की तरह आप दहाड़ते नजर आएंगे। आपकी कुंडली के ग्रहों की स्थिति के अनुसार जो ख्याति लाला लाजपतराय, जयप्रकाश नारायण, आचार्य विनोबा भावे को मिली है वही अन्ना को भी मिलेगी। अन्ना का यह अभियान जनता के बीच उन्हें एक ऐसे स्थान पर ला खडा़ करेगी और जो गांधीजी के समान होगा। कहना गलत न होगा कि अन्ना आज के महात्मा गांधी कहलाएंगे। कम से कम ग्रह तो यही बताते हैं। लग्न का स्वामी लाभ एकादश भाव में होने से आप जिस भी क्षेत्र में हाथ डालेंगे उसी क्षेत्र में सफलता मिलेगी। लाभ भाव एकादश व द्वितीय वाणी भाव का स्वामी दशम राज्य भाव में होकर अति मित्र राशि वृषभ में होने से सरकार को नाकों चने चबवाने में आप समर्थ होंगे, साथ में केतु के होने से इस संघर्ष में अन्ना सफल होंगे। इधर मंगल व शुक्र में राशि परिवर्तन राजयोग होने से आप जननायक के तौर पर उभरेंगे और सरकार से भी टकराने के कारण और प्रभावी तरीके से अपनी बात कहने से इन्हें ख्याति मिलेगी। पंचमेश विद्या व अष्टमेश आयु भाव का स्वामी गुरु नीच का होकर वक्री है वहीं शनि भी गुरु की मीन राशि में होकर अष्टम भाव में होने से आपकी आयु लंबी होगी व तात्कालिक रूप से कोई खतरा नजर नहीं आता, लेकिन दशमेश अग्नि तत्व की राशि मेष में होने से राज्य पक्ष यानी सरकार की ओर से खतरा हो सकता है। अतः इन्हे सावधानी रखना होगी। इधर भाग्य का स्वामी भी वक्री होकर तृतीय भाव में तुला राशि पर है जो उत्तम स्थिति नहीं दर्शाता है। अभी चन्द्र लग्न से शनि में मंगल का अंतर चल रहा है जो उत्तम नहीं है, सावधानी तो रखना ही होगी। गोचर में शनि की स्थिति कन्या में होकर सप्तम दृष्टि से जन्म के समय पर बैठे शनि पर दृष्टि डाल रहा है जो ठीक नहीं है। गुरु जरूर भाग्य से मेष राशि पर गोचर भ्रमण कर रहा है जो लाभदायक रहेगा। सरकार बहुत ही मुश्किल से झुकती नजर आएगी लेकिन आम जनता का सहयोग रहा तो आप सफल होंगे। कुल मिलाकर अन्ना भी महान भारतीय जननायकों की फेहरिस्त में शामिल हो सकते हैं। यदि पांच दिन में यह आंदोलन समाप्त‍ नही होता है तो अन्ना को मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ सकता है अधिकतर निर्णय अन्ना (लोकपाल बिल) के पक्ष में जाएंगे, क्योंकि आगामी पांच दिनों तक अन्ना के ग्रह जोरों पर रहेंगे। इस वजह से आम जनता का पूरा समर्थन मिलने से अण्णा के आंदोलन में भाग्य की पूर्ण मजबूती दिखाई दे रही है। यह एक ऐतिहासिक आंदोलन बनकर देश के लिए कोई नया रंग लाएगा। लोकपाल बिल देश की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने वाली प्रणाली है इसमें नेताओं और अधिकारियों की भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही भारत को एक नया उजला सबेरा मिलेगा। इससे भारत को भ्रष्‍टाचार से मुक्ति मिलने की गहरी उम्मीद है।
74 साल के अन्ना हजारे ने जब से दूसरी क्रांति की हुंकार भरी है केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। हजारे को अनशन पर बैठने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। परिस्थितियां कुछ ऐसी बन गई हैं जो फिर से अंग्रेजों की याद ताजा कर रही हैं। पहले भी सत्याग्रह को कुचल दिया जाता था, सो आज भी वही हो रहा है। आखिर सरकार क्यों डर रही है सशक्त लोकपाल के आने से…! वर्तमान में गांधीवादी अन्ना की कुंडली में सूर्य बहुत मजबूत है। युवा वर्ग भी उनके समर्थन में पूर्ण रूप से रहेगा। लेकिन सरकार की ओर से इस समर्थन का विरोध होगा जिसके कारण उन पर आपत्ति आएगी। साथ ही शांति भंग होने का डर भी रहेगा। कुंडली में स्थित चंद्र की स्थिति से भी अन्ना को भारी बहुमत में समर्थन मिलेगा। सरकार को उनके आगे घुटने टेकने पड़ेंगे। अन्ना के सितारे बुंलदी पर होने के कारण बाहरी (अन्य पार्टियों से तथा अंदरूनी) समर्थन भी मिलेगा। इस वजह यह आंदोलन सप्ताह भर तक जमे रहने की उम्मीद है और इसी बीच कोई दूसरा रास्ता भी निकलने की संभावना है। अन्ना की पत्रिका में राहु अच्छी जगह बैठा होने के कारण उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और अनशन में कोई परेशानी नहीं होगी। किरण बेदी के साथ हो जाने के कारण अन्ना को और भी ज्यादा समर्थन की उम्मीद बढ़ जाती है। परंतु कुछ अधिकारियों के विरोध में आने की संभावना है।

किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके ग्रहों का बहुत बड़ा योगदान होता है तो आइए देखें क्या कहते हैं अन्ना हजारे के सितारे : –

किसी भी व्यक्ति के वर्तमान को जानने के लिए चन्द्र कुण्डली व गोचर ग्रह ही प्रभावी माने जाते हैं। आपका जन्म 15 जून 1937 को सिंह चन्द्र लग्न में हुआ। लग्न सिंह होने से अभी आपका प्रभाव बढ़ेगा और सिंह की तरह आप दहाड़ते नजर आएंगे। आपकी कुंडली के ग्रहों की स्थिति के अनुसार जो ख्याति लाला लाजपतराय, जयप्रकाश नारायण, आचार्य विनोबा भावे को मिली है वही अन्ना को भी मिलेगी। अन्ना का यह अभियान जनता के बीच उन्हें एक ऐसे स्थान पर ला खडा़ करेगी और जो गांधीजी के समान होगा। कहना गलत न होगा कि अन्ना आज के महात्मा गांधी कहलाएंगे। कम से कम ग्रह तो यही बताते हैं। लग्न का स्वामी लाभ एकादश भाव में होने से आप जिस भी क्षेत्र में हाथ डालेंगे उसी क्षेत्र में सफलता मिलेगी। लाभ भाव एकादश व द्वितीय वाणी भाव का स्वामी दशम राज्य भाव में होकर अति मित्र राशि वृषभ में होने से सरकार को नाकों चने चबवाने में आप समर्थ होंगे, साथ में केतु के होने से इस संघर्ष में अन्ना सफल होंगे। इधर मंगल व शुक्र में राशि परिवर्तन राजयोग होने से आप जननायक के तौर पर उभरेंगे और सरकार से भी टकराने के कारण और प्रभावी तरीके से अपनी बात कहने से इन्हें ख्याति मिलेगी। पंचमेश विद्या व अष्टमेश आयु भाव का स्वामी गुरु नीच का होकर वक्री है वहीं शनि भी गुरु की मीन राशि में होकर अष्टम भाव में होने से आपकी आयु लंबी होगी व तात्कालिक रूप से कोई खतरा नजर नहीं आता, लेकिन दशमेश अग्नि तत्व की राशि मेष में होने से राज्य पक्ष यानी सरकार की ओर से खतरा हो सकता है। अतः इन्हे सावधानी रखना होगी। इधर भाग्य का स्वामी भी वक्री होकर तृतीय भाव में तुला राशि पर है जो उत्तम स्थिति नहीं दर्शाता है। अभी चन्द्र लग्न से शनि में मंगल का अंतर चल रहा है जो उत्तम नहीं है, सावधानी तो रखना ही होगी। गोचर में शनि की स्थिति कन्या में होकर सप्तम दृष्टि से जन्म के समय पर बैठे शनि पर दृष्टि डाल रहा है जो ठीक नहीं है। गुरु जरूर भाग्य से मेष राशि पर गोचर भ्रमण कर रहा है जो लाभदायक रहेगा। सरकार बहुत ही मुश्किल से झुकती नजर आएगी लेकिन आम जनता का सहयोग रहा तो आप सफल होंगे। कुल मिलाकर अन्ना भी महान भारतीय जननायकों की फेहरिस्त में शामिल हो सकते हैं। यदि पांच दिन में यह आंदोलन समाप्त‍ नही होता है तो अन्ना को मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ सकता है अधिकतर निर्णय अन्ना (लोकपाल बिल) के पक्ष में जाएंगे, क्योंकि आगामी पांच दिनों तक अन्ना के ग्रह जोरों पर रहेंगे। इस वजह से आम जनता का पूरा समर्थन मिलने से अण्णा के आंदोलन में भाग्य की पूर्ण मजबूती दिखाई दे रही है। यह एक ऐतिहासिक आंदोलन बनकर देश के लिए कोई नया रंग लाएगा। लोकपाल बिल देश की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने वाली प्रणाली है इसमें नेताओं और अधिकारियों की भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही भारत को एक नया उजला सबेरा मिलेगा। इससे भारत को भ्रष्‍टाचार से मुक्ति मिलने की गहरी उम्मीद है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s